शर्म आती है इस देश के नेताओं और चमचे पत्रकारों पर

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23 मार्च 2011, स्थान- भारत का संसद, प्रतिभागी-देश के उत्कृष्ट सम्मानित सांसद, प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, मौका- संसद के नियम 193 के तहत विकिलीक्स मामले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर चर्चा, वक्त की सुइयों ने 11 के कांटे को स्पर्श किया और नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज ने बहस की शुरुआत की.

आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ. सुषमा जी ने प्रधानमंत्री की तरफ निशाना साधते हुए मन को मोहने वाले मनमोहन सिंह से कुछ शायराना अंदाज़ में मुखातिब हुईं....और .और एक सवालिया शेर मनमोहन की तरफ उछल दिया. मजमून कुछ इस तरह का था "तू इधर-उधर की ना बात कर, बता की काफिला कहा लुटा"...और बहस का सिलसिला आगे बढ़ चला...एक-एक वक्‍तव्‍यों पर हमारे टीवी चैनल ब्रेकिंग न्यूज़ की बड़ी बड़ी प्लेट चला रहे थे. हर वक्‍तव्‍य पर मीडिया कुछ इस तरह रियेक्‍ट कर रही थी जैसे आरोप-प्रत्यारोप के बदले संसद में मिसाइल चल रहे हों.

खैर, ये तो मीडिया वालों की मजबूरी है. टीआरपी लानी है, चैनल के मालिक को दिखाना है की जी हम नंबर 1 हैं. खैर बहस का सिलसिला आगे बढ़ता गया और बारी आई देश के सबसे भोले भाले सरदार की, जिन्हें कुछ पता नहीं होता. आज वो भी कुछ रंग में थे. मिजाज़ उनका भी शायराना था. सुषमा जी तरफ मुखातिब होते हुए उन्होंने ने भी कुछ इस तरह एक शेर दगा... माना की तेरी दीद के काबिल नहीं हूँ मैं....पर तू मेरा शौख देख, मेरा इंतज़ार तो कर... इकबाल की लिखी ये पंक्तियां शायद मनमोहन जी को किसी ने लिख कर दिया होगा. खूब तालियाँ बजी. हर खबरिया चैनल में जैसे भूचाल आ गया. भागम दौड़ मच गई, संपादक से ले कर ट्रेनी तक सरदार की पढ़ी इस शेर पर अपने विचार और उदगार व्यक्त करने लगे.

देश की भोली भाली जनता को इस शेर के मायने समझाने लगे. भोली-भली जनता टीवी से नज़र गड़ाए टीवी पर ज्ञान बांटते तथाकथित पत्रकारों के ज्ञान सुनती रही और टीवी वालों को टीआरपी मिलती रही. पूरे दिन हंगामा चलता रहा पर किसी भी देशभक्त चैनल को ये याद नहीं आया कि आज शहीद दिवस है और आज के ही दिन आज़ादी के दीवाने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने देश पर अपनी जान कुर्बान कर दी थी, लेकिन आज उसी देश में अपने को पत्रकार और विद्वान कहलाने वाले बेशर्मी की हदें पार कर रहे थे. जहां बेहूदे शेरो-शायरी के लिए उनके पास वक़्त ही वक़्त था, वहीं आज़ादी के दीवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए उन के पास चंद लम्हें भी नहीं थे. शर्म आती है इस देश के नेताओं और चमचे पत्रकारों पर.

श्रीनिवास पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं.


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Comments (8)Add Comment
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written by girishkesharwani raipur chhattisgarh , March 26, 2011
श्रीनिवास जी आप पत्रकारिता से जुड़े हैं अच्छी बात है, पर मै आपको याद दिलाना चाहूंगा तेईस मार्च को किसी चैनल को तो नहीं लेकिन p7 न्यूज़ चैनल ने देश के तीनों अमर शहीदों को याद करते हुए पुरे आधे घंटे का स्पेशल पैकेज चलाया था | आपको देश की पत्रकारिता पर शर्म करने के पहले अपनी याददास्त दुरुस्त कर लेनी चाहिए |
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written by अनाम, March 25, 2011
सर जी क्या आपने आठ बजे एनडीटीवी इंडिया देखा था। विनोद दुआ लाइव में विनोद जी ने अपने प्रोग्राम की शुरुआत ही शहीदों की याद से की। शहीदों की लिखी हुई लाइनों को उल्लेख किया और डॉक्टर गौहर रज़ा से बातचीत की। रज़ा साहब ने शहीद भगत सिंह पर एक फिल्म बनाई है।
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written by Rashbihari dubey, March 25, 2011
behuda dalal hian ye log.
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written by Shridhar, March 25, 2011
sharm to is desh ki janta par aani chahiye, jo main bhi hoon aur aap bhi ho. jo is tarah ke channels dekhte hain, maze lete hain. jo aise channels dekhte hain jinka maksad janta ka dhyan asli maslon se hataana hai. Yesh saari nautanki hai. Congress, BJP, Left sab ek hi thaili ke chatte-batte hain. Media ke log bhi is nautanki me hissedar hain.
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written by Rakesh Singh, March 25, 2011
बिलकुल सही कहा आपने.पहले के नेताओं में माता का 'ता' होता था और अब के नेताओं में जूता का 'ता' लगा है.यानी पहले के नेता जहाँ पूजनीय होते थे,अब जूता खाने के लायक हैं.और आज के अधिकाँश पत्रकार...छि:..ये नेता और पत्रकार की मिलीभगत ने ही राष्ट्र को बर्बाद कर रखा है.
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written by Tilak chawla, March 25, 2011
shri niwas ji aap ney joo bhi likaa khob likaa ...... lakin Patarkar aab mahaaz chatukaar ki bumikaa may hi hay ........malab TRP sey hay chahey sheela ki jawani dikay , yaa muni koo badnam karkey rakhi kaa chumaan par do- chaar gahnte kaa SPL. janta kay samney parose dey ... malab sirf T.R.P sey hay .......Tho Patarkaroo kaa chola pahney yeh Chatukaar BHAGAT SINGH , SHUKDEV , RAJGURU ki shaddat ko kya pahchaney gay..........?
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written by Tilak chawla , March 25, 2011
shri niwas ji aap ney joo bhi likaa khob likaa ...... lakin Patarkar aab mahaaz chatukaar ki bumikaa may hi hay ........malab TRP sey hay chahey sheela ki jawani dikay , yaa muni koo badnam karkey rakhi kaa chumaan par do- chaar gahnte kaa SPL. janta kay samney parose dey ... malab sirf T.R.P sey hay .......Tho Patarkaroo kaa chola pahney yeh Chatukaar BHAGAT SINGH , SHUKDEV , RAJGURU ki shaddat ko kya pahchaney gay..........?
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written by priyanka, March 25, 2011
shukra hai kisi ko shahidoo ki yaad to aayi.... warnaa aajkal cricket aur gandii raajniti ke alaawaa naa to kahi kuch dikhtaa hai aur naa hi sunnee ko miltaa hai.

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