मेरी अमेरिकी यात्रा और पत्रकारों से मिलने की खुशी

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डा. नूतन ठाकुरअपने साथियों के सहयोग से मुझे अमेरिका जाने का सौभाग्य मिल रहा है, वह भी पूरे राजकीय खर्चे पर. मैं इस यात्रा के लिए विशेष रूप से हमलोगों के बहुत पुराने साथी और मेरे भाई की तरह उत्कर्ष सिन्हा जी और पूर्व में इंडियन एक्सप्रेस में पत्रकार रहीं और वर्तमान में विमेन इश्यू पर काम कर रही अलका पाण्डेय जी की शुक्रगुजार हूँ, जिनके कारण मैं इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकी.

मेरा कार्यक्रम करीब बीस दिनों का होगा जिसमें पब्लिक एडमिनिस्ट्रेटर, एनजीओ मैनेजर, राजनेताओं और पत्रकारों से संपर्क होगा और उनके माध्यम से अमेरिका को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा. इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य ही यही है कि अमेरिका की शासकीय व्यवस्था को उनकी सम्पूर्णता में समझा जाए.

लेकिन जिस बात की मुझे सबसे अधिक खुशी हो रही है वह यह कि इस यात्रा के दौरान मुझे कई सारे नामचीन अमेरिकी पत्रकारों और पत्रकार संगठनों के भी संपर्क में आने का अवसर मिलेगा. इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में जिन लोगों और संस्थाओं से मैं रूबरू होउंगी उनमें सबसे पहली मुलाकात इंटरनेशनल सेंटर फोर जर्नलिस्ट (आईसीएफ़जे- वेबसाई http://www.icfj.org/) की पूर्व अध्यक्ष तथा सीएनएन की पूर्व कॉरेस्पोंडेंट एइलीन ओ’कॉनर्स से होगी.

उनसे 7 अप्रैल को वाशिंगटन डीसी में मुलाकात होगी. हमारा समूह उनके साथ मुख्य रूप से एक मजबूत और स्वतंत्र प्रेस के रास्ते में आने वाले अवरोधों पर चर्चा करेगा. आईसीएफ़जे का मिशन प्रेस के माध्यम से शासन को ईमानदार, जिम्मेदार, पारदर्शी बनाए रखना तथा सत्यपरक और महत्वपूर्ण समाचारों का प्रेषण बताया जाता है और यह संसार के प्रमुख पत्रकार संगठनों में है, जिसमे भारत समेत पूरी दुनिया के बहुत सारे सहयोगी हैं.

9 अप्रैल को हम मीआमी हेराल्ड की कॉलमनिस्ट जैकी बुएना सुसा से मिलेंगे जो “क्वालिटी ऑफ लाइफ” पर नियमित रूप से लिखा करती हैं और जिन्होंने खास कर शासन में करप्शन के ऊपर अपना ध्यान केंद्रित रखा है. वे अपने पाठकों से नियमित रूप से समाज को जीने के लिए बेहतर जगह बनाने के उद्देश्य से अपने विचार भेजने को प्रोत्साहित करती रहती हैं और उन विचारों में श्रेष्ठतम विचारों को अपने कॉलम ने स्थान भी देती रहती हैं.

13 अप्रैल को डल्लास मोर्निंग न्यूज़ के रिपोर्टर केविन क्रूसे से मुलाकात होगी, जिन्होंने डल्लास काउंटी कमीशन की मीटिंग की पहली बार हो रही वीडियोटेपिंग को कवर किया था. 22 अप्रैल को हमारी मुलाक़ात किम बार्कर से होगी जो वर्तमान में काउन्सिल ऑफ फोरेन रिलेशंस में एडवर्ड मर्रो प्रेस फेलो हैं. वे इससे पूर्व शिकागो ट्रिब्यून की फोरेन कॉरेस्पोंडेंट थीं और लगभग पांच सालों तक भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर रिपोर्टिंग किया था. वे दक्षिणी एशिया और शिकागो के अपने अनुभवों के आधार पर पत्रकारिता में करप्शन पर अपना मत व्यक्त करेंगी.

इस तरह से मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि मैं अमेरिका की अपनी इस यात्रा के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र के कुछ बड़े लोगों से भी मिलूंगी और अमेरिकी पत्रकारिता के सम्बन्ध में सीधी जानकारी पा सकूंगी.

डॉ. नूतन ठाकुर

संपादक

पीपल’स फोरम, लखनऊ


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