राहुल गांधी से ऐसे घटिया जवाब की उम्मीद नहीं थी

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यशवंत सिंहराहुल जब दलित के घर जाकर रात में रुकते हैं, वो हीरो बनना नहीं था. राहुल जब यूपी की सड़कों पर गाड़ियों के काफिले के साथ यात्रा करते हैं तो वो हीरो बनना नहीं था. अन्ना हजारे अगर आमरण अनशन कर बैठे और भ्रष्टाचार के खिलाफ हल्लाबोल कर बैठे तो यह इसलिए कर बैठे क्योंकि वो हीरो बनना चाहते थे. बहत्तर वर्ष का आदमी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सार्थक बिल लाने की मांग करते हुए आमरण अनशन कर देता है और देश भर के लोगों को अपने साथ कनेक्ट कर लेता है, तो यह परिघटना राहुल को पच नहीं रहा.

अन्ना का ऐसा करना राहुल को बर्दाश्त नहीं, शायद अच्छा नहीं लगा. बर्दाश्त हो भी कैसे, गांधी नामधारी तो वे खुद हैं, गांधी के नाम को भुनाने वाले इकलौते वारिस तो वे खुद हैं, ऐसे में अगर कोई गांधी टोपी लगाए और गांधी जी को आदर्श मानने वाला अन्ना अवतरित हो जाए, परिदृश्य में आ जाए और जनसमर्थन पाकर हीरो बनता दिखे तो राहुल के पेट में मरोड़ स्वाभाविक है. तभी तो राहुल कह बैठते हैं कि वे भी भ्रष्टाचार से चिंतित हैं पर वे हीरो नहीं बनना चाहते इसलिए हल्ला नहीं मचाते. अरे राहुल भाई, बिलकुल डब्बा हो क्या, किसी डाक्टर ने कहा है कि हल्ला मत मचाओ, हीरो मत बनो. हीरो तो तुम्हारे पिता जी भी बने थे, दादी जी भी बनीं थीं, मां भी बनीं, दादा भी बनें, गांधी जी भी बने... हीरो बनने की परंपरा है अपने देश में और हीरो बनना खराब बात है, ये किसने कह दिया. सवाल केवल ये है कि किस तरह के हीरो बन रहे हो. कलमाडी व पवार टाइप हीरो बन रहे हो या चंद्रशेखर आजाद व भगत सिंह टाइप हीरो या महात्मा गांधी व जय प्रकाश नारायण टाइप हीरो.

लेकिन... राहुल को तो बयान देना था, मुंह खोलना था,,,, सो बयान दे डाला,,, मुंह खोल डाला.... लोग इस पर आह वाह करते हैं तो करते रहें.... नेहरु-गांधी खानदान के इस नवयुवक के बारे में क्या कहा जाए. उसे लगता है कि वह जंगल के एकांत में बैठकर चिंतन करेगा तो उसे भ्रष्टाचार से लड़ने का रास्ता सूझ जाएगा. परम भ्रष्ट लोगों की इस केंद्र वाली कांग्रेसी सरकार के वारिस माने जाने वाले राहुल से ऐसे बचकाने बयान की उम्मीद न थी. उन्हें शायद जनांदोलनों के बारे में नहीं पता. उन्हें शायद हाशिए पर पड़े लोगों की ताकत का अंदाजा नहीं. सत्ता के सुखों में पले बढ़े राहुल से किसी चमत्कार की जो लोग उम्मीद करते थे, उन्हें अब चिंतन करना चाहिए.

औरों की तरह मैं भी राहुल से प्रभावित था, थोड़ा बहुत, लेकिन अब नहीं हूं. राहुल में न सिर्फ अहम है बल्कि वे जनता के आदमी नहीं हैं. वे सत्ता के झूले पर झूलते हुए आंख मूंदते हैं और इस एकांत में देश चिंतन करते हैं और ऐसा करते करते उन्हें नींद आ जाती है और बड़े आसानी से अपने भक्तों को कनवींस कर लेते हैं कि वे दरअसल आंख इसलिए बंद किए थे क्योंकि वे देश के लिए चिंता कर रहे थे, चिंतन कर रहे थे.... और भक्त कह उठेंगे.. वाह प्रभु वाह.

राहुल में थोड़ी भी बुद्धि होती तो उन्हें जाकर अन्ना हजारे का चरण स्पर्श करना चाहिए. अन्ना हजारे की टीम में शामिल हो जाना चाहिए. राहुल में थोड़ी भी चेतना होती तो उन्हें अन्ना में अपने गांधी और नेहरु दिख जाते. लेकिन राहुल तिकड़मों से चल रही सरकार के युवराज हैं, सो, वे सत्ता मद से चूर हैं, भले इस मद का प्रदर्शन करने से भरसक बचने की कोशिश करते हों लेकिन इस बार जो बयान दिया है, उससे उनके मद का पता चलता है.

करप्शन के मुद्दे पर लंबे समय बाद चुप्पी तोड़ने वाले राहुल की बातों में राहुल का भविष्य दिखता है. वे देश पर गांधी नेहरु खानदान का वारिस होने, राजीव-सोनिया का पुत्र होने, युवा व आधुनिक होने के नाम पर किसी पांच साल राज कर सकते हैं, बतौर पीएम, और उसी पांच साल में देश की जनता का उनसे बचाखुचा मोह भी भंग हो जाएगा. क्योंकि राहुल जब अपनी कांग्रेस और अपने कांग्रेसियों को नहीं बदल पाए तो देश में क्या खाक बदलाव ले पाएंगे.

करप्शन के मुद्दे पर कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने अपनी चु्प्पी तोड़ते हुए जो बयान दिया है, उसका आधार बना है सुप्रीम कोर्ट पूर्व जज वी.आर. कृष्णा का एक पत्र. कृष्णा ने राहुल को पत्र लिखकर पूछा था कि देश पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हो चुका है, आखिर वो इस पूरे मामले में चु्प्पी क्यों साधे हुए हैं? आखिर उनके रहते अन्ना हजारे को भूख हड़ताल क्यों करनी पड़ रही है? सुप्रीम कोर्ट के इस पूर्व जज ने पत्र में राहुल गांधी पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुप बैठने का आरोप लगाया था. इसके बाद तिलमिलाये राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा है कि आम आदमी की तरह वो भी भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं, वो भी आम लोगों की तरह इस लड़ाई में शामिल हैं और भ्रष्टाचार को पूरी तरह से मिटाने में लगे हैं, लेकिन उन्हें हीरो नहीं बनना है इसलिए वो हल्ला नहीं मचाते हैं.

राहुल ने कहा कि सही सोच रखने वाले ज्यादातर देशवासियों की तरह मैं भी वैसा ही महसूस करता हूं जैसा आप करते हैं. अपना काफी समय मैं इस सड़े हुए सिस्टम को सुधारने की कोशिश में, इसे बेहतर बनाने के तरीके से सोचने में लगाता हूं. फर्क यह है कि आपकी तरह मैं शिकायतें करके या पत्र लिखकर मुक्त नहीं हो सकता. मैं चीजों को सचमुच बदलने की कोशिशों में जुटा हूं जो समय-समय पर अपनी भावनाएं प्रकट कर देने के मुकाबले ज्यादा कठिन है. अन्ना प्रकरण पर अय्यर ने राहुल के ऊपर उदासीनता का आरोप लगाया था तो राहुल ने अपने जवाब में कहा है कि मुझे पता है कि गांधी का भारत और नेहरू का भारत कैसा होगा? उसी को बनाने में जुटा हुं, आपकी तरह शिकायत करके या आरोप  मढ़ कर सिस्टम को सुधारा नहीं जा सकता है. और जहां तक मेरे हीरो बनने की बात है, मुझे उसमें कोई दिलचस्पी नहीं है.

पढ़ा आपने राहुल का जवाब. अब जरा राहुल से पूछिए कि क्या हीरो बनना गलत बात है. भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद शहादत देकर देश के लिए हीरो बने. इसमें क्या खराब था. इंदिरा गांधी बांग्लादेश को पाकिस्तान से अलग कर हीरो बनीं. इसमें क्या गलत था. हीरो खुद कोई नहीं बनता. हीरो जमाना बनाता है आपको आपके काम के आधार पर. अगर हीरो नहीं बनना तो राहुल क्यों कई तरह के पोलिटिकल गिमिक करते रहते हैं. पर यह सच नहीं है. राहुल ने सिर्फ शब्दों के प्रहार के जरिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज को चुप कराया है. राहुल अब भी इस सवाल का जवाब नहीं दे सके हैं कि वे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर इतने उदासीन क्यों हैं.

आखिर राहुल कैसे भ्रष्टाचार पर मुखर रह सकते हैं क्योंकि सारे भ्रष्टाचार तो उन्हीं की नाक के नीचे हो रहे हैं. कलमाडी, पवार, टूजी, कामनवेल्थ, महंगाई.... सारे के सारे घोटाले किसकी सरकार के हैं. राहुल गांधी से ऐसी उम्मीद न थी. लेकिन अच्छा है, राहुल ने अपनी पोल खुद खोल ली. उन्हें उनका एकांत चिंतन मुबारक. लेकिन वे यह नोट करके रख लें कि अगर उनका यही रवैया रहा और यही सोच रही तो भविष्य के भारत का जब इतिहास लिखा जाएगा तो राहुल गांधी का नाम सिवाय कांग्रेस खानदान के एक सामान्य उत्तराधिकारी के अलावा और किसी रूप में याद नहीं किया जाएगा.

उम्मीद है राहुल खुद को अपनी भ्रष्ट सरकार से अलग घोषित करेंगे और अपनी ही सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अभियान चलाएंगे और राष्ट्रपति से मनमोहन सरकार की बर्खास्तगी की मांग करेंगे क्योंकि मनमोहन सरकार ने जितना दुख दिया है इस देश को, शायद ही उससे पहले किसी ने ऐसा किया हो. घपलों और घोटालों का शहंशाह है यह कांग्रेसी सरकार और राहुल गांधी दुर्भाग्य से इसी सरकार के युवराज बने हुए हैं. उन्हें उनका भावी राजपाठ मुबारक, लेकिन वे जान लें कि राजनीति कोठियों में बनी तिकड़मों से देर तक नहीं चलती. राजनीति की निर्णायक दशा-दिशा जनता तय करती है और जनता धीरे धीरे जान और जाग रही है.

यशवंत

एडिटर

भड़ास4मीडिया

दिल्ली

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Comments (17)Add Comment
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written by s k singh gaur, April 20, 2011
the nation has forgotten so easily the dandi march of second gandhi,it looks yash ji,he[rahul] can not convince you by his so many deeply thought-over efforts for.. it is good that you were not at that time with your tools...to discredit him of his innermost [shown] feelings.as you are learning ,everyone needs time to learn.....according to burden....and parameters of the acceptor end......gandhi ji says in geeta-rahasya that one should be brahma-chari,should not have possesion and not stealing as important to know non violence or even deep truth......we learn slowly....then others too have option.....
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written by vidya bhushan, April 19, 2011
mai un logo se ek baat kahana chahunga jin logo ne RAHUL GANDHI ko farji ka hero bana rakha hai..agar unhe lagata hai ki rahul gandhi bahut accha politician hai to ek baar jake AMETHI dekh le.jaha se rahul MP hai.fir bolana.mai iiit allahabad ka student hu b.tech ka...hamara ek campus amethi me hai.piche saal vaha convocation hona tha jisame rahul gandhi aane wala tha.hume morning me 5 am bus se nikalana tha amethi k liye.us time mai bahut bada fan tha us bevkuf ka.Raat bhar jaga mai taki subah amethi ja saku aur usko dekhu aur sunu.bahut exitement tha mann me.fir morning me hum nikale aur jaise hi amethi me enter kiya vaha ka haalat dekh kar bahut gussa aaya aur mai convo me nahi gaya.hostel me jake mast soya.amethi me padhane wale baccho ki kami nahi hai but school ka condition bilkul bekar..lagata hai 20 saalo se vaha paint nahi hua.diwalo se cement jhad chuke hai.ye sare schools ka haal hai.sabase buri condition to vaha k govt college ka hai.ye rahul kuch karta nahi hai sirf garibo k ghar jake baith jata hai aur hamai bholi janta ko lagata hai ki masihaa aa gaya.vo sabase bada corrupt hai.kuch log to ye bhi kahate hai ki vo bechaare ko pata nahi uske niche wale sab galat karate hai.mai ye kahana chahta hu ki agar use pata nahi to kis baat ki jimmedari le raha hai ye..kaise desh chala sakata hai..usase better to mulayam singh aur mayawati hai kam se kam apane constituency ko to accha bana diya bhale jo kuch kiya ho aur jagah.is tarah agar sare politicians apne apne chetra thik se sudhar de to desh apne aap sudhar jayega.
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written by Prahlad, April 18, 2011
Bahut khoob.

Aapne Rahul ji ke sare kapde hi uttar diye. He is hero in underwear.
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written by anu, April 18, 2011
mere khyal se aap ke yeh niji ichar ho sakte hai,par satta ke guroor me aap ne shayad ek ASI rank ke police wale ke bete ko nahi dekha jo khud ko ssp ke bete se cum nahi samajhta. Rahul par dosh lagane se pehle jara jameen par dhyan se dekh kar baat kare. u he kisi ke baare me galat avdharna bana lena acchi baat nahi hai. rahul jis din prime minister banenge us din unki hukoomat dekh kar aisi baat kehna us se pehle nahi.
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written by satish singh, April 18, 2011
Mai aapki baaton se sehmat hu Lekinn is pure prakaran me Rahul ji ko ishe door rahna aur aisi baat karna thik nahi:rahul ji ka sab kuch dikhawa hain.
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written by murar, April 18, 2011
aana hai asle gandhi wade rahul hai gaadwadhi
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written by murar, April 18, 2011
aana hai asle gandhi wade rahul hai gaadwadhi
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written by Manish Jha, April 18, 2011
badhiya lekh hai. anna hazare prasann honge. unko bhi pata hoga ki bhadas bhrashtachar ke liye itna chintit hai. mujhe sandeh hai ki anna hazare ji ne bhrashtachar ke khilaaf apni muhim ki prerna yahi se prapt ki hogi. sadbuddhi bani rahe aur aap is desh ke hero banne ki parampara ko jiwit rakhne ke liye isi tarah mehnat karte rahe.
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written by Neeta, April 18, 2011
Yashwant Ji, Rahul Gandhi ko chahiye tha, vo intervene karte aur PM se gazatte notification khud lekar jantar mantar jaate aur apne hathe se juise pilakar Anna Hazare ka anshan khatm karate aur desh ko corruption se mukt karane ka vada karte to Desh me unki saakh badh jaati aur congress ki badnaami bhi kuch to kam ho jati. Lekin CWG ghotale me shunglu aayog ki report me unke bahnoi sahab ke kisse darj ho chuke hain, aisa jankar logon ka kahna hai. Abb vo kaise kah rahe hain ki vo system ko theek karne ki soch vichar me lage hain? Isi ke sath to priyanka ko aage laane ki bhavishya ki koi yojna bhi yahin fail ho gayi hai. Lagta to ye hai ki vo maal ko thikaane lagane ki soch vichar me lage hain. Yashwant ki ek baat tay ho chuki hai, Gandhi parivar ka ab koi member PM to kya minister tak nahi ban payega. Janta me unki pol khul chuki hai aur baki khud apne munh se bahar aa rahi hai.
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written by parkah c sharma, April 18, 2011
Sir ji Rahul ka bare likha accha hai lakin kaya fayada kyuki janta ka jamir mar chuka ek botal daru aur 100 rupeya ka liya vote bake date hai baad mae rote hai suna Rahul ji Iteline mam sae Sade karnae wale hai kaya ese bada proff kaya hoga ki yae log desh ka kitane karib hai, Rahi bat kala Bazari ki jo rahul ji khatam nahi kar paa rahi hai wada hi rahul ji sae sirf 6 month mae sare Ghotala khatam kar dunga, jab ma ek aam adami six month mae Ghotal ko khatam karne ka viswas de sakto hu to Rahul to pawer full adami hai wo kyu nahi kyuki wo karna nahi chati kyuki 50% to unka milta hai
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written by Indian citizen, April 17, 2011
सच सामने आ ही गया.. यह तो होना ही था..
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written by पंकज झा., April 17, 2011
सही एवं सटीक.
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written by abhishek purohit, April 17, 2011
अन्ना ने शादी नही की तब ही सारे राजनितिक द्लो से भिडने का साहस है शादी की होती तो....................
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written by मदन कुमार तिवारी , April 17, 2011
भाई यशवंत जी आपने उम्र रहते शादी कर ली , मैने भी कर ली । अन्ना साहब ने नही किया । राहुल की भी शादी नही हो पाई है । आप क्या चाहते कुंवारा रह जाये राहुल ? कुछ तो दया किजिये माई -बाप । अगर शादी नही हुई तो बुढापे मे गाना पडेगा " शाम लाल बुढवा पिटे कपार मोरा करम में जोरु नही " रह गई काला धन की बात तो भाई अगर अभी से बटोर कर नही रखेगा तो बाल बच्चे जब पैदा होंगे तो उनको विरासत में क्या मिलेगा । इसलिये बंधु करबद्ध प्रार्थना है लाखो युवा-युवतियों के दिल पर राज करने वाले मोस्ट वांटेड कुंवारा को तंग न करे ।
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written by Dheeraj, April 17, 2011
Baat kaafi had tak theek hai.Bahut hi saahas ka kaam kiya hai yashwant bhai.Anna hazaare,rahul gandhi,Baba Ramdev,BJP ya Congress ka to pata nahi lekin ye website jaruur ek din bhrasthachar ke khilaf bahut bada hathiyar saabit hogi.
Best of Luck
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written by KIRTI, April 17, 2011
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written by aryan, April 17, 2011
you are right .....mai aapki baaton se sehmat hu....aur really mai bhi rahul se prabhabhit tha lekin is pure prakaran me unka isse door rehna aur aisi baat bolna dikhata hai ki unki railliyan ....garib ke yaha khana .....vo mitti uthana sab dikhawa matr tha......thanks

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