इस सीडी की कीमत 50 लाख दो, वरना पोल खोल दूंगी

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एंकर बन हो सकती हो तुम कोई टेंशन नहीं... सर मेरा सपना है एंकर बनना... हां हां.. सपना देखना बुरा थोड़े है... जब तक हम सपने नहीं देखेंगे तो पूरा कैसे करेंगे...हैं.. और मीडिया वालों का तो काम ही सपना देखना और दिखाना है... वैसे काफ़ी टैलेंटेड हो तुम,  काफ़ी अच्छा काम कर लेती हो... देखा है मैंने...सर बस आपकी ही... हां..हां... कोई बात नहीं... क्या नाम है तुम्हारा... वाह... नाम के मुताबिक़ ही ख़ुबसूरत हो...

सर मैं समझी नहीं... अरे समझने की ज़रुरत भी नहीं है... क्या करोगी समझ के... मीडिया में ज़्यादा समझोगी तो कैसे काम चलेगा... हैं... नजरें झुका लीं उसने... अच्छा ये बताओ और क्या-क्या कर सकती हो... जी मैं.. मतलब नहीं समझी... मेरा मतलब है कि... देखो कल के दिन तुम एंकर बनती हो तो नाम होगा, बड़े-बड़े लोगों से मिलना जुलना होगा तुम्हारा... पैसा, शोहरत... कुछ समझीं... जी... पर... कुछ कम्‍प्रोमाइज़ करने पड़ते हैं यहां... जी... क्या... कमप्रोमाइज़... जी मैं समझी नहीं... सर मैं ऐसी लड़की नहीं हूं....मैंने कब कहा... पर सर... देखो हर लड़की यही कहती है... कुछ पाने के लिए कुछ खोना तो पड़ता है... तुम अच्छी तरह से जानती हो... अगर आगे जाना है तो... ये सब तो करना ही पड़ता है... आज नहीं तो कल... करना ही होगा... आगे तुम्हारी मरज़ी... तुम जा सकती हो...

बॉस के केबिन से बाहर निकल कर सहम सी गई वो... उसे मालूम ही नहीं था कि तरक्की की राह में ऐसा भी होता है... छोटे शहर की रहने वाली थी वो... बेहद खुबसूरत और आकर्षक, बोलती तो लगता कि उसकी बातें सुनते ही जाओ... मॉसकाम का कोर्स करने के बाद मीडिया में कैरियर बनाने को लेकर कुछ भी कर गुज़रने को तैयार थी... अपने सपनों को आकार देना चाहती थी... उसका मानना था कि अगर थोड़ी सी मेहनत कर ली जाए तो शायद नसीब भी बदल सकता है... कामयाबी भी हासिल की जा सकती हैं...

अगले दिन आफ़िस में घुसते ही... अरे मैडम आपको बॉस ने बुलाया है... सर हिलाकर रह गई... ओके... हां तो मिस... क्या सोचा आपने... आपको एंकरिंग करनी है कि नहीं... सर मैंने कहा ना कि मैं ऐसी लड़की नहीं हूं... अरे तुम समझती क्यों नहीं... मैं कब कह रहा हूं कि तुम ऐसी लड़की हो... अब हां... या ना में जवाब दो या फ़िर अपने सपनों को मरते हुए देख लो... छोटे शहर की हो... बड़े सपने ही क्यों देखती हो जब उन्हें पूरा न कर सको... अरे थोड़ा सा कम्प्रोमाइज़ करना ही पड़ता है... कितनी लड़कियां आई और गईं पर तुम्हारी बात ही और है...

ओके सर... मैं तैयार हूं अचानक ही जवाब दे दिया उसने... बॉस के चेहरे पर कुटिल मुस्कान छा गई... मानो उसने जंग जीत ली हो... बताइए सर कहां मिलना है... ये मैं आपको जल्दी ही बता दूंगा... तुम टेंशन मत लो और सुनो शाम को मेरी गाड़ी तुम्हें घर तक ड्राप कर देगी... अब टेंशन लेना छोड़ दो... बहुत आगे जाओगी तुम...

और फ़िर जल्द ही वो बड़ी एंकर बन गई... और फ़िर एक दिन... क्या बकवास कर रही हो तुम... जी सर... मैं सच कह रही हूं... एक बात और है... मैंने अपने और आपके संबंधों की सीडी की कई सारी कापियां करवा ली है... अब आप देखना कि छोटे शहर की ये लड़की क्या-क्या करती है... साम, दाम दंड,  भेद सब अपनाउंगी मैं... आख़िर आप से ही तो सीखा है... माई डियर सर... चलो अभी ज़्यादा नहीं फिलहाल इस सीडी की क़ीमत है 50 लाख... क्या.... मैंने कहा 1 करोड़... पसीने से लथपथ हो गया वो... अब एक काम करो जल्दी से मेरे एकांउट में 50लाख रुपए डाल दो और.....वरना ये सीडी दूसरे चैनल में चल जाएगी... और हां एक बात और मैंने पुलिस में भी रिपोर्ट लिखवा दी है कि अगर मुझे कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम होंगे... समझे...चलो अब जल्दी करो... मुझसे सब्र नहीं हो रहा... बधाई हो मैडम आप इतनी जल्दी इतने उंचे पद पर पंहुच गई... थैंक्स... उसके के चेहरे पर कुटिल मुस्कान थी...

लेखक इंतिखाब आलम अंसारी नोएडा में टीवी पत्रकार हैं.


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