भड़ास में भ्रामक खबर छपने से मेरी नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है : अतुल अग्रवाल

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सेवा में, श्री यशवंत सिंह, संपादक, भड़ास4मीडिया पोर्टल, विषय- इंडिया न्यूज़ चैनल और मेरे बारे में प्रकाशित ख़बर के संदर्भ में आपत्ति तथा निवेदन। सम्मानित महोदय, दिनांक 16 जुलाई, शनिवार को आपकी प्रतिष्ठित बेवसाइट भड़ास4मीडिया डॉट कॉम पर इंडिया न्यूज़ चैनल तथा मेरे बारे में जो भी तथ्य प्रकाशित हुए हैं वो सर्वथा असत्य और भ्रामक हैं।

ऐसी गलत ख़बरों से संस्थान की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इन सभी तथ्यों के प्रकाशन पर मैं अपनी आपत्ति दर्ज कराना चाहता हूं। इसके प्रकाशन से मेरी नौकरी पर ख़तरा मंडराने लगा है और व्यावसायिक तौर पर मेरा अहित हो रहा है। इसके चलते मेरे स्वास्थ्य पर भी गैर-ज़रूरी असर आयातित हो रहा है।

इस बात से आप पूर्ण-रूपेण सहमत होंगे कि किसी भी ख़बर में समाहित सभी पक्षों की प्रतिक्रिया को शामिल करते हुए उसका प्रकाशन अथवा प्रसारण होना चाहिए। जबकि इस प्रकरण में ऐसा नहीं हुआ। ना तो मुझसे, ना मेरे संपादक जी श्री रवीन ठुकराल जी से और ना ही हमारे संस्थान के किसी ज़िम्मेदार पदाधिकारी से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया हासिल की गई।

देखिए, आप स्वयं संपादक हैं। अपने संस्थान की बेहतरी के लिए नीति-निर्धारण करना और उनका क्रियान्वयन करना ये आपकी महती ज़िम्मेदारी है। हमारे संस्थान इंडिया न्यूज़ नेटवर्क में हमारे समूह संपादक श्री रवीन ठुकराल जी हैं। वो जिन नीतियों का निर्धारण करते हैं, पूरी निष्पक्षता एवं ज़िम्मेदारी से करते हैं। जहां ज़रूरी समझा जाता है वहां हम लोगों से भी सकारात्मक विचार-विमर्श किया जाता है और बाकायदा हम लोगों को बेबाकी से अपना पक्ष रखने की अनुमति भी होती है। ऐसा सौ फीसदी संस्थान के हित में किया जाता है। मैनें अपने संपादक श्री रवीन ठुकराल जी से बहुत कुछ सीखा है और सीख भी रहा हूं। वो ना सिर्फ पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं वरन इतने अर्से के बाद आज भी अद्भुत ऊर्जावान हैं। उनकी चपलता और चातुर्य देखकर कई दफा हम लोग हैरत में पड़ जाते हैं।

मैं पूरे होशो-हवास में यहां पर ये भी उल्लेखित करना चाहूंगा कि हमारे संपादक जी के साथ मेरे किसी भी प्रकार के मतभेद अथवा नाराज़गी की बातें पूर्णत: असत्य और कोरी बकवास हैं। वो मुझे और मेरे काम को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। उन्होने ने ही मुझे बिहार-झारखंड चैनल की ज़िम्मेदारी सौंपी थी और अगर हमारे चैनल ने अच्छा किया वो अकेले मेरे कारण से नहीं था। अकेला चना कभी भाड़ नहीं फोड़ सकता। टीवी पूरी तरह से टीम-गेम है और हर किसी की जी-तोड़ मेहनत का समग्र आउटपुट जो निकलता है, दर्शक उसे पसंद करता है।

पिछले दिनों रवीन सर कनाडा गए थे लेकिन वहां से भी वो लगातार स्काईप के ज़रिए वीडियो-कांफ्रेसिंग करते थे। हमें निर्देशित किया करते थे और दिन में दो-तीन बार हमारी रैग्युलर संपादकीय मीटिंग की अध्यक्षता किया करते थे। फोन पर हमें बारंबार समझाते थे कि कैसे हम और अच्छा कर सकते हैं। वो अच्छा करने पर खुलेआम हमारी तारीफ करते हैं और गलत अथवा कम अच्छा कर पाने पर सुधारात्मक कदम उठाते हैं। ये तो हर संस्थान में होता है और घर-परिवार में भी। इसीलिए अगर कोई इन बिंदुओं को 'तिल का ताड़' बनाने पर आमादा है तो ये जायज़ नहीं कहा जा सकता।

यशवंत जी, मैं आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि मैनें कई दफा अलग-अलग जगहों पर आपके लेख और उद्बबोधनों के सारांश पढ़े हैं। उनके आधार पर मैं ये जानता हूं कि आप अन्याय और नाइंसाफी के खिलाफ हरदम, हरवक्त डटे रहते हैं। आप अपने विचारों के प्रस्तुतिकरण में बेबाक और बेखौफ रहते हैं। साथ ही आप इस बात का भी विशेष ख्याल रखते हैं कि किसी पत्रकार बंधु का अहित ना होने पाए। लेकिन महोदय, इस भ्रामक ख़बर से मेरा और मेरे संस्थान का हित प्रभावित हो रहा है।

बंधुवर, शनिवार को रात्रि 20:45 पर हुई बातचीत के आधार पर मैनें आपके सहयोगी श्री अनिल सिंह से आपके दफ्तर में मुलाकात की थी। उनसे इस भ्रामक अटकल के बारे में विनम्र निवेदन किया था और उन्हे सत्य तथ्यों से परिचित भी करवाया था। अनिल सिंह जी ने ना सिर्फ मेरी बातों को समझा बल्कि उस ख़बर को हटाने का भरोसा भी दिलाया था। मैं आप दोनों का इस परोपकार हेतु आभारी हूं।

मैं आपसे कटिबद्ध प्रार्थना करना चाहता हूं कि भविष्य में मेरे बारे में किसी भी ख़बर, अच्छी अथवा बुरी, के प्रकाशन के पूर्व अगर आप मेरी अथवा मेरे संपादक जी की प्रतिक्रिया शामिल कर लेगें तो मैं आपका कृतज्ञ रहूंगा। इससे आप अपने पत्रकारिता धर्म का भलीभांति निर्वाहन कर सकेंगे और मैं अपने निजी एवं व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं का। साथ ही संदर्भित ख़बर में मेरी संलिप्तता अथवा निर्लिप्तता की पुष्टि भी करेंगे। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप मेरी बाध्यताओं और भावनाओं को ज़रूर समझेंगे और मेरे इस अति-भावनात्मक पत्र का सकारात्मक प्रतिफल देंगे।

सधन्यवाद।

सादर

अतुल अग्रवाल

एंकर, इंडिया न्यूज़


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