भोपाल वाले एनके सिंह ने भी जगजीत को उसी समय मार दिया था

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मैंने पीपुल्स समाचार, इंदौर संस्करण के स्थानीय संपादक पद से त्यागपत्र के साथ ऐलान किया था कि मैं पीपुल्स समाचार के संपादक एनके सिंह की कारगुजारियों को उजागर करुंगा. कुछ खबरों को लेकर कथित वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह के बयान को सार्वजनिक कर रहा हूं. इससे आप स्वयं अंदाज लगा सकते हैं कि ऐसे कृत्‍य करने वाले शख्स ने नई दुनिया, इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया टुडे, हिंदुस्तान टाइम्स में क्या गुल खिलाए होंगे.

एनके सिंह ने दिनांक 24 सितंबर 2011 को इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर के स्थानीय संपादक को एक मेल भेजा. मेल में एनके सिंह ने जानकारी दी कि प्रसिद्ध गजल गायक जगजीत सिंह नहीं रहे. उन्होंने बताया कि पीपुल्स समाचार जगजीत सिंह पर विशेष पेज निकालने जा रहा है. इस पेज के लिए चारों संस्करण से सामग्री चाही गई. निर्देश दिए गए कि अपने-अपने शहर के संगीतकार-गीतकार और गजल गायकों से जगजीत सिंह के निधन पर इंटरव्यू किए जाएं और दो घंटे के भीतर सामग्री भोपाल भेज दी जाए. सभी संस्करणों ने एनके सिंह का मेल मिलते ही तत्काल प्रतिक्रियाएं जुटाना शुरू कर दी. थोड़ी ही देर में एक स्थानीय संपादक ने मुंबई फोन लगाया तो पता चला कि जगजीत सिंह आईसीयू में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है.

एक स्थानीय संपादक ने जब इस बात की जानकारी एनके सिंह को दी तो उन्होंने कहा कि आप लोगों को नहीं पता थोड़ी देर में जगजीत सिंह की मौत की खबर घोषणा कर दी जाएगी. पीपुल्स समाचार के जिन संवाददाताओं ने एनके सिंह के निर्देश पर संगीत जगत से जुड़े कलाकारों को फोन लगाए, वे मृत्यु का समाचार सुनकर अवाक रह गए. थोड़ी ही देर बाद  संवाददाताओं के पास नाराजगी भरे फोन आना चालू हो गए कि पीपुल्स समाचार इतने बड़े कलाकार के साथ ऐसा भद्दा मजाक क्यों कर रहा है.

छोटी-छोटी गल्तियों पर स्टाफ को नौकरी से हटाने और नोटिस देने वाले एनके सिंह को इस जबर्दस्त भूल पर कोई ग्लानि नहीं हुई. उन्होंने न तो इस गलती के लिए खेद व्यक्त किया और न ही नया ई-मेल भेजकर स्थानीय संपादकों को अपडेट किया. आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि यदि ऐसी गंभीर त्रुटि एनके सिंह के राज में किसी और ने की होती तो उसे कितना गंभीर दंड मिलता. जिम्मेदार पत्रकारिता और नैतिकता का ढोल पीटने वाले एनके सिंह इस घटनाक्रम से तनिक भी लज्जित नहीं हुए. एनके सिंह के इस ई-मेल की मूल प्रति भी संलग्न की है.

जारी...

लेखक प्रवीण खारीवाल पीपुल्स समाचार, इंदौर के स्थानीय संपादक रहे हैं. वे कई अखबारों में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं. इन दिनों वे इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष हैं.


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Comments (6)Add Comment
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written by Kalam Ke Sipahi, October 10, 2011
महोदय, क्या कोई बताएगा भोपाल के सबसे पहला 'पत्रकारी पर्चा' में किन महोदय के काले चिट्ठो का खुलासा हुआ था? आखिर कौन था जिसके बेटे की शादी का खर्चा एक नेता ने उठाया था? आखिर वो कौन था जो खबरे बेच देता है? आखिर कौन है वो जिसके कई घरो में से एक घर का निर्माण एक दिवंगत नेता ने करवाया था?........और वो खजुराहो मीट?......न जाने कितने किस्से.....कोई बताये कि आखिर कौन है वो!
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written by ravi awasthi, October 10, 2011
khariwal ji mail ki galti clerical preteet hoti hai,rojmarra kai kakamo me aise manviya bhool sambhav hai,yah tou niji mail ka mamla hai warna samachar pattro me honai wali blundder mistake sai patrrakarita se wasta rakhney walai priya sabhi wakif hai. sri sing kai sath mainey kabhi kam tou nahi kiya albatta itna jaroor janta hoo ki bhaskar me bhashai sudhar sri singh kai karkal me hi aaya,fir tulnatmak tour par pattrakarit kai sinddhanto par amal karney me bhi wah aagai hai,kareeb sawa sal -feb 10 sai -apr.11, ki avadhi ko chodh diya jai tou peoples ko sampadak kai roop me ek bar phir bahtar vayakti hi mila hai,mamooli bato ko laikar is tarah ki bhadash nikalna theek nahi,purnai sansthan kai warai me bhi achha hi sochna chaiyai.ummeed yah is pratikirya ko aap annyatha nahi laingai.
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written by rajesh kumar, October 10, 2011
yaar abhay chutiyape ka sarvajanik pradarshan karna jaruri nahi hai, agar media ki samajh ho to pata hona chahiye ki nk singh hindustan times bhopal k editor hain, ye baat unhi k bare me ho rahi hai, thoda gk theek rakho to uthlapan kam najar aayega...
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written by राजीव सिंह, October 10, 2011
अभय जी,

ये एन के सिंह भोपाल से छपने वाले अखबार पीपुल्स समाचार के संपादक हैं। पीपुल्स समाचार से पहले वह वहीं भोपाल में हिंदुस्तान टाईम्स के स्थानीय संपादक थे।
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written by ravi awasthi, October 10, 2011
khariwal ji,mail ki yah mistake clerical bhi ho sakti hai,,rojmarra ke vyasta karyo me yah sambhav hai,yah tou vyaktigat mail ki galti hai,samachar pattro me honey wali blunder galtio se aap hum sab wakif hai,sarvagun sampanna tou koi nahi,mainai sri singth kabhi kam nahi kiya lakin itna jaroor janta hoo ki bhaskar ki lekhni me amul-chool sudhar sri sing ke hi karyakal me aaya,patrakarita kai sindhanto ka palan karney me bhi wah aagai he,is tarah ki chitput bato ko laikar bhadash nikalna theek nahi. beetai sawa sal(feb.10- apr 11) ki avadhi ko chhodh diya jai tou peoples ko sampadak kai roop mai ek bar phir behtar vyakti mila hai.puranai sanshthan ke barai me bhi achha hi sochna chaiyai.
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written by Abhay Kumar, October 10, 2011
Abhay Kumar

There r two N K Singhs in media. This N K Singh is not who is associated with the BEA. The article should clarify in case of the similar names. So that there should not be any misunderstanding.

The N K Singh is the General Secretary of the Editors Broadcasters Association & leading the Sadhna News channel is quitely different with this one.

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