चीन की प्याज बनाएगी भ्रष्‍ट और बीमार भारत

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राजीवप्याज हवा है…नहीं। प्याज पानी है...नहीं। प्याज ऊर्जा है...नहीं। प्याज धरती है...नहीं। प्याज आसमान है... नहीं। तो फिर प्याज में ऐसा क्या है...? हम अपनी गैरत को भूल कर दो टके के पाकिस्तान और दोगले-दगाबाज चीन से प्याज मांग कर खाना चाहते हैं। प्याज के स्वाद की खातिर हम भूल रहे हैं कि चीन लेह और त्वांग पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। क्या हम भूल रहे हैं कि गुलाम कश्मीर में अपनी फौजें भेजकर चीन हमारे खिलाफ पाकिस्तान को मजबूत कर रहा है। हम उसी चीन की प्याज को अपनी थाली में सजा रहे हैं, जो ब्रह्मपुत्र पर बांध बना कर हमारी जमीनों को बंजर बना देना चाहता है।

हम उसी चीन की प्याज खा रहे हैं जो चोरी छिपे हमारे मुंह का निवाला छीन लेने साजिश रच चुका है। हम उसी चीन की प्याज खा रहे हैं, जिसकी सत्रह सौ मिसाइलों के मुहं हमारी राजधानी दिल्ली समेत छावनी शहरों की ओर है। चीन हमें जीते जी निगल जाना चाहता है और हम हैं कि चीन की प्याज मांग कर खा रहे हैं। चीन की ये प्याज जेनेटिकली मॉडिफाइड है। प्याज की एक गांठ आधा किलो से ज्यादा की वजन तक की है। दरअसल, चीन अपने देश में परंपरागत तरीकों से पैदा की गई प्याज की बिक्री की इजाजत देता है। निर्यात के लिए वो जेनेटिकली मॉडिफाइड प्याज की अनुमति देता है। जेनेटिकली मॉडिफाइड सब्जियां दो तरह से नुकसान दायक है।

पहला नुकसान, जेनेटिकली मॉडिफाइड सब्जियां अपने गुणधर्म खानेवाले के रक्त में घोल देती हैं। इसका नतीजा सेक्स हारमोंस तेजी से सक्रिय होते हैं। चीन से खरीदी गई प्याज खाने से भी ऐसा ही होगा। सेक्स हारमोन ज्यादा सक्रिय होंगे तो बड़ों के साथ-साथ बच्चों में सेक्स उत्तेजना बढ़ेगी। ऐसा होने पर हिंदुस्तान में भी अवैध संतानों की बाढ़ आएगी। भ्रष्टाचार से जूझ रहे प्‍याजहिंदुस्तान में व्याभिचार, यौन अपराध और गर्भपात एक और बड़ी समस्या बन जाएगी। जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड्स और वेजेटेवल्स का असर अमरीका में खुल कर देखा जाने लगा है। मेंफिस सहित कई राज्यों के स्कूल टीन एज प्रेग्नेंसी की समस्या से जूझ रहे हैं। कई स्कूलों में तो टीन एज प्रेग्नेंसी नब्बे फीसदी तक है। अमरीका के सोशल साइंटिस्टों ने अब ये माना है कि टीन एज प्रेग्नेंसी का सबसे बड़ा कारण जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड और वेजेटेवुल्स हैं।

इसके अलावा सेंटर फॉर रिसर्च ऑन ग्लोवलिजेशन से जुड़े वैज्ञानिक लेंडमैन स्टीफन की रिसर्च के मुताबिक जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड और वेजेटेवुल्स खाने से एलर्जी, कैंसर, एनीमिया और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां हो सकती हैं, लीवर और किडनी खराब हो सकती हैं। ये बीमारियां केवल जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड और वेजेटेवुल्स खाने वालों को ही नहीं बल्कि इन्हें उठाने-रखने और पैक करने वालों को भी हो सकती हैं। जो लोग मानते हैं कि जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड/वेजेटेवुल्स से खतरों और बीमारियों की बात बेमानी है तो वो लेंडमैन स्टीफन से This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it . पर  सीधे बात कर सकते हैं।

जेनेटिकली मॉडिफाइड जम्बो प्याज मनमाने दामो पर बेचने के साथ ही चीन की साजिश है कि हिंदुस्तान की आने वाली औलादें व्याभिचारी हों, किडनी और लीवर के कैंसर से पीडित हों, सामाजिक ताना-बाना टूट जाए, मर्यादा भंग हो जाए और शर्म-हया का नामो-निशां न बचे। चीन अपने इन कुटिल इरादों के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है। चीन समझ चुका है कि हिंदुस्तान को पूरी तरह भ्रष्ट और बीमार बनाए बगैर वो सुपर पॉवर नहीं बन सकता...! चीन का ये काम उसकी जेनेटिकली मॉडिफाइड जम्बो प्याज आसानी से कर सकती है!!!

प्याज नहीं खाएंगे तो मर जाएंगे क्या...?

चीन से पहले हमने प्याज के लिए पाकिस्तान के आगे हाथ फैलाए थे...हमें शर्म भी नहीं आती.., अमरीकी टुकड़ों पर पल रही पाकिस्तानी हुकूमत की हिमाक़त देखिए...हमने प्याज के लिए झोली फैलाई उसने गधे की तरह पलट कर दुलत्ती मार दी...!!!

कश्मीर से लेकर संसद भवन तक हमला करवाने वाले, देश को आतंक की आग में झोंकने वाले आतंकी देश पाकिस्तान से प्याज मांगने पर हिंदुस्तानी सरकार को जरा भी शर्म नहीं आई...? शर्म तो हमें भी नहीं आई...किसी एक शख्स ने भी नही कहा- प्याज नहीं खाएंगे तो मर नहीं जाएंगे...!!!

स्टार न्यूज पर एक बूढ़ी महिला की बाइट, “हमारी नाकारा सरकार, आतंकवादी देश से प्याज मंगा रही है।”  कुछ तो शर्म करो...प्याज नहीं खाएंगे तो मर जाएंगे क्या...?

लेखक राजीव शर्मा एस-1 न्यूज चैनल में डायरेक्टर न्यूज के पद पर कार्यरत हैं.


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Comments (13)Add Comment
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written by SUDHIR.GAUTAM, January 25, 2011
Excellent article,but you now I told the same to one of my friend, and sent him the link of above article, the idiot send me his reply saying most of the people in india think this way...Read and suggest is it True...these illiterate, illogical people went to an extent that they have supported their statement in a manner that for once even I got confused...this country is heading to "Dojakh" trust me...
प्याज की खातिर,हमें ब्याज भी मंजूर है,
उधार ले के इसे खायेंगे, पर खायेंगे.
प्याज गर एक्स बढाती है, तो बुरा क्या है ,
अब हम चिर युवा बन जायेंगे, इठलायेंगे.
प्याज हो पाक की या चीन की, कुछ बात नहीं ,
हैं पडोसी हैं, बुरे वक्त में काम आयेंगे.
प्याज पर नाज हमें, और महंगी इसे, हो जाने दो,
कम से कम जान की तरह, ये भी सस्ती तो नहीं,
अच्छा होगा की हम ईमान भी आयात करें,
कम से इसके भी कुछ रेट तो बढ़ जायेंगे.
आप का नाम लिया बोला उन्हें लिखने दो "सुधीर"
वो तो वैष्णो हैं , ब्रह्मचारी हैं, न समझ पाएंगे.
तुम हो नाहक परेशां, हमें भी करते हो,
हम अगर प्याज न खायेंगे, तो मर जायेंगे.
I am shocked to read the same...
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written by jai kumar jha, January 18, 2011
दरअसल प्याज मिडिया बेच रही है और उसके संचालक जमाखोरी में लगें हैं.........मिडिया के ज्यादातर संचालक साबुन,पेस्ट,मसाला,सब
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written by Ankit Khandelwal, January 17, 2011
Itna ganda lekh likha hain.. thodi dhang ki reseach karte to pata lagta ki genetic ke baarein main aadhi baatein sahi naih hain..

Or Pakistan se pyaj maange main kahe ki sharm hain?? koi free main thodi na kharid rahe hain.. paise dekarke kharidne main kahe ki sharm?? pata nahi kis jamane ke dakiyanusi vichar lekarke baithe hain..
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written by jaatak, January 17, 2011
"Eleven tonnes of onion arrived here from China yesterday to boost the stock of the important veggie in the domestic market,".....The Chinese onions have been imported by a private company (Hindustan Trading) ......."Five star hotels are showing great interest in purchasing the Chinese onions," .......15 jan, 2011......http://economictimes.indiatimes.com/news/news-by-industry/et-cetera/big-size-chinese-onion-to-boost-supply/articleshow/7292340.cms

Chinese goods are a staple in Indian markets. The latest product from China to debut in India are the onions......Chinese onions are bigger in size, with an average weight of 500 grams. It is for this reason that they are more popular in hotels and restaurants, and not so much in households.......15 Jan, 2011......http://ibnlive.in.com/news/how-about-chinese-onions-now/140567-3.html

तो भैया सिर्फ ११ टन आया है, क्यों बेज़ा हल्ला काट रहे हों.

खैर......"पहला नुकसान, जेनेटिकली मॉडिफाइड सब्जियां अपने गुणधर्म खानेवाले के रक्त में घोल देती हैं। इसका नतीजा सेक्स हारमोंस तेजी से सक्रिय होते हैं। चीन से खरीदी गई प्याज खाने से भी ऐसा ही होगा। सेक्स हारमोन ज्यादा सक्रिय होंगे तो बड़ों के साथ-साथ बच्चों में सेक्स उत्तेजना बढ़ेगी। ऐसा होने पर हिंदुस्तान में भी अवैध संतानों की बाढ़ आएगी। भ्रष्टाचार से जूझ रहे हिंदुस्तान में व्याभिचार, यौन अपराध और गर्भपात एक और बड़ी समस्या बन जाएगी।" ...."..मनमाने दामो पर बेचने के साथ ही चीन की साजिश है कि हिंदुस्तान की आने वाली औलादें व्याभिचारी हों, किडनी और लीवर के कैंसर से पीडित हों, सामाजिक ताना-बाना टूट जाए, मर्यादा भंग हो जाए और शर्म-हया का नामो-निशां न बचे। चीन अपने इन कुटिल इरादों के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है। चीन समझ चुका है कि हिंदुस्तान को पूरी तरह भ्रष्ट और बीमार बनाए बगैर वो सुपर पॉवर नहीं बन सकता...!"

by god Gunmaster G-9 की वारदात फिल्म की याद दिला दी......शुक्रिया.....पर भैया समय ठीक नहीं है, दिमाग के खालीपन का इस प्रकार नग्न प्रदर्शन उचित नहीं. पर अब जब यूरेका कर ही चुके हों तो ये बताओ.....विजय दीक्षित ने भी चीन का प्याज खाया क्या??
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written by Dheeraj Kumar Sahu, January 17, 2011
इस विषय के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।
पर राजीव जी बात सिर्फ प्याज़ तक ही सीमित नहीं है हमारा देश पहले से ही चीन के लिए बहुत बड़ा बाज़ार रहा है, जितने भी एलेक्ट्रोनिक सामान आज बाज़ार मे उपलब्ध हैं उनमे से 90 फ़ीसदी तो चाइनिज ही हैं। हम सभी जानते हैं कि आयातित चाइनिज प्रोडक्टस की क्वालिटी कैसी होती है और उनमे प्रयोग होने वाले पदार्थ सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं, फिर भी हम उनका उपयोग करते हैं। सरकार को ऐसे सामानों को आयात पर रोक लगानी चाहिये ।
हमारा भारतीय बाज़ार भी इन सस्ते चाइनिज सामानों के कारण बर्बादी की ओर है।
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written by kamla kant pal, January 17, 2011
sir.........
jordar hai...

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written by prashant kumaar, January 17, 2011
Wah Wah Wah. Main taliyon ki gargarahat se apki baat ka anumodan karta hun.Log pyaz nahi sharm kha rahi hain.
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written by हरकेश कुमार, January 17, 2011
बिल्कुल सही बात की आपने सर......प्याज जीवन की जरुरत नही है लेकिन फिर भी इस पर इतनी हायतौबा किस लिए ....जबकि व्यक्ति की जीवनचर्या के लिए रोटी कपड़ा और मकान जरुरी है ......प्याज नहीं....
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written by harish singh, January 17, 2011
kya bat hai rajiv ji aapke lekh ki jitni bhi tarif ki jaye kam hai, vastav me pyaz koi aisa khady padarth nahi hai jiske khane se ham mar jayenge. desh ka swabhiman girvi rakhkar jo kiya ja raha hai wah nindniy hai.
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written by vivek vajpayee, January 17, 2011
बहुत सही.. उम्दा और तथ्य परक लेख है। वैसे देखा जाए तो प्याज कोई इतना आवश्यक भी नहीं है कि उसके बगैर जिंदगी थम जाएगी। रही बात विदेश के सामने गिड़गिड़ाने की तो हमारे नेताओं को इसके सिवा आता ही क्या है। उनकी तो मानसिकता ही ऐसी हो गई है। अरे अगर प्याज कुछ दिन आदमी नहीं खाएगा तो मर तो नहीं जाएगा। प्याज की जगह कुछ और भी इस्तेमाल किया जा सकता है वैसे भी प्याज तामसी प्रवृत्ति का होता है। विवेक वाजपेयी टीवी पत्रकार..
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written by madan kumar tiwary, January 17, 2011
प्याज खाने से बिमारी हो या न हो , लेकिन उसके लिये जो हाय तौबा मचाई पेटभरवा वेतनभोगी मध्यमवर्ग ने वह तो स्वार्थ की अती थी । मुझे पता था राजीव शर्मा प्याज पर कुछ लायेंगे इसलिये पहले हीं २२ दिसंबर को अपने ब्लाग पर लिख मारा था लिंक दे रहा हूं । http://madantiwary.blogspot.co...9:00-08:00
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written by ajayveer bhati, January 17, 2011
बहुत सही..सर आपने सही मुद्दा उठाया है...ऐसे जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड और वेजिटेबल्स पर जल्द से जल्द रोक लगनी चाहिए...अगर इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हो सकता है हमारे देश की आने वाली पीढ़ी बीमारियों से ग्रसित हो जाए...
अजयवीर भाटी..
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written by Shakti kumar , January 17, 2011
is kadi me sabse pahle me suruat karta hu "piyaj nahi khauga to mar nahi jauga"
aaj se piyaj band

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