विराट वैभव के पत्रकार तेजपाल सिंह सम्‍मानित

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विराट वैभव के वरिष्‍ठ उप संपादक तेजपाल सिंह धामा को शहीद-ए-आजम भगत सिंह के 80वें बलिदान दिवस पर बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। देश-विदेश के साहित्यशिल्पियों, साहित्यप्रेमियों एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति में यह पुरस्कार लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन द्वारा प्रदान किया गया।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद से संबद्ध इन्द्रप्रस्थ साहित्य भारती, दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में शाहनवाज हुसैन ने कहा कि साहित्यकार देश में पथ प्रदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं और आज के युग में साहित्यकारों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं पूर्व सांसद राज्यसभ भारतेंदु प्रकाश सिंहल ने की। दिल्ली के महापौर पृथ्वीराज साहनी के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में साहित्य कला परिषद द्वारा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

साहित्यकार एवं वरिष्ठ पत्रकार तेजपाल सिंह धामा को दीनदयाल उपाध्याय सम्मान उनकी प्रसिद्ध कृति 'हमारी विरासत' के लिए प्रदान किया गया। प्रतिष्ठित प्रकाशक हिन्दी साहित्य सदन, नई द्वारा प्रकाशित 'हमारी विरासत' एक शोध ग्रंथ है, जो भारतीय इतिहास के कई अनछुए पहलुओं का खुलासा करता है। इस पुस्तक की रचना करने के लिए लेखक को दशकों तक गहन अनुसंधान करना पड़ा है।

धामा

वर्तमान में साहित्यकार तेजपाल सिंह धामा 'विराट वैभव' परिवार से जुड़े हुए हैं एवं वरिष्ठ उप संपादक के पद पर कार्यरत हैं। इसी के साथ श्री धामा भारत विजन कारपोरेशन के बैनर तले बन रहे टीवी सीरियल देश-परदेस में सह लेखक की भूमिका भी निभा रहे हैं एवं महात्मा बुद्ध पर बनने वाली फिल्म के लिए पटकथा एवं संवाद लेखन कर रहे हैं।

श्रीधामा ने कई फिल्मों की पटकथा पहले भी लिखी है। उनकी लिखी गई फिल्म 'यू नो आम्रपाली' की शूटिंग चल रही है, जो मुंबई के निर्माता-निर्देशक अतुल गर्ग की एटर्नल फिल्म कंपनी बना रही है। इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, जैकी श्राफ, राजपाल यादव, विमला रमन आदि कलाकार हैं।

मौलिक एवं सृजनात्मक साहित्य के क्षेत्र में साहित्यकार तेजपाल सिंह धामा का अनुकरणीय योगदान है। इन्होंने अब तक दो दर्जन ऐतिहासिक उपन्यास लिखे हैं, जिनमें पृथ्वीराज चौहान एक पराजित विजेता सर्वाधिक चर्चित उपन्यास है। उनकी कई पुस्तकों का दर्जनों देशी एवं विदेशी भाषाओं में अनुवाद हो चुका है एवं कई कक्षाओं के पाठ्यक्रम में भी सम्मिलित हैं। कार्यक्रम में कई अन्य साहित्यकार भी सम्मानित किए गए।


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