विकासात्‍मक पत्रकारिता के लिए प्रेम कुमार धूमल ने सात पत्रकारों को सम्‍मानित किया

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हिमाचल प्रदेश के मुख्य मंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने आज शिमला के पीटर हॉफ में हि.प्र. सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वर्ष 2009 के लिए राज्य के नौ पत्रकारों को विकासात्मक पत्रकारिता के लिए पुरस्कार प्रदान किए। फाइनेंशियल एक्सप्रेस समाचार पत्र के विशेष संवाददाता चरणजीत आहुजा को उनके लेख 'हिमाचल लुक्स टु स्ट्रैंथन पंचायती राज' के लिए राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसके अन्तर्गत उन्हें 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र, हिमाचली शॉल तथा टोपी प्रदान की गई।

राज्य स्तरीय पुरस्कारों में पहला पुरस्कार पहली खबर समाचार पत्र के ब्यूरो प्रमुख मनीष शर्मा को उनके लेख 'पॉलीहाउस से बदलने लगी किसान की जिन्दगी'  के लिए प्रदान किया गया। पुरस्कार के तहत उन्हें प्रशस्ति पत्र, हिमाचली शॉल, टोपी और 40 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। दैनिक समाचार पत्र दैनिक जागरण की ब्यूरो प्रमुख श्रीमती रचना गुप्ता को उनके लेख 'पढ़ाई के साथ कमाई भी' के लिए द्वितीय पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति पत्र, हिमाचली शॉल, टोपी और 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्तमान में डेली पोस्ट समाचार पत्र की ब्यूरो प्रमुख श्रीमती अर्चना फुल्ल को उनके लेख 'एजिंग शिमला ग्रीन्स टु गैट न्यू लीज ऑफ लाईफ'  के लिए 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र, हिमाचली शॉल और टोपी द्वितीय पुरस्कार के रूप में भेंट की गई। उस समय श्रीमती अर्चना फुल्ल दैनिक समाचार पत्र हिन्दुस्तान टाइम्स के साथ सम्बद्ध थीं। श्री अश्वनी शर्मा, विशेष संवाददाता इण्डियन एक्सप्रेस को भी द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वे समारोह में उपस्थित नहीं थे। दिव्य हिमाचल के ब्यूरो प्रमुख सुनील शर्मा को उनके लेख 'बादल फटने से हर साल बहते सौ करोड़'  के लिए राज्य स्तर पर तृतीय पुरस्कार के रूप में 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र, हिमाचली शॉल और टोपी प्रदान की गई।

जिला स्तरीय पुरस्कारों में पहला पुरस्कार दैनिक जागरण समाचार पत्र के ऊना स्थित संवाददाता अजय ठाकुर को उनके लेख 'मिट्टी में हुनर सीख रहे हाथों में कलम'  के लिए प्रदान किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, हिमाचली शॉल और टोपी तथा 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार दिव्य हिमाचल समाचार पत्र के सरकाघाट, जिला मण्डी स्थित संवाददाता डी.आर.सकलानी को उनके लेख 'लुप्त हो रहीं वन्य प्राणियों की दुर्लभ प्रजातियां'  के लिए प्रदान किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, हिमाचली शॉल और टोपी तथा 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। तृतीय पुरस्कार दैनिक जागरण समाचार पत्र के मण्डी से तत्कालीन संवाददाता सुनील राणा को उनके लेख 'बस एक पत्थर उछाला था तबीयत से'  के लिए प्रदान किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, हिमाचली शॉल और टोपी तथा 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी तथा राज्य सरकार के प्रयासों और उपलब्धियों को सही परिपेक्ष्य में सभी के सामने लाने और समाज को इनके बारे में जानकारी प्रदान करने में सहयोग देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मीडिया प्रजातंत्र का चौथा स्तंभ है और जन राय तैयार करने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वे सकारात्मक आलोचना में विश्वास रखते हैं क्योंकि इससे सही रास्ता अपनाने का मौका मिलता है।

प्रो. धूमल ने मीडिया कर्मियों से आग्रह किया कि वे समाचार भेजते समय सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं। वर्तमान में सभी त्वरित समाचार और विश्व में कहीं भी घट रही घटनाओं की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता चुनौतीपूर्ण व्यवसाय है जिसे पूरी सावधानी के साथ निभाया जाना चाहिए। मीडिया सरकार तथा जनता के मध्य दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विभिन्न विषयों पर राज्य सरकार के नजरिए को सही परिप्रेक्ष्य में सामने लाने तथा राज्य सरकार की विकासात्मक नीतियों एवं कार्यक्रमों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए स्थानीय मीडिया का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि जब से अपार्टमैंट अधिनियम बना है और कार्यान्वित किया जा रहा है, तब से लेकर 31 मार्च, 2011 तक जारी किए गए इसैंशिएलिटी सर्टिफिकेटस जारी करने के मामले में न्यायिक जांच करवाने का निर्णय लिया है, ताकि सच सभी के सामने आ सके। उन्होंने कहा कि विपक्ष धारा 118 के तहत भूमि खरीने के मामले में दी गई स्वीकृतियों के मामले को बार-बार उठा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि पिछली सरकार ने इस तरह की 2028 स्वीकृतियां प्रदान की थीं जबकि वर्तमान सरकार ने वरीयता के आधार पर केवल 1297 व्यक्तियों को स्वीकृतियां प्रदान की हैं।

सचिव, सूचना एवं जन सम्पर्क श्री रामसुभग सिंह ने मुख्य मंत्री तथा अन्यों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 2008 में मुख्यमंत्री ने उन्हें निर्देश दिए थे कि विकासात्मक पत्रकारिता के तहत दिए जाने वाले पुरस्कारों की राशि बढ़ाई जाए, इलैक्ट्रोनिक मीडिया के लिए पुरस्कार आरम्भ किया जाए और राष्ट्रीय स्तर पर एक पुरस्कार के अतिरिक्त राज्य तथा जिला स्तर पर एक-एक के बजाए तीन-तीन पुरस्कार दिए जाएं। विभाग ने विशेषज्ञ समिति की संतुतियों के आधार पर ये पुरस्कार प्रदान किए। समिति का गठन राज्य सरकार ने किया था। समिति ने चुने हुए लेखों को निर्णायक मण्डल के समक्ष प्रस्तुत किया। निर्णायक मण्डल में विख्यात सम्पादक शामिल हैं। उन्होंने मुख्य मंत्री को विश्वास दिलाया कि भविष्य में नियमित अन्तराल पर ये पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

निदेशक, सूचना एवं जन सम्पर्क श्री बी.डी.शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य मंत्री, लोक निर्माण मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित मीडिया कर्मियों का पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित होने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता अपनाई गई तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए वर्ष 2009 के पुरस्कार 2010 में दिए जाने वाले पुरस्कारों के साथ शीघ्र ही प्रदान किए जाएंगे।

लोक निर्माण एवं राजस्व मंत्री श्री गुलाब सिंह ठाकुर, स्थानीय विधायक श्री सुरेश भारद्धाज, हिमुडा के उपाध्यक्ष श्री गणेश दत्त, पहली खबर समाचार पत्र के सम्पादक सुरेन्द्र हुड्डा, अमर उजाला समाचार पत्र के आवासीय सम्पादक गिरीश गुरूरानी, दैनिक भास्कर समाचार पत्र के आवासीय सम्पादक कीर्ति राणा, सचिव सामान्य प्रशासन डा. अजय भण्डारी, उपायुक्त शिमला ओंकार शर्मा, पुलिस अधीक्षक शिमला सोनल अग्निहोत्री तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

शिमला से बिजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट.


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