ग़ालिब पुरस्कार से नवाजे गए डा. रिजवी

E-mail Print PDF

सम्मानउत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान ने डा. वजाहत हुसैन रिजवी को बतौर एडिटर 'नया दौर', 'मिर्जा असदुल्लाह खां ग़ालिब पुरस्कार' से नवाजा है। लखनऊ में मशहूर फिल्मसाज़ एवं डायरेक्टर मुजफ्फर अली की सदारत में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सुखदेव राजभर ने डा. रिजवी को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र के साथ 51 हजार रुपये की धनराशि देकर सम्मानित किया। डा. रिजवी को यह सम्मान उर्दू गद्य के लिए उनकी दीर्घकालीन सेवाओं की खातिर दिया गया है। डा. रिजवी बड़े लिख्खाड़ हैं।

कई किताबों के अलावा उनके लेख भी समय-समय पर प्रकाशित होते रहते हैं। उर्दू लघु उपन्यास पर उनकी पुस्तक काफी सराही गई। डा. रिजवी के संपादन में निकले 'नया दौर' के विशेषांक मौलाना मोहम्मद अली जौहर डायमंड जुबली, अली उ.प्र. राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान द्वारा उर्दू गद्य की दीर्घकालीन सेवाओं के लिए मिर्जा असदुल्लाह खां ग़ालिब सम्मान प्राप्त करते डा. वजाहत हुसैन रिजवी।जव्वाद जैदी एवं आजादी 1857 काफी सराहे और पसंद किए गए। वह इन दिनों उर्दू की मशहूर नावेलनिगार कुरअर्तुलएन हैदर पर केंद्रित 'नया दौर' का खास विशेषांक निकालने की तैयारी में जुटे हैं।

डा. रिजवी के लिए इस पुरस्कार का मतलब हिंदी और उर्दू की साझा विरासत का सम्मान है। यह सम्मान है अवध की गंग-जमुनी तहजीब का। डा. रिजवी कहते हैं- सम्मान हो चाहे पुरस्कार, वह लेखन की रचना शक्ति बढ़ाते हैं। साथ ही देते हैं और बेहतर साहित्य सृजन की प्रेरणा। बावजूद सरकारी कामकाज की मसरुफियत, साहित्य सृजन की तड़प उन्हें लिखते रहने के लिए मजबूर किए रहती है।

डा. वजाहत हुसैन रिजवी को आप मुबारक 09415007698 पर रिंग करके या पिर This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it पर मेल करके दे सकते हैं।

 


AddThis