बाढ़ की रिपोर्टिंग के लिए डा. बोस सम्मानित

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सम्मान बिहार के पत्रकार डा. देवाशीष बोस को बाढ़ की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित करने के लिए अन्तरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन ने 'मिथिला रत्न' की उपाधि से सम्मानित किया है। तामिलनाडु की राजधानी चेन्नई के बिहार भवन में आयोजित एक समारोह में पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. सीपी ठाकुर ने डा. बोस को स्मृति चिन्ह प्रदान किया और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। ज्ञात हो कि बिहार में आई बाढ़ और उससे हुई परेशानी व क्षति को डा. देवाशीष बोस ने प्रमुखता से प्रसारित-प्रकाशित किया था। बांग्लाभाषी होते हुए भी डा. बोस लम्बे अर्से से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय हैं।

उन्होंने बाढ़ के समय आकाशवाणी के हिन्दी, अंग्रेजी, बांग्ला, उर्दू तथा मैथिली समाचार प्रभाग को एक साथ खबर प्रेषित कर अपनी आवाज से सेवा प्रदान किया। दुर्लभ और महत्वपूर्ण चित्रों का संग्रह करते हुए सहारा समय के लिए स्टोरी तैयार किया। ब्यूरो चीफ की हैसियत से राष्ट्रीय सहारा में भी नियमित रूप से लिखते रहे। बाढ़ की त्रासदी से स्वयं जूझते हुए डा. बोस दूसरे बाढ़ पीड़ितों के दर्द को उठाते रहे। मधेपुरा, सहरसा तथा सुपौल जिले के कम से कम हजारों बाढ़ पीड़ितों को उन्होंने सेना और पुलिस के सहयोग से बचाने तथा राहत पहुंचाने का काम किया।

डा. बोस मधेपुरा में श्रमजीवी पत्रकार संघ के संस्थापक महासचिव रहे हैं। सम्प्रति एनयूजे बिहार के सचिव और राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं। वे बिहार यूथ हास्टल के संगठन सचिव और उपाध्यक्ष रहे हैं। सभी प्रमुख अखबारों, पत्रिकाओं और टीवी न्यूज चैनलों से किसी न किसी रूप में डा. बोस जुड़े रहे हैं। कोसी के इलाके में समाजिक कार्यों से जुड़े डा. बोस को इस वर्ष सर्वोत्तम संवाददाता के लिए आकाशवाणी ने बिहार से नामित किया है। डा. देवाशीष बोस से संपर्क 09431254951 के जरिए किया जा सकता है।

 


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