बवेजा और उनकी टीम ने लिया केसीके अवार्ड

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पुरस्कार प्राप्त करतीं हरिन्दर बवेजापत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश की स्मृति में पिछले वर्ष शुरू हुए "केसी कुलिश इंटरनेशनल अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन प्रिंट जर्नलिज्म" का द्वितीय समारोह शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित किया गया। इस भव्य एवं गरिमामयी समारोह में ग्यारह हजार अमरीकी डॉलर का यह पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार हरिन्दर बवेजा और उनकी टीम को दिया गया। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने यह पुरस्कार प्रदान किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने समारोह की अध्यक्षता की। समारोह में केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट, पूर्व रेल मंत्री लालू यादव, राजग संयोजक शरद यादव, भाजपा के वरिष्ठ नेता मदनलाल खुराना, पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान, राजीव शुक्ला, सांसद भंवर जितेन्द्र सिंह सहित तमाम नामी हस्तियां मौजूद थीं। प्रिन्ट मीडिया के क्षेत्र में देश के इस सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार ने देश-दुनिया में बहुत जल्दी अपनी पहचान बनाई है।

"वेलकम टू द हेडक्वार्टर्स ऑफ लश्कर-ए-तैयबा" का चुनाव : पत्रिका समूह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में टीम भावना के महत्व को समझते हुए यह पुरस्कार दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार कथा के लिए किसी एक पत्रकार को न देकर, उस समाचार को तैयार करने में सहयोग देने वाली पूरी टीम के लिए निर्घारित किया है। इस बार केसीके अवार्ड की थीम "आतंकवाद और समाज" रखी गई। इस थीम पर वरिष्ठ पत्रकार हरिन्दर बवेजा की हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित "वेलकम टू द हेडक्वार्टर्स ऑफ लश्कर-ए-तैयबा" शीर्षक वाली रिपोर्ट को पहले पुरस्कार के लिए चुना गया था। इस रिपोर्ट में मुम्बई में आतंककारी हमले के बाद पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा मुख्यालय की पड़ताल कर इसके भारत विरोधी नजरिए का खुलासा किया गया।

दस को मेरिट अवार्ड : समारोह में दस मेरिट अवार्ड भी दिए गए। इनमें हिन्दुस्तान टाइम्स, चण्डीगढ़ के कंवर संधु की टीम को "इण्डियाज पोरस बोर्डर्स", हिन्दुस्तान, लखनऊ के दयाशंकर शुक्ला की टीम को "इस आतंकवादी की खता क्या थी", अमर उजाला, वाराणासी के तीरविजय सिंह की टीम को "अब शुरू हुआ ऑपरेशन आजमगढ़", दैनिक जागरण, नई दिल्ली के अंशुमान सिंह की टीम को "आतंक का अर्थशास्त्र", न्यूयॉर्क टाइम्स, अमरीका के हरिकुमार एवं हीदर टिमोन्स को "वायलेंस इन इण्डिया", इण्डियन एक्सप्रेस, चण्डीगढ़ के नितिन जैन की टीम को "मुम्बईज टेरर मेक्स मोहाली ब्लीड", द ट्रिब्यून, चण्डीगढ़ की शाहिरा नईम की टीम को "आजमगढ़: डिस्ट्रिक्ट इन डिस्कम्फर्ट", हिन्दुस्तान टाइम्स, गुवाहाटी के राहुल करमाकर की टीम को "ही लव्ड हॉलीवुड कॉप वर्सेज बडीज मूवीज", द ट्रिब्यून, चण्डीगढ़ के प्रभजोत सिंह को "लंच ऑवर्स, इवनिंग आर चूजन फॉर टेरर स्ट्राइक्स" और डेली मिरर, श्रीलंका की जमीला नजीमुद्दीन को "वाट ब्रांचेज ग्रो इन दिस स्टोनी रबिश" खबरों के लिए पुरस्कृत किया गया।

173 प्रविष्टियां मिलीं : पुरस्कार का चयन 2008 में एक जनवरी से 31 दिसम्बर तक प्रकाशित समाचारों में से किया गया। चयन मण्डल को अमरीका, फ्रांस, सर्बिया, मॉरिशस, मिश्र, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और श्रीलंका सहित दुनिया भर के मीडिया संस्थानों से 173 प्रविष्टियां प्राप्त हुई। पुरस्कार चयन मण्डल में देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र द हिन्दू के एडीटर इन चीफ एन. राम, आईआईएम, इंदौर के निदेशक एन. रविचन्द्रन, मेग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित अरूणा रॉय और पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी शामिल रहे। पत्रकारिता के साथ ही विज्ञापनों के सामाजिक महत्व को भी पत्रिका समूह ने समझा है। इसी दृष्टिकोण से पिछले एक दशक से सामाजिक क्षेत्र से जुड़े श्रेष्ठ विज्ञापनों को पत्रिका समूह की ओर से कन्सन्र्ड कम्यूनिकेटर अवार्ड दिया जा रहा है। गत वर्ष से इस पुरस्कार की राशि भी कर्पूर चन्द्र कुलिश की स्मृति में 11 हजार अमरीकी डॉलर की जा चुकी है।


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