कई मीडियाकर्मियों को महर्षि नारद पुरस्कार

E-mail Print PDF

संजीव चौधरी एवार्ड के साथजबलपुर में विश्व संवाद केंद्र द्वारा स्थापित महर्षि नारद पुरस्कार इस साल एनडीटीवी के पत्रकार संजीव चौधरी को दिया गया. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री उमा शंकर गुप्ता ने पत्रकार संजीव चौधरी को पांच हजार रुपये नगद, एक ट्राफी और सम्मन पत्र दिया. उन्हें यह पुरस्कार महाकौशल के 16 जिलों के 32 प्रतियोगियों के बीच चयन समिति ने चयनित कर दिया है. कैमरामैन विनोद रैकवार, राम सचदेवा, मनोज श्रीवास्तव को भी पुरस्कृत किया गया.

प्रिंट मीडिया फील्ड में महर्षि नारद पुरस्कार नई दुनिया के गोपाल अवस्थी और जय लोक के युवा पत्रकार परितोष वर्मा को दिया गया. फोटोग्राफर सुगन जाट को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया. छिंदवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार दीनदयाल वर्मा को भी महर्षि नारद सम्मान दिया गया.

संजीव चौधरी को एनडीटीवी के एफआईआर में प्रसारित जिस विशेष खबर ले लिए यह पुरस्कार मिला है उसमें जबलपुर में सेना के प्रतिबंधित लॉन्ग प्रूफ रेंज से हो रही गोला बारूद की चोरी और इस चोरी में शामिल स्कूल के बच्चो के बारे में खुलासा किया गया था. कई बार बिना फटे गोला बारूद भी इन चोरों के हाथ लग जाते हैं जिसके परिणाम घातक होते हैं.

वर्ष 2008 में भी संजीव चौधरी को महर्षि नारद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. तब उन्हें जिस खबर के लिए पुरस्कृत किया गया वह बालाघाट के नक्सलियों पर आधारित थी. नक्सलियों ने महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के सीमा से लगे एक हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को खाली करा लिया था. नक्सली हर घर से एक बच्चा मांग रहे थे ताकि बाल नक्सली सेवा दल का गठन हो सके. इस दुर्गम क्षत्र में पहले पहुंचने वाले पत्रकार संजीव चौधरी ही थे. इस खबर के बाद सरकार ने उन गांवों को फिर से बसाया था.

संजीव की उपरोक्त दोनों खबरों को आप इन वीडियो पर क्लिक करके भी देख सकते हैं-


AddThis