त्रिवेणी ने किया साहित्‍यकारों को सम्‍मानित

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भिवानीभिवानी। साहित्य, कला एवं संस्कृति को समर्पित संस्था त्रिवेणी ने साहित्यकार पण्डित माधव प्रसाद मिश्र के जयंती पर साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन किया। वैश्य मॉडल सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में 'भारत-चीन वर्तमान परिप्रेक्ष्‍य' व‍िषयक गोष्‍ठी पर परिचर्चा भी की गई। समारोह में लघु कथा संग्रह 'धरती की उड़ान' का लोकार्पण किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य संसदीय सचिव धर्मबीर सिंह ने कहा कि साहित्य समाज को रचनात्मक दिशा देने का काम करता है। पत्रकारों और साहित्यकारों को अपनी लेखनी से समाज में व्याप्त विसंगतियों के खिलाफ आवाज उठाकर उसे एकसूत्र में पिरोने का काम करना चाहिए। पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप पर वरिष्ठ पत्रकार के बी पण्डित ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस युग में मीडिया में खबरों को सबसे पहले लोगों तक पहुंचाने के लिए होड़ लगी हुई है। पत्रकारिता धीरे-धीरे व्यवसाय बनता जा रहा है, जिसमें बड़े-बड़े औद्योगिक घराने आ चुके हैं।

हरियाणा साहित्य अकादमी की अध्यक्षा डा. मुक्ता मदान ने कहा कि अकादमी द्वारा हिंदी साहित्य को बढावा देने का प्रयास किया जा रहा है। अकादमी ने हर वर्ष साहित्यकारों को पुरस्कृत करने का भी कार्य किया है। इससे साहित्यकारों का उत्साहवर्धन हुआ है।

भारत-चीन के वर्तमान संदर्भों पर आयोजित गोष्‍ठी में रक्षा विशेषज्ञ कर्नल कर्ण सिंह खरब ने विस्तार से चीन एवं भारत की भौगोलिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी प्रदान की। गोष्ठी में दोनों देशों के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक हालात का विश्‍लेषण कर इस बात पर जोर दिया गया कि भारत को अभी और अधिक उन्नति की आवश्यकता है।

समारोह में कमलेश भारतीय, सदोश हिसारी, ओमप्रकाश कादयान, शील कौशिक, रमेश सिद्धार्थ, नवरत्न पांडे, के.बी. पंडित, डा. ओ.पी. जोशी आदि साहित्य सृजकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त की धर्मपत्नी श्रीमती कमलेश वर्मा, त्रिवेणी संस्था के अध्यक्ष डा. के.के. बासोतिया, महासचिव डा. अनिल गौड, दिनेश गुप्ता, प्रदीप शर्मा भी उपस्थित थे।


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