छह युवा साहित्यकार लखनऊ में सम्मानित

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लखनऊ  स्थित संस्था भाऊराव देवरस सेवा न्यास ने छह युवा साहित्यकारों को सम्मानित किया है. सम्मान पाने वालों के नाम हैं- भोजपुरी के लिए मनोज भावुक, काव्य  के लिए अरविंद कुमार सोनकर, कथा साहित्य के लिए दिनेश कर्नाटक, बाल साहित्य के लिए सुश्री गीतिका सिंह, पत्रकारिता के लिए डॉ. मुकुल श्रीवास्तव और संस्कृत के लिए डॉ. धीरेन्द्र झा. भोजपुरी कवि मनोज भावुक को भोजपुरी भाषा में उल्लेखनीय योगदान के लिए पंडित प्रताप नारायण मिश्र स्मृति-युवा साहित्यकार सम्मान से नवाजा है. पहली बार किसी भोजपुरी साहित्यकार को यह सम्मान मिला है.

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक ‘माधव सभागार’ में आयोजित युवा साहित्यकार सम्मान समारोह के दौरान मनोज भावुक को ये सम्मान दिया गया. उन्हें सम्मान प्रदान किया सेवानिवृत आईएएस विनोद शंकर चौबे, लखनऊ के पासपोर्ट अधिकारी जे.पी.सिंह और लखनऊ के महापौर डॉ. दिनेश शर्मा ने. इस समारोह में मनोज भावुक को सम्मान स्वरूप पांच हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह, माँ सरस्वती की प्रतिमा, अंगवस्त्रम एवं न्यास द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का सेट भेंट किया गया.

भाऊराव देवरस सेवा न्यास गत पंद्रह वर्षों से अखिल भारतीय स्तर पर भारतीय साहित्य के विविध विधाओं के सृजनात्मक एवं विचारात्मक रचना करने वाले सात युवा साहित्यकारों को पुरस्कृत व सम्मानित करता आ रहा है. न्यास द्वारा आयोजित इस सोलहवें युवा-साहित्यकार सम्मान समारोह में वर्ष 2010 के लिए मनोज भावुक, अरविंद कुमार सोनकर, दिनेश कर्नाटक, सुश्री गीतिका सिंह, डॉ. मुकुल श्रीवास्तव और डॉ. धीरेन्द्र झा. इस बार रंगमंच के लिए किसी भी प्रविष्टि को पुरस्कार लायक नहीं पाया गया. सम्मान समारोह में भाऊराव देवरस सेवा न्यास के कार्यक्रम संयोजक डॉ. विजय कुमार कर्ण, सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुये विनोद शंकर चौबे ने अपने विचार प्रकट किए. युवा कवि मनोज भावुक ने भोजपुरी में गजल पाठकर पूरा माहौल भोजपुरी मय कर दिया.


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