'डा. उर्मिलेश पुरस्कार' से नवाजे जाएंगे विश्वास

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डा. कुमार विश्वासविश्व प्रसिद्ध हिन्दी गीतकार एवं संचालक डा. कुमार विश्वास को इस वर्ष के  "डा. उर्मिलेश पुरस्कार" के लिए चयनित किया गया है। यह पुरस्कार हर वर्ष देश के शीर्षस्थ गीतकारों में से एक को प्रदान किया जाता है। गत वर्षों में यह पुरस्कार डा. कुंअर बेचैन और श्री सोम ठाकुर को प्रदान किया जा चुका है।

इस वर्ष गीतकारों की फ़ेहरिश्त में सबसे अग्रणी नाम की कवायद में बिना ज़्यादा जद्दोज़हद के डा. कुमार विश्वास का नाम चयनित हुआ। यह पुरस्कार हिन्दी गीत के स्वर्णिम हस्ताक्षर स्वर्गीय डा. उर्मिलेश 'शंखधर' की स्मृति में दिया जाता है। डा. उर्मिलेश ने हिन्दी गीत और उर्दू ग़ज़ल, दोनों को नए आयाम प्रदान किए। कवि-सम्मेलन मंच के संचालन में अद्वितीय कौशल के लिए प्रसिद्ध डा. उर्मिलेश ने दो पीढियों के श्रोताओं को मंच से बांध कर रखा। मंच से जो जादू डा. उर्मिलेश ने बिखेरा, उनके बाद शायद ही कोई और संचालक वैसा कर पाने में सफ़ल हुआ। डा. उर्मिलेश की उन्हीं स्मृतियों को ताज़ा रखने के लिए "डा. उर्मिलेश जन-चेतना समिति" हर वर्ष "राष्ट्रीय गीतकार डा. उर्मिलेश गीत-श्री पुरस्कार" प्रदान करता है।

हिन्दी-उर्दू के विद्वानों और आलोचकों की एक टीम इस पुरस्कार के लिए समकालीन श्रेष्ठतम गीतकार का चयन करती है। वर्ष २०१० के लिए समिति ने कई समकालीन गीतकारों में से डा. कुमार विश्वास का चयन किया। डा. कुमार विश्वास वर्तमान युवा पीढी के सर्वश्रेष्ठ गीतकारों में से एक हैं। प्रसिद्ध मुक्तक "कोई दीवाना कहता है" के रचयिता डा. कुमार विश्वास के गीत युवा पीढी की ज़ुबान पर पिछले लगभग एक दशक से संजोए हुए हैं। हिन्दी कविता और गीत को तकनीकी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचाने में डा. कुमार विश्वास का योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। जहां एक और आईआईटी और आईआईएम के युवा उनके मुक्तकों और गीतों को अपने लैपटाप और आई-पोड पर लगातार सुनते हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका, सिंगापुर और दुबई जैसे देशों में उनके प्रशंसक हज़ारों की संख्या में उन्हें सुनने-देखने के लिए मंच तक ही नहीं, एयरपोर्ट तक भी आ जाते हैं।

हिन्दी गीत-कविता को कवि-सम्मेलन मंचों और पत्रिकाओं से निकालकर मोबाईल और इंटरनेट की दुनिया तक पहुंचाने का श्रेय भी मुख्य रूप से डा कुमार विश्वास को ही जाता है। आज जहां इंटरनेट पर उनके वीडियो को बीसियों लाख बार देखा जा चुका है, वहीं भारत के प्राय: सभी मोबाईल आपरेटरों ने उनकी आवाज़ में ही उनकी मुक्तकों को अपना डायलर-टोन बनाया हुआ है। फ़िल्मों में गीत लेखन के अलावा डा विश्वास कई पत्र-पत्रिकाओं में भी नियमित रूप से छपते हैं। समिति का मानना है, कि इन सभी तथ्यों को देखते हुए इस पुरस्कार के लिए डा कुमार विश्वास का नाम सबसे उपयुक्त था। डा. विश्वास को यह पुरस्कार बदायूं महोत्सव के दौरान दिनांक १५ नवम्बर २०१० को बदायूं क्लब एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ गीतकार पं नरेन्द्र मिश्र, गीतकार एवं ग़ज़लकार श्री उदय प्रताप और ग़ज़लकार एवं फ़िल्म गीतकार डा राहत इंदौरी उपस्थित होंगे।

कुमार विश्वास का सुपर डुपर हिट सुनिए...


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