अजहर आलम को मिला बेस्‍ट डायरेक्‍टर का अवार्ड

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पश्चिम बंगाल के सूचना व संस्‍कृति विभाग ने मशहूर रंगकर्मी व नाट्य निर्देशक एसएम अजहर आलम को बेस्‍ट डायरेक्‍टर के रूप में सम्‍मानित किया. रवीन्‍द्र सदन में आयोजित एक समारोह में राज्‍य के सूचना व संस्‍कृति मंत्री सोमेन्‍द्रनाथ बेरा ने उन्‍हें यह पुरस्‍कार प्रदान किया. अजहर आलम को यह अवार्ड उनके द्वारा निर्देशित नाटक 'प्रश्‍न चिन्‍ह' के लिए दिया गया. गुजरात के गोधरा कांड पर आधारित इस नाटक में आलम ने देश और समाज की कई ज्‍वलंत समस्‍याओं को उठाया.

इस नाटक के जरिए भोथरी राजनीति और धर्म के बेजा इस्‍तेमाल पर भी सवाल उठाए. वर्ष 2007 में प्रदर्शित इस नाटक को सभी ने खूब सराहा था. उल्‍लेखनीय है कि इसके पहले आलम को वर्ष अजहर2003 में 'नमक की गुडि़या' नामक उनके नाटक के लिए श्रेष्‍ठ नाटककार का पुरस्‍कार मुख्‍यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य से मिला था. उन्‍होंने इस नाटक के जरिए मुस्लिम समाज में तलाक शब्‍द के दुरुपयोग और महिलाओं को होने वाली परेशानी को प्रतिबिंबित किया था.

इसके अलावा उन्‍होंने 'सुलगती चिनार', 'महाकाल' जैसे नाटकों के लेखन और नाट्य निर्देशन से अपना लोहा मनवाया. साथ ही उनके निर्देशन में देश भर में मंचित नाटकों 'लोहार', 'पतझड़', 'शुतुरमुर्ग' आदि खूब चर्चित व प्रशंसित हुए. अजहर आलम को पुरस्‍कार मिलने पर पत्रकार विश्‍वम्‍भर नेवर, सीताराम शर्मा, राम गोपाल बजाज,  सुरेश भारद्वाज, देवेन्‍द्रराज अंकुर, एकबाल मजीद,  सलीम आरिफ आदि बुद्धिजीवियों ने प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की है.

सच्चिदानंद पा‍रीक की रिपोर्ट.


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