घाना के 'द न्यू क्रूसेडिंग गाइड' के समाचार अभियान सर्वश्रेष्ठ

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: केसी कुलिश अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार के परिणाम घोषित : अफ्रीकी देश घाना की टीम विजेता, सात मेरिट अवार्ड भी : दयाशंकर शुक्ल सागर, नीलेश मिश्रा और संतोष सिंह की टीम को मेरिट पुरस्कार : जयपुर। पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश की स्मृति में सर्वश्रेष्ठ पत्रकारिता के लिए हर साल दिए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए वर्ष 2009 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। पिछले साल दैनिक अखबारों में प्रकाशित खबरों के लिए प्राप्त प्रविष्टियों में से अफ्रीकी देश घाना के दैनिक द न्यू क्रूसेडिंग गाइड के समाचार अभियानों को सर्वश्रेष्ठ माना गया। विजेता टीम को दिल्ली में आयोजित समारोह में 11000 अमरीकी डॉलर की राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

दुनिया के सभी भू-भागों से प्राप्त प्रविष्टियों में से सात को मेरिट अवार्ड के लिए भी चुना गया है। दैनिक अखबारों में पत्रकारों की टीम की ओर से किए गए बेहतरीन काम को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित यह पुरस्कार राशि के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा पुरस्कार है। इस साल के लिए समावेशी विकास विषय पर प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं। इस वर्ष प्राप्त प्रविष्टियों के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मण्डल में न्यूयॉर्क टाइम्स के इंटरनेशनल व संपादकीय विभाग की उपाध्यक्ष ग्लोरिया एंडरसन, ख्यातनाम खोजी पत्रकार एस. गुरुमूर्ति, इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट के अध्यक्ष योगेन्द्र के. अलघ व पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी शामिल थे।

घाना के एक्रा क्षेत्र से प्रकाशित द न्यू क्रूसेडिंग गाइड की टीम एनास आर्नेयो एनास, मेरी फिएन्को और सेलीस ने घाना के पागलखानों और चीनी सेक्स माफिया नामक दो अभियानों के लिए सात महीने तक दक्षिण अफ्रीका, बर्कीना फासो, घाना और स्वीडन में खोजपूर्ण पत्रकारिता कर जानकारी जुटाई और मानसिक रोगियों के साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाई। इसी तरह चीन से नौकरी का झांसा देकर अफ्रीका में वेश्यावृत्ति के लिए लाई जाने वाली लड़कियों को बचाने के लिए चलाए गए अभियान के परिणामस्वरूप गिरोह के तीन सदस्यों को 41 साल के कारावास की सजा सुनाई गई और चीनी सरकार के दखल से बचाई गई लड़कियों का पुनर्वास हुआ।

दुनिया के सभी महाद्वीपों से प्राप्त दैनिक अखबारों की प्रविष्टियों में कड़ी प्रतिस्पर्धा रही। इनमें से विषय, शोध और टीम कार्य के आधार पर केवल सात प्रविष्टियों का चुनाव किया गया। इनमें दैनिक हिन्दुस्तान के लखनऊ संस्करण से दयाशंकर शुक्ल व टीम की खबर फर्जी खाते, दक्षिण भारत के कोट्टायम इलाके से प्रकाशित मलयालम मनोरमा के लिए मैथ्यू वर्गीस व टीम के अभियान केरल यात्रा, हिन्दुस्तान टाइम्स के दिल्ली संस्करण के लिए नीलेश मिश्रा व टीम के अभियान इंसपायर्ड इंडिया, इण्डियन एक्सप्रेस के दिल्ली संस्करण के लिए सन्तोष सिंह व टीम की खबर 42 हैरास्ड मैनी इन जेल, दक्षिण भारत के कोट्टायम से प्रकाशित राष्ट्र दीपिका के लिए राजी जोसफ व टीम की खबर द प्रीस्ट विद मिडाज टच, अमरीका के लास एंजलिस से निकलने वाले ला ओपिनियन अखबार के लिए क्लॉडिया व टीम की खबर प्रिजनर्स ऑफ इग्रोरेन्स एंड ट्रडिशन तथा बलूचिस्तान के क्वेटा से प्रकाशित डेली मीर जंग के लिए अख्तर मिर्जा की खबर मिसिंग पर्सन्स ऑफ बलूचिस्तान शामिल हैं।

वर्ष 2007 में शुरू किए गए इस पुरस्कार के लिए पहले साल मानव विकास पर आमंत्रित प्रविष्टियों में से हिन्दुस्तान टाइम्स और पाकिस्तान के डॉन अखबार की टीम को तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने पुरस्कृत किया था। वर्ष 2008 में आतंकवाद और समाज विषय पर हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर के लिए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने पुरस्कृत दिया था। अगले साल के लिए भ्रष्टाचार विषय पर प्रविष्टियां आमंत्रित की जा रही हैं जिसके लिए वर्ष 2010 के दौरान दैनिक अखबार में प्रकाशित खबरें पात्र होंगी।


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