संजय तिवारी समेत आठ पत्रकार पुरस्कृत किए जाएंगे

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sanjay Tiwariमेवाड़ इंस्टीट्यूट, गाजियाबाद की तरफ से दिए जाने वाले मीडिया पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। हर साल 21 दिसंबर को मदन मोहन मालवीय की जयंती के अवसर पर दिए जाने वाले पुरस्कारों के लिए इस साल जिन पत्रकारों को चुना गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं- संजय तिवारी (फीचर राइटर कैटगरी), प्रदीप सिंह (रिपोर्टर कैटगरी), सुशील गोस्वामी (कार्टूनिस्ट कैटगरी), अमीरुद्दीन (फोटोग्राफर / कैमरामैन कैटगरी) और  विभू मिश्रा (स्पेशल एवार्ड, टीवी रिपोर्टर कैटगरी)।

पुरस्कार का यह चौथा साल है और हर साल चार कैटगरी में पुरस्कार दिए जाते हैं। इस साल एक स्पेशल एवार्ड टीवी रिपोर्टर कैटगरी में देने की घोषणा की गई है। इन पुरस्कारों के लिए केवल स्वतंत्र पत्रकारों का ही चयन किया जाता है। मेवाड़ इंस्टीट्यूट के चेयरमैन अशोक दडिया एवं सेक्रेट्री अशोक सिंघल ने भड़ास4मीडिया को बताया कि पुरस्कार स्वरूप इन सभी लोगों को नकद राशि, प्रशस्ति पत्र, शाल एवं प्रतीक चिन्ह दिया जाएगा। इस वर्ष पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार प्रभाष जोशी देंगे। 21 दिसंबर को मेवाड़ संस्थान, सेक्टर 4-सी, वसुंधरा, गाजियाबाद में होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार नामवर सिंह करेंगे।

फीचर राइटर श्रेणी में पुरस्कार के लिए चयन किए गए संजय तिवारी पिछले 10 वर्षों से स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। मीडिया हाउसों में नौकरी करके पत्रकारिता करने के विकल्प को उन्होंने कभी स्वीकार नहीं किया है। संजय के लिए पत्रकारिता आज भी एक मिशन है और इस मिशन के लिए समर्पित रहने वालों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। संजय के पास कई बार मीडिया हाउसों से जुड़कर काम करने का प्रस्ताव आया लेकिन वे हमेशा इन प्रस्तावों को दुत्कारते रहे। समाजसेवी होने के साथ-साथ स्वतंत्र पत्रकार के बतौर देश-समाज से जुड़े मुद्दों व सरोकारों पर हमेशा सक्रिय रहने वाले और इन पर सजग लेखन करने वाले संजय तिवारी एक पोर्टल के संचालक भी हैं। हर तरह के दबावों व प्रलोभनों से मुक्त रहने वाले संजय दिल्ली जैसे शहर में देसज सरोकार व संस्कृति को जिंदा रखने के लिए अलख जगाए हुए हैं।

पुरस्कार के लिए चुने जाने पर संजय तिवारी ने भड़ास4मीडिया से कहा, 'मुक्त पत्रकारिता के रास्ते का मैंने खुद वरण किया है और खुशी-खुशी वरण किया है। नौकरियों के प्रस्ताव कई जगहों से आते रहते हैं लेकिन मेरी रुचि पत्रकारिता को उसके मूल स्वभाव के साथ जाने की रही है। कभी किसी कंपनी के हित के साथ जुड़कर पत्रकारिता करने के बारे में सोचा ही नहीं। वैसे भी, कोई मीडिया कंपनी सबसे उपर अपना हित देखती है, उसके बाद ही देश-समाज की चिंता करती है। ऐसे में पत्रकारिता इन मीडिया हाउसों की रखैल बनकर ही रह पाती है। मैं तो स्वतंत्र पत्रकार को मुक्त पत्रकार कहना ज्यादा पसंद करता हूं क्योंकि आप स्वतंत्र पत्रकारिता तभी कर सकते हैं जब आप मुक्त हों। अगर आप किसी मीडिया हाउस के लिए भी स्वतंत्र पत्रकारिता करते हैं तब भी मुक्त नहीं रह सकते हैं, क्योंकि तब भी आपके सामने उनके द्वारा निर्धारित किया हुआ दायरा होता है।'


दैनिक नवज्योति के पत्रकार अर्जुन पंवार को माणक अलंकरण अवार्ड

दैनिक नवज्योति, जोधपुर में कार्यरत पत्रकार अर्जुन पंवार को माणक अलंकरण अवार्ड के लिए चुना गया है। पुरस्कार स्वरूप पंवार को 11 हजार रुपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। पुरस्कार की घोषणा दैनिक जलते दीप के संस्थापक संपादक माणक मेहता की 34वीं पुण्यतिथि के मौके पर 12 दिसंबर को की गई। पंवार अखबार में सीनियर रिपोर्टर के पद पर कार्यरत हैं। विशिष्ठ पुरस्कार के लिए राजस्थान पत्रिका, सीकर के फोटोग्राफर पंकज पारमूवाल एवं दैनिक जलते दीप के पत्रकार जगदीश जोशी का चयन किया गया है। इन दोनों को 3100 रुपये की राशि सहित प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह पुरस्कार एक साल की अवधि के अंदर सर्वोच्च खोजपूर्ण एवं रचनात्मक रिपोर्ट को दिया जाता है।


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