शाहीना को मिला चमेली देवी पुरस्‍कार

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इस वर्ष का चमेली देवी जैन पुरस्‍कार ओपन पत्रिका की तिरुवनंतपुरम की संवाददाता शाहीना को प्रदान किया गया. मंगलवार को मीडिया फाउंडेशन की ओर से उन्‍हें यह पुरस्‍कार प्रदान किया गया. दिल्‍ली में आयोजित एक समारोह में वरिष्‍ठ पत्रकार बीजी वर्गीज ने उन्‍हें यह सम्‍मान दिया. फाउंडेशन हर वर्ष किसी महिला पत्रकार को उत्‍कृष्‍ट पत्रकारिता के लिए यह पुरस्‍कार देता है.

शाहीना पिछले दिनों चर्चा में आई थीं, जब पुलिस ने उनके खिलाफ बंगलूर में बम कांड के गवाहों को डराने-धमकाने का मामला बनाया था. इसके बाद उन्‍होंने तहलका पत्रिका में एक रपट लिखी थी, जिसमें इस मामले में पीपुल्‍स डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्‍यक्ष अब्‍दुल नासिर मदनी को गिरफ्तार किए जाने पर सवाल खड़े किए थे.

शाहीना ने कहा कि यह पुरस्‍कार उनके लिए महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि कल उनकी जमानत पर फैसला होने वाला है. इस पुरस्‍कार ने साबित कर दिया है कि मैं वास्‍तविक पत्रकार हूं.

इस मौके पर फिल्‍मों में मीडिया के चित्रण पर हुए परिसंवाद में 'पीपली लाइव' की निर्देशक अनुषा रिजवी ने कहा कि पीपली लाइव मीडिया के बारे में नहीं है. इसे मीडिया के बारे में बनाने की मंशा भी नहीं थी. इसमें मीडिया एक अलग संस्‍था के रूप में आता है. उन्‍होंने कहा कि हिंदी सिनेमा में भले ही फिल्‍में पत्रकारिता के बारे में नहीं बनी हों, मगर उनमें थोड़े समय के लिए ही सही, मीडिया आता रहा है और फिल्‍मों में पत्रकार की छवि लगातार बदलती रही है.

प्रोफेसर मुकुल केशवन ने कहा कि हिंदी सिनेमा में पत्रकारिता का समाज की संस्‍था के रूप में गंभीरता से पेश करने की कोशिश नहीं हुई. जो कोशिश हुई है उसमें मीडिया को बहुत हल्‍के-फुल्‍के ढंग से पेश किया गया है. परिसंवाद में जनसत्‍ता के कार्यकारी संपादक ओम थानवी ने भी अपनी बात रखी. साभार : जनसत्‍ता


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