डा. रुक्म और सुधीर उपाध्याय सम्मानित

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डा. रुक्म का सम्मानकोलकाता में पत्रकारिता में आधी शताब्दी गुजार चुके और अब स्वतंत्र साहित्य सृजन में रत 83 वर्षीय डॉ. रुक्म त्रिपाठी का  साहित्य-संगीत-कला को समर्पित संस्था 'संचेतना केंद्र मित्र मंदिरने 25 जनवरी को सम्मान किया। कवि हिंदी सेवी डॉ. नगेंद्र चौरसिया ने अंगवस्त्र, मानपत्र देकर सम्मानित किया। अब तक आठ उपन्यास, दर्जनों बाल उपन्यास, हजारों व्यंग्य कविताएं, गजल, गीत लिख चुके डॉ. रुक्म ने पत्रकारिता को अपने सामने विकसित होते व फलते-फूलते देखा है।

उनके स्तंभों के लेखक आज कई समाचारपत्रों में संपादक हैं। सम्मान समारोह के अध्यक्ष  डॉ. नगेंद्र चौरिसया ने इस मौके पर डा. रुक्म के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। डॉ. नगेंद्र ने कहा कि- उनके बारे में कुछ भी कहना कठिन नहीं बल्कि सरल है। उतना ही सरल है उनका व्यक्तित्व। उनका लेखन ही यह प्रकट कर देता है कि वे कितने बड़े लेखक हैं। डॉ. रुक्म इससे पूर्व लायंस क्लब आफ कोलकाता, राजश्री स्मृति न्यास की ओर से सम्मानित किये जा चुके हैं। महानगर की 'मनीषिका संस्था' ने उनको सारस्वत सम्मान दिया है। समारोह में लेखक-पत्रकार संतन कुमार पांडेय ने डॉ. रुक्म की दीर्घायु की कामना की और कहा कि उनकी 100वीं वर्षगांठ पर भी वे उनका सम्मान करने की कामना करते हैं।  इस अवसर पर डॉ. रुक्म त्रिपाठी ने एक सामयिक संदर्भ की गजल पेश की। इसकी उपस्थित श्रोताओं ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। समारोह में पुणे से आईं कवियत्री पुष्पा गुजराथी के अलावा नगर के  कई कवियों प्रो, श्यामलाल उपाध्याय, प्रो. अगम शर्मा, योगेंद्र शुक्ल 'सुमन' आदि ने कविता पाठ किया। (रिपोर्ट- राजेश त्रिपाठी, फोटो- सुधीर उपाध्याय)


 

फोटो पत्रकार सुधीर उपाध्याय को सर्वश्रेष्ठ फोटोग्राफर सम्मान

सुधीर उपाध्याय का सम्मानकोलकाता के सुपरिचित फोटो पत्रकार सुधीर उपाध्याय को बंगाल यंग स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट एसोसिएशन और बंगला खेल पत्रिका 'खेलाधूलोकी ओर से इस वर्ष के श्रेष्ठ पत्रकार का सम्मान प्रदान किया गया है।

'सन्मार्ग' हिंदी दैनिक के सुधीर उपाध्यeय जी को अंग्रेजी दैनिक 'स्टेट्समैनके खेल संपादक श्यामसुदर घोष ने मानपत्र और स्मृतिफलक प्रदान कर सम्मानित किया। चार दशक से भी अधिक समय से फोटो पत्रकारिता से जुड़े सुधीर जी परिचितों और सहकर्मियों के बीच 'गुरु जी' के नाम से विख्यात हैं। उनकी लीक से हट कर खींची गयी कई सार्थक तस्वीरें सम्मानित और और प्रशंसित हो चुकी हैं। इसके पूर्व भी कई संस्थाओं से उन्हें सम्मान मिल चुका है।


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