तीन पीढि़यों की त्रिवेणी है 'लफ्जों की गवाही' : डा. वेद प्रकाश

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: जयपुर के प्रेस क्‍लब में हुआ किताब का लोकार्पण : पत्रकारिता की तीन पीढिय़ों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और प्रोत्साहन की त्रिवेणी का पयार्य है पत्रकारिता पर लिखी गई पुस्तक 'लफ्ज़ों की गवाही'। ये कहना है प्रख्यात पत्रकार और विदेशी मामलों के स्तंभकार डॉ. वेद प्रताप वैदिक का। वैदिक रविवार को पिंकसिटी प्रेस क्लब में 21 मीडियाकर्मियों के साक्षात्कारों पर लिखी गई पुस्तक के लोकार्पण अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे।

डॉ. वैदिक ने वर्तमान पत्रकारिता के दौर पर बहुत ज्यादा नकरात्मक होने से बचने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का ये चौथा स्तंभ खबर पालिका है, जो भले ही दिशा से कभी कभी भटकता हो, फिर भी समाज, राजनीति और अव्यवस्थाओं को बदलने का माद्दा रखने वाला एक मात्र माध्यम है। बोधि प्रकाशन से प्रकाशित हुई पुस्तक लफ्ज़ों की गवाही राजस्थान के ख्यातनाम 21 पत्रकारों के जीवन अनुभवों को दर्शाता एक गुलदस्ता है।

लोकार्पण

पुस्तक में युवा लेखक ने आत्मकत्थायत्मक शैली यानी कि फर्स्‍ट पर्सन का प्रयोग करते हुए अपनी बात रखी है। डॉ. वेद प्रताप वैदिक ने इस अवसर पर कहा कि पत्रकारों को निरंतर पढऩा चाहिए, जो नहीं हो रहा है। होमवर्क के अभाव में पत्रकारिता की नई कौम दिशाहीन हो रही है। उन्होंने अपने जीवन के संस्मरण सुनाते हुए पस्तक को अब तक के हिन्दी अंग्रेजी पत्रकारिता के इतिहास में अपनी तरह का पहला अभिनव प्रयोग बताया।

पत्रकार डॉटकॉम के बैनर तले हुए इस कार्यक्रम में वे 21 पत्रकार भी मौजूद थे जिन पर पुस्तक लिखी गई है। लेखक ने उन्हें पुस्तक प्रति भेंट कर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम का संचालन अनन्त व्यास ने किया।


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