भोगवादी जीवन से उबे आदमी की आवारगी (भाग छह)

E-mail Print PDF

‘मुझे प्यार, पैसा या नाम मत दो, अगर कुछ दे सकते हो तो सत्य दो। (मैकेंडलेस के पास मिली हेनरी डेविड थोरो की किताब लाइफ इन दी वुड्स में यह पंक्ति जिस पृष्ठ पर था, उसके ऊपर में मैकेंडलेस ने बड़े अक्षरों में लिखा था ‘सत्य’)। क्योंकि बच्चे निश्छल होते हैं  इसलिए उन्हें न्याय से प्यार होता है, और चुंकि  हममें से अधिकांश दुष्ट  और कपटी होते हैं, इसलिए हमें दया की जरूरत होती है। -जी के चेस्टरटन।

 

उस वक्त अचानक सबकुछ बदल जाता है। हमारी आवाज और नैतिक  सोच। समझ में नहीं आता  कि क्या सोचा जाय और किसकी  बात सुनी जाय। अचानक ऐसा  लगता है जैसे हम किसी बच्चे  की तरह चलना सीख रहे थे कि अचानक सहारा छूट गया  और अब खुद ही चलना सीखना  पड़ेगा। आसपास कोई ऐसा  नजर नहीं आता- ना परिवार का कोई और ना ही दुनिया में कोई अपना, जिसके विचारों को सम्मान के साथ स्वीकार किया जाय।

ऐसे ही अकेले  हो गए इंसान के मन में आता  है कि वह अपना जीवन, सत्य या सौंदर्य को समर्पित होकर जीए, जिसके लिए आदमी के द्वारा शासित दुनिया में कोई  जगह नहीं है। उसके बाद  जीवन का कोई ऐसा उद्देश्य समझ में आने लगता है जिसे अपना अंतिम ध्येय बनाकर  जीने की इच्छा जगती है और वह दुनिया, जिसमें हम अब तक जी रहे थे, कहीं दूर पीछे छूट जाता है। (बोरिस पास्तरनाक की पुस्तक डॉक्टर जिवागो की इन पंक्तियों को क्रिस मैकेंडलेस ने चिह्नित कर रखा था और उसके बगल में उसने लिखा था, ‘जीवन में उद्देश्य की जरूरत’)

नीले रंग  के स्लीपिंग बैग, जिसे मैकेंडलेस की मां ने उसके लिए सीया था, में उसकी लाश को मिले सात सप्ताह से ज्यादा बीत चुके थे। उसके पिता वाल्ट मैकेंडलेस मैरीलैंड के अपने घर की खिड़की पर खड़े-खड़े, सामने चेसपीक खाड़ी की तरफ सूनी आंखों से एकटक देखते हुए कह रहे थे,” कितनी अजीब बात है कि जिस बच्चे के अंदर इतनी करुणा भरी थी उसी ने अपने मां-बाप को जीवन भर इतना दर्द दिया।“ चेसपीक के समुद्री किनारे पर मैरीलैंड में वाल्ट मैकेंडलेस का बिना किसी दाग-धब्बे का, सुंदर, सजा हुआ सुव्यवस्थित घर था। जमीन से लेकर छत तक, हर जगह की खिड़कियों से चेसपीक खाड़ी के दूर तक फैले सौंदर्य को देखा जा सकता था। उसके डाइनिंग रूम में चार बड़े पोस्टर बोर्ड पर क्रिस मैकेंडलेस की बहुत सारी तस्वीरें लगी थीं, वे तस्वीरें भी जो उसने अपनी आवारगी के दौरान लिए थे। उसकी मां बिली ने उन तस्वीरों को दिखाते हुए एक की तरफ इशारा किया जिसमें एक बच्चा घोड़े पर बैठा था, वह पीले रंग के बरसाती कोट पहने आठ साल का मैकेंडलेस था, जो अपने हाईस्कूल के पहले ट्रिप पर गया था। एक तस्वीर में वह अपने परिवार के आसपास घूमते हुए शरारत भरी हरकतें कर रहा था, उसे देखते हुए वाल्ट ने दुख में डूबी आवाज में कहा,”जैसे अन्य बच्चे किसी का साथ खोजते हैं, क्रिस का वैसा स्वभाव न होना मुझे सबसे ज्यादा मुश्किल भरी बात लगती थी। मैंने अन्य बच्चों से ज्यादा समय क्रिस को दिया था। भले ही वह हमें परेशान कर देता था, लेकिन उसका साथ रहना अच्छा लगता था।“

वाल्ट मैकेंडलेस ने घर में पहने जाने वाले कपड़े पहन रखे थे, उसमें भी वह प्रभावशाली व्यक्तित्व के लग रहे थे। वह पेशे से विज्ञान के एक बेहद रहस्यमय क्षेत्र से जुड़े थे- सिंथेटिक एपरचर रडार (Synthetic Aperture Radar or SAR) अतिउच्च तकनीक को विकसित करनेवालों में उनका नाम था। यह यंत्र 1978 के एक बड़े अमेरिकी अंतरिक्ष मिशन में एक उपग्रह सीसेट(Seaset) के साथ धरती की कक्षा में स्थापित किया जाना था। नासा में इस सीसेट उपग्रह के प्रोजेक्ट मैनेजर थे, वाल्ट मैकेंडलेस। इस तरह के शक्तिशाली पद पर काम करने के कारण वाल्ट के स्वभाव में था हर चीज पर नियंत्रण करना। हलांकि वे नम्र आवाज में बात करते थे, लेकिन उनके अंदर में भरी इनर्जी का आवेग बाहर दिखती थी। यही इनर्जी, निस्संदेह वाल्ट ने अनुवांशिक तौर से अपने बेटे क्रिस मैकेंडलेस को दिया था।

जब वाल्ट  बोलते थे तो लोग उनकी बात  सुनते थे। किसी बात का उनको बुरा लगता था तो उनकी आंखे छोटी हो जाती और जुबान रूक जाती थी। उनके परिवार के लोगों के अनुसार वाल्ट का कभी भी फूट पड़नेवाला गुस्सा कुछ सालों से अहिंसक हो चला था। 1990 में क्रिस के गायब होने के बाद उनके भीतर बहुत बदलाव आ गया था। बेटे के इस तरह से घर छोड़कर जाने ने उनको हिलाकर रख दिया था। उनके व्यक्तित्व की कोमलता वाला स्वभाव अब उभर कर सामने आया था।

वाल्ट बचपन में बहुत गरीब था। कोलोराडो शहर के स्कूल में पढते हुए उसने वहां विश्विद्यालय में स्कॉलरशिप पायी थी।  कॉलेज में पढ़ाई के दौरान  के खर्चे के लिए वह पार्ट  टाइम नौकरी करता था। उसने मार्चुरी(शवदाह घर) में  काम किया था लेकिन सबसे ज्यादा पैसा उसने चार्ली नोवाक  के रॉक बैंड के साथ पियानो बजाते हुए कमाया। वाल्ट  बहुत बढिया संगीतकार था। 1957 में सोवियत संघ ने जब स्पूतनिक 1 को अंतरिक्ष में  छोड़ा तब पूरा अमेरिका भय के माहौल में जीने लगा। इस राष्ट्रीय भय के दबाब में आकर सरकार ने अरबों डॉलर वहां के एयरोस्पेस उद्योग में झोंकना शुरू किया। यह वाल्ट के लिए अच्छा अवसर लेकर आया, जो तब तक शादी करके एक बच्चे का बाप बन चुका था। उसने एक एयरक्राफ्ट कंपनी में नौकरी कर ली जिसने उसे तीन साल के लिए टक्सोन भेजा। उसने एंटीना सिद्धांत में एरिजोना विश्वविद्यालय से अपनी मास्टर डिग्री पूरी की। अपनी थीसिस पूरी करने के बाद उसे कैलिफोर्निया में एक बड़े अंतरिक्ष मिशन में भेज दिया गया।

टोरेंस  शहर में उसने एक बड़ा बंगला  खरीदा। बहुत मेहनती होने के कारण जल्दी-जल्दी प्रोमोशन पाने लगा। वाल्ट मैकैंडलेस को इस बीबी से पांच बच्चे हुए। वाल्ट तब तक चांद पर उतरने वाले अंतरिक्ष यान सर्वेयर 1 का टेस्ट डायरेक्टर हो चुका था। उसके सितारे बुलंद थे। 1965 में उसकी शादी टूट गई और बीबी मार्सिया उससे अलग हो गई। वाल्ट ने अपनी सेक्रेटरी के साथ प्रेम करना शुरू कर दिया जिसका नाम बिली जॉनसन था। बिली ने 12 फरवरी 1968 को एक बच्चे को जन्म दिया, जिसका नाम रखा गया क्रिस्टोफर जॉनसन मैकेंडलेस। वाल्ट ने एक गिटार खरीदकर बिली को दिया जिसे बजाकर वह बच्चे को खुश किया करती थी। यही गिटार 22 साल बाद नेशनल पार्क सर्विस के रेंजरों को लेक मीड इलाके में पड़े लावारिश डॉटसन कार की पिछली सीट पर पड़ा मिला था।

क्रिस मैकेंडलेस ने अपनी प्रतिभा बचपन से ही दिखानी शुरू कर दी थी। जब वह दो साल का था तब वह एक आधी रात को बिना किसी को जगाए पड़ोसी के घर में चुपके से घुसकर चाकलेट का डब्बा चुरा लाया था। जब तीसरी क्लास में था तब उसके एक टेस्ट में बहुत ज्यादा अंक आने के बाद उसे अतिप्रतिभाशाली बच्चों के लिए चलने वाले क्लास में भेज दिया गया।

बिली ने याद करते हुए बताया, “ क्रिस इस बात से खुश नहीं था क्योंकि उसे अब और ज्यादा होमवर्क करना पड़ता था। इसलिए वह उस क्लास से निकलने की कोशिश में लग गया। उसने वहां के शिक्षकों और प्रधानाध्यापक को यह समझाने की कोशिश की कि टेस्ट में उसको नंबर देने में कोई गलती हुई है, वह उस अतिप्रतिभाशालियों के लिए अलग से चलने वाले क्लास के लायक नहीं है।“

क्रिस से तीन साल छोटी बहन कैरीन  ने बताया,” वह हमेंशा अपने आप में खोया रहता था। वह असामाजिक नहीं था, उसके कई दोस्त थे और हर कोई उसे पसंद भी करता था। लेकिन वह अकेले ही घंटों रह सकता था। उसे किसी खिलौने या दोस्त की जरूरत नहीं थी।“

जब क्रिस छह साल का था तब वाल्ट नासा (NASA, अमेरिकी अंतरिक्ष संगठन) में चला आया और एरिजोना के अन्नाडेल में उसने एक मकान खरीदा। वहां चार साल बाद उसने नासा की नौकरी छोड़कर अपने घर में ही एक कंसल्टिंग फर्म शुरू किया, जिसमें बिली उसकी बिजनेस पार्टनर थी। वाल्ट को अपने पहली बीबी के परिवार को भी पैसा देना पड़ता था। इसलिए, ज्यादा से ज्यादा पैसा बनाने के लिए वाल्ट और बिली ने दिन-रात काम करना शुरू किया।

कैरीन ने बताया,” मम्मी पापा घंटों काम करते रहते थे। मैं और क्रिस जब सुबह को जागते थे तब भी उन दोनों को काम करते पाते थे, जब स्कूल से लौट कर आते थे तब भी और रात में सोने जाते थे तब भी दोनों को बदहवाश होकर काम करते, हम दोनों देखते थे। उन्होंने बहुत पैसा कमाया।“

लेकिन इस तरह से दिन-रात काम करने के कारण वाल्ट और बिली दोनों  मानसिक तनाव के शिकार रहने लगे और उनके बीच झगड़ों का दौर शुरू हो चुका था। वे बातों-बातों में एक दूसरे को तलाक की धमकी भी देते थे। कैरीन ने इस बारे में कहा,” मैं और क्रिस ये सब देखा करते थे और इन सब कारणों से हम दोनों के बीच भावनात्मक लगाव और ज्यादा बढ गया था। लेकिन हमारा परिवार एक दूसरे के साथ कभी-कभी अच्छा वक्त भी गुजारता था। हम सब सप्ताह के छुट्टियों वाले दिन ट्रिप पर निकल जाते थे, बड़े झीलों से लेकर नीले पहाड़ों की तरफ। क्रिस को इन ट्रिपों से बहुत प्यार था। हमारे परिवार को शुरू से ही आवारगी का शौक था और इसको क्रिस ने बचपन ही से सीखा था।“

इन्हीं  ट्रिपों के दौरान यह परिवार मिशीगन के पहाड़ों की तरफ  चला जाता था, जहां क्रिस  की मां बिली का घर था। बिली के पिता हलांकि ट्रक ड्राईवर  थे लेकिन एक नौकरी पर ज्यादा दिन नहीं टिकते थे। वाल्ट  ने उनके बारे में बताया,” बिली के पिता समाज में फिट नहीं हो पाते थे। उनका स्वभाव क्रिस जैसा ही था।“ बिली के पिता लॉरेन जॉनसन जिद्दी और स्वप्नशील स्वभाव के थे। उन्होंने खुद से संगीत और कविता सीखी थी। पहाड़ में रहने वाले जंगली जानवरों से उनको बहुत प्रेम था। बिली ने अपने पिता के बारे में बताया,” उनको जानवरों की सेवा में मजा आता था। कहीं किसी जानवर को फंसा या घायल पाते तो अपने घर लाते और उसके स्वस्थ होने के बाद फिर से उसे जंगल में छोड़ आते। उनके ट्रक के नीचे एक बार एक हिरण दबकर मर गयी। वे बहुत दुखी हुए। उसके बच्चे को उसने घर लाकर अपने बच्चे की तरह पाला-पोषा। अपने परिवार को पालने के लिए लॉरेन जॉनसन ने कई काम किये। मुर्गियां पालीं, अस्तबल बनाकर घोड़ों को बेचा। लेकिन परिवार का ज्यादातर खाना शिकार से आता था।

बिली ने बताया, “मेरे पिता को जानवरों को मारने में दया आती थी और जब भी वे किसी हिरण को मारते थे तो रोते थे। लेकिन हमें खिलाने के लिए उनको ऐसा करना पड़ना था। साथ ही, उनको शिकार करने आने वालों के लिए गाईड का भी काम किया करते थे, जिसके कारण उनको और भी कष्ट होता था। शहर से आनेवाले लोग बड़े गाड़ियों में आते थे और पापा को उनको दिन भर जंगल में घुमाना पड़ता था। पापा को उनसे वादा करना पड़ता था कि वे उनको हिरण का शिकार करवाएंगे। लेकिन वे शिकारी इतना शराब पिए हुए रहते थे उनका निशाना चूक जाता था। आखिर में उनको खुद ही हिरण को गोली मारनी पड़ती थी। उनको इस बात से घृणा थी।“

लॉरेन जॉनसन  और क्रिस मैकेंडलेस दोनों को एक-दूसरे से बहुत प्यार था। उस बूढे का जंगल से और बियाबानों की घुमक्कड़ी से प्रेम ने उस बच्चे पर बहुत प्रभाव डाला था। जब क्रिस आठ साल का था तब वाल्ट उसे ओल्ड रैग के पहाड़ की चोटी की चढ़ाई करने ले गया था। तीन दिन के इस ट्रिप में क्रिस अपने बैग को खुद ही ढोता रहा। उसके बाद तो दोनों बाप-बेटे हर साल उस पहाड़ की चढाई करने जाते थे। जब क्रिस थोड़ा और बड़ा हुआ तो वाल्ट पूरे परिवार के साथ कोलोराडो की रॉकी माउंटेन नेशनल पार्क की सबसे ऊंची चोटी(14256 फीट) पर चढाई के लिए गया। इस ट्रिप के बारे में वाल्ट ने बताया,” तेरह हजार फीट चढने के बाद मैं बहुत थक गया और मैंने वापस लौटने का फैसला किया क्योंकि आगे की चढाई और भी खतरनाक थी। लेकिन क्रिस चोटी तक जाना चाहता था। लेकिन मैं नहीं माना और वह रास्ते भर इस बात की शिकायत करता रहा। उस समय वह बारह साल का था, अगर वह चौदह या उससे ऊपर का होता तो शायद मुझे छोड़कर आगे चोटी की तरफ बढ जाता। वह बचपन से ही निडर किस्म का था और अपने आसपास के खतरों की बिल्कुल परवाह नहीं करता था।“

क्रिस को जिस काम में मन लगता उसमें वह बहुत ऊंची सफलता के साथ काम करता था। उसे स्कूल में हमेंशा ही अच्छे अंक मिले। एक बार जब उसे फिजिक्स में कम अंक मिले तो वाल्ट और बिली उसके शिक्षक से मिलने गए। शिक्षक ने बताया कि लगभग दौ सौ बच्चों को उसने लैब रिपोर्ट बनाने के लिए एक तयशुदा फार्मेट दिया था लेकिन इस नियम को क्रिस ने मूर्खतापूर्ण माना और अपना रिपोर्ट किसी और फार्मेट में बनाकर दिया, इसलिए उसे कम अंक दिए गए।

क्रिस और उसकी बहन कैरीन, दोनों ने अपने पिता से संगीत की प्रतिभा  पायी थी। क्रिस गिटार, पियानो और फ्रेंच हार्न बजाता  था। वाल्ट ने उसके बारे में बताया,”उसको इतनी कम उम्र में ये सब बजाते देखकर मुझे आश्चर्य होता था। मैं जब पियानो बजाता था तो वह अच्छी आवाज में गाता था। वह किसी पेशेवर गायकों जैसी सुरीला था। क्रिस एक बैंड अमेरिकन युनिवर्सिटी सिम्फनी में फ्रेंच हार्न बजाया करता था लेकिन उसने बैंड लीडर के द्वारा कुछ नियम बनाये जाने के बाद, उसका विरोध करते हुए बैंड छोड़ दिया।“

लेकिन उसकी बहन कैरीन का कहना कुछ  और ही था,” मेरे भाई के बैंड छोड़ने के पीछे का कारण मैं थी। मैं क्रिस की तरह फ्रेंच हार्न बजाना चाहती थी और वही एक ऐसी चीज थी जिसमें मैं क्रिस से बेहतर थी। मैं अभी-अभी बैंड में शामिल हुई थी और वह सीनियर था। उससे बेहतर बजाने के कारण मुझे बैंड में आगे के बैंच पर जगह मिली थी औऱ क्रिस को मुझसे पीछे बैठना बर्दाश्त नहीं हुआ।“

लेकिन संगीत  की इस प्रतिस्पर्धी भावना  ने क्रिस और कैरीन के रिश्ते को नुकसान नहीं पहुंचाया था।  वे दोनों अन्नाडेल में  अपने घर पर घंटों एक दूसरे  के साथ खेलते हुए बिताते थे। कैरीन ने याद करते हुए कहा,”वह मेरे साथ बहुत अच्छा व्यवहार करता था और मुझे लेकर काफी प्रोटेक्टिव था। जब गली में मेरे साथ चलता था तो मेरा हाथ पकड़े रहता था। जब वह जूनियर हाईस्कूल में था तब मैं ग्रेड स्कूल में पढ रही थी। उसकी छुट्टी मुझसे पहले हो जाती थी लेकिन वह घर साथ जाने के लिए मेरा इंतजार करता था।“

क्रिस ने अपनी मां अपनी से गहरी काली आंखे पायी थी। वह शरीर से मजबूत था लेकिनछोटे कद का था इसलिए स्कूलों के ग्रुप फोटो में हमेंशा आगे खड़ा रहता था। उसने कई खेलों में अपना हाथ आजमाया लेकिन किसी में भी पारंगत होने का धैर्य उसमें नहीं था। कोलोराडो में एक बार बर्फ पर स्कीईंग करने के लिए जाने के बाद फिर वहां लौटकर नहीं गया। वाल्ट ने उसे गोल्फ सिखाने की लेकिन उसे ज्यादा दिन तक झेल नहीं पाया।

वाल्ट ने इस बारे में बताया,”क्रिस अतिप्रतिभाशाली था। लेकिन जैसे ही कोई उसकी प्रतिभा को निखारने की कोशिश में उसे कोई गाइड करता, तो एक अजनबी सी दीवार उसका रास्ता रोक देती थी। क्रिस किसी प्रकार के निर्देश का घोर विरोध करता था। मैं रैकेटबॉल (एक खेल) का अच्छा खेलाड़ी था। मैंने उसे इस खेल को तब से सिखाना शुरू किया जब वह ग्यारह साल का था। जब वह पंद्रह साल का हुआ उसके बाद मुझे इस खेल में मात देने लगा। वह बहुत तेज और ताकत से खेलता था। उसके खेलने में कुछ कमियों के बारे में जब मैंने उसे बताया तो उसने मेरी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया। एक बार एक पैंतीस साल का बहुत अनुभवी खिलाड़ी एक टूर्नामेंट खेलने के लिए उसका टेस्ट ले रहा था। क्रिस अच्छा खेल रहा था लेकिन जैसे ही टेस्ट लेने वाले ने उसके खेल की एक कमी गिनाई, क्रिस ने वहीं उस टेस्ट को छोड़ दिया।“

रणनीति  बनाकर खेलना क्रिस ने सीखा ही नहीं था। वह एक ही तरीका जानता था, भरपूर  ताकत लगाकर सीधे-सीधे खेलना। उसका ऐसा स्वभाव तब से हो गया था जबसे उसने लम्बी  दौड़ प्रतियोगिता में भाग  लेना शुरू किया। उसके अंदर एक एथलीट था। वह जब दस बरस  का था तब पहली पहली बार दस किलोमीटर के रोड रेस में  भाग लिया था और लगभग एक हजार आदमियों को पीछे छोड़ते हुए  इस बच्चे ने 69 वां स्थान  पाया था। थोड़ा बड़ा होने तक वह इस क्षेत्र के लंबी रेस के टॉप धावकों में से एक था।

जब क्रिस  बारह साल का था तब वाल्ट  और बिली ने कैरीन के लिए  एक पपी(पिल्ला) खरीदा था। क्रिस उस पिल्ले को रोज अपने साथ सुबह ले जाता और उसके साथ दौड़ लगाता। कैरीन ने इस घटना को याद करते हुए कहा,”पपी हलांकि मेरे लिए खरीदा गया था लेकिन क्रिस से उसको अलग करना नामुमकिन था। पपी बहुत तेज दौड़ता था और जब भी दोनों साथ दौड़ते, वह क्रिस को हर बार हरा देता था। बहुत कोशिश करने के बाद जिस दिन पहली बार क्रिस ने उस पपी को दौड़ में हराया था उस दिन वह काफी उत्साहित और खुश था। वह दिन भर खुशी के मारे-मारे रोते-रोते चिल्लाया था ‘मैंने उसे हरा दिया’।

वर्जीनिया को फेयरफॉक्स में एक प्रतिष्ठित स्कूल, डब्ल्यू टी वुडसन हाईस्कूल में एथलीट टीम का कैप्टन क्रिस मैकेंडलेस था। उस टीम में रहे गोर्डी ने उसे याद करते हुए बताया,”क्रिस ने हम सबके लिए एक अभ्यास प्लान किया था जिसका नाम उसने दिया था-रोड वैरियर्स(सड़क के योद्धा)। उसके साथ हम सब एक लंबे और कठिन दौड़ पर निकलते थे। वह हमें जानबूझकर जंगलों, खेतों और अनजाने रास्तों पर दौड़ाते हुए ले जाता था और हम रास्ता भूल जाते थे। इन सबके पीछे एक ही उद्देश्य था- किसी अंजान जगह की तलाश। जब हम थक जाते तो धीरे-धीरे दौड़ने लगते और किसी पहचान वाले सड़क पर नजर पड़ते ही फिर तेजी से अपने घर की तरफ दौड़ने लगते थे। क्रिस इसी तरह से पूरी जिंदगी जीता रहा।“ मैकेंडलेस ने दौड़ को अध्यात्मिक कसरत के रूप में लिया था, यह आवारगी उसके लिए धर्म की तरह थी। उसके टीम के एक और सदस्य इरिक ने बताया,” क्रिस दौड़ने के इस अध्यात्मिक महत्व का बयान कर हमें मोटिवेट किया करता था। वह हमें इस दुनिया की बुरी ताकतों के बारे में बताकर कहता था कि हम ये सोचें कि इन बुरी ताकतों के विरूद्ध दौड़ लगा रहे थे, वो बुरी ताकतें जो हमारे अंदर की अच्छाईयों की राह में दीवार बनकर खड़ी थी। वह कहता कि “अच्छा सोचना मन पर निर्भर है और इसके लिए हमें अपनी सारी उर्जा लगा देनी चाहिए।“ एक हाईस्कूल के बच्चे के मुंह से इतनी बड़ी बातें सुनकर हम उसके प्रभाव में चले आते थे।“ लेकिन मैकेंडलेस के लिए दौड़ना सिर्फ अध्यात्मिक बात नहीं था, प्रतियोगिता भी था और वह जीतने के लिए दौड़ता था। उसकी टीम में रह चुकी मैकेंडलेस की दोस्त मैक्सी ग्लिमर ने बताया,”वह अपने दौड़ने को लेकर काफी गंभीर था। मैं उसे दौड़ते देखा करती थी। वह हमेंशा बेहतर करने की कोशिश करता और उस वक्त काफी दुखी होता था जब वह अपनी आशा के अनुसार प्रदर्शन नहीं करता था। जब वह किसी रेस में अच्छा नहीं करता था तो अपने लिए हिंसक हो जाता था। वह किसी से इसके बारे में बात नहीं करता था। अगर मैं उसे समझाने की कोशिश करती तो और गुस्सा होकर मेरी तरफ से ध्यान हटा लेता था। उसने अपनी निराशा को अपना लिया था। कहीं अकेले में जाकर वह खुद को पीटता था।“

ग्लिमर  ने आगे कहा,” वह सिर्फ दौड़ को लेकर ही संजीदा नहीं था। हर काम में उसका रवैया इसी तरह का था। हाईस्कूल में कोई बहुत मेहनत का काम नहीं करना चाहता लेकिन वह करता था और मैं भी करती थी, इसलिए हम दोनों अच्छे दोस्त थे। ब्रेक के दौरान हम दोनों साथ बिस्किट खाते और जीवन के बारे में, दुनिया के बारे में बहुत सारी गंभीर बातें करते। मैं ब्लैक नस्ल की हूं और मुझे ये कभी समझ में नहीं आया कि लोग नस्ली भेदभाव क्यूं रखते हैं। क्रिस मुझसे ऐसी ही विषयों पर बात किया करता था। वह यह सब समझ सकता था और उसके अंदर भी इसी तरह के प्रश्न रहते थे। मैं उसे बहुत पसंद करती थी। वह बहुत अच्छा था।“

मैकेंडलेस जीवन के इस भेदभाव और असमानता को दिल पर लेता था। वुडसन हाईस्कूल में ही एक बार वह दक्षिण अफ्रीका में हो रहे रंगभेद को लेकर पागल सा हो गया था। वह इस बारे में दोस्तों से दक्षिण अफ्रीका में हथियारों की स्मगलिंग कर वहां चल रहे रंगभेद विरोधी आंदोलन में साथ देने के बारे में गंभीरता से बातें किया करता था। उसके दोस्त इरिक ने उस वाकये को याद करते हुए कहा,”इस बारे में एक बार उससे मेरी बात हुई थी। क्रिस को सिस्टम के साथ चलना पसंद नहीं था, वह लाईन में इंतजार करते हुए नहीं रूक सकता था। वह कहा करता,”हम पैसा जमा करके दक्षिण अफ्रीका चाहें तो अभी जा सकते हैं। सिर्फ ये तय करो` कि जाना है कि नहीं।“ मैं उसका विरोध करते हुए कहता कि हम अभी बच्चे थे और वहां जाकर कुछ खास नहीं कर सकते थे। लेकिन उससे तर्क करना बहुत मुश्किल था। वह सीधे जबाब देता, ’मुझे लगता है कि तुम सही या गलत की कोई परवाह ही नहीं करते हो’।”

सप्ताह  की छुट्टियों में जहां उसके दोस्त शराब के बार  में जाने की कोशिशों में  लगे रहते थे, वहीं वाशिंगटन की बदनाम गलियों में वेश्याओं और बेघरों से बातें करने, उसके लिए खाना खरीदने और उनको जीवन सुधारने की सलाह देने में बिताता था। क्रिस  की मां बिली ने बताया,”क्रिस यह समझ नहीं पाता था कि उसके देश में इतने लोगों को भूखा क्यों छोड़ दिया जाता था। वह इस समस्या के बारे में घंटों सोचा करता था।“ एक बार क्रिस एक बेघर आदमी को चुपके से, अन्नाडेल के घर लाकर अपने गाड़ी के ट्रेलर में रहने के लिए जगह दिया और वाल्ट या बिली को कभी पता नहीं चला कि उनके यहां कोई रहता था।‘

एक बार  क्रिस अपने दोस्त इरिक के घर गया और उससे कहीं चलने को कहा। उस घटना को याद करते हुए इरिक ने कहा,” वह शुक्रवार की रात थी और मुझे लगा कि वह मुझे जार्जटाउन की पार्टी में ले जा रहा था। लेकिन वह मुझे फोर्टीन्थ स्टेट की बदनाम गलियों में लेकर चला गया। उसने मुझसे कहा,”इरिक, हम जिन बातों को किताब में पढते हैं उसे हम तब तक नहीं समझ सकते जब तक उसे देख और जी न लें। आज की रात हम उन्हीं बातों को देखने और जीने आए हैं।“ अगले कुछ घंटो तक हम वहां दलालों, शराबियों और गंदे जीवन जीनेवालों के बीच रहे। मुझे बहुत डर लग रहा था। जब शाम घिर आई तब क्रिस ने पूछा कि मेरे पास कितने पैसे थे। मेरे पास पांच डॉलर और क्रिस के पास दस थे। उसने मुझे गाड़ी में गैस भरवाने भेज दिया और खुद खाना खरीदने चल पड़ा। वह अपने साथ हैमबर्गर का एक बड़ा झोला लेकर लौटा और हमदोनों उसे फूटपाथ पर सोये दुर्गंध से भरे लोगों को बांटने लगे। यह रात मेरे लिए अद्भुत थी। लेकिन क्रिस ने इस तरह के काम कई बार किए थे।“

जब वह हाईस्कूल में था तब ही उसने आगे पढने के लिए कॉलेज  जाने से मना कर दिया था।  जब वाल्ट और बिली ने उससे कहा कि उसे अपने जीवन में  अच्छे कैरियर को पाने के लिए  कॉलेज डिग्री की जरूरत  थी तो क्रिस का कहना था कि कैरियर बीसवीं शताब्दी में  गढा गया निरर्थक सा काम  था, जिसका उसके जीवन में  कोई महत्व नहीं था। उसने कहा कि वह बिना किसी कैरियर के जी सकता था। वाल्ट ने आगे उसके बारे में बताया,”हम उसकी बातों को सुनकर तनाव में आ गए। बिली और मैं दोनों ही गरीब परिवार से आए थे। कॉलेज की डिग्री को हम इतने हल्के से नहीं लेते थे और फिर हम अपने बच्चों को पढाने के लिए ही ती इतने मेहनत से पैसा कमा रहे थे। बिली ने क्रिस को अपने पास बिठाया और कहा,”क्रिस, अगर तुम सचमुच दुनिया के लिए कुछ बेहतर करना चाहते हो तो सबसे पहले अपने जीवन को बेहतर बनाओ। कॉलेज जाओ, कानून की डिग्री लो और उसके बाद तुम अपना असर लोगों पर छोड़ पाओगे।“

उसके दोस्त  इरिक ने इस बारे में कहा,“ क्रिस कॉलेज में बेहतर ग्रेड से पास हुआ और अपने मां-बाप को शिकायत करने का कोई मौका नहीं दिया। उसे कोई समस्या नहीं हुई क्योंकि वह अपने जीवन में इस तरह की सफलता प्राप्त करता आया था। उसके मां-बाप उससे अपनी बात मनवाने में सफल रहे इसलिए तो आगे की पढाई के लिए वह इमोरी यूनिवर्सिटी जानेवाला था, हलांकि यह सब उसकी नजर में बकबास और निरर्थक था।“

यह आश्चर्यजनक था कि जिस क्रिस ने कई मौकों  पर अपने मां-बाप की बातों  पर ध्यान नहीं दिया था, वह कॉलेज की पढाई करने की बात  पर उनके दबाब में आ गया  था। लेकिन ऐसे उदाहरण हैं जिससे क्रिस का अपने मां-बाप के साथ संबंधों  में विरोधाभाष प्रकट  होता था। उसकी दोस्त ग्लिमर उससे मिलती तो उसके सामने  वह अपने मां-बाप का चरित्र चित्रण तानाशाह के रूप  में करता था जबकि अपने पुरूष  दोस्तों से उसने इस तरह  की कोई बात कभी नहीं की।  इरिक ने इस बात पर रौशनी  डालते हुए बताया,” मैं समझता था कि उसके मां-बाप बहुत अच्छे थे। बिल्कुल हमारे या किसी अन्य के मां-बाप की तरह। क्रिस को किसी का आदेश पसंद नहीं था। मैं समझता हूं कि वह किसी भी मां-बाप से नाखुश ही रहता। उसे मां-बाप नाम के जीव के विचार से ही समस्या थी।“

मैकेंडलेस का व्यक्तित्व बहुत जटिल था। वह बहुत अकेला भी था लेकिन किसी समूह के साथ भी उतनी ही खुशी के साथ रहता था। वह एक्सट्रीमिस्ट था। अपनी विकसित सामाजिक चेतना के बावजूद वह ऐसा नहीं था जिसे मजाक पसंद ना हो। वह मजाकिया भी था।

मैकेंडलेस के जीवन की सबसे पेचीदा पक्ष था- पैसों के बारे में उसके विचार और भावनाएं। वाल्ट और बिली ने गरीबी के दिन देखे थे। इसलिए वे पैसे न होने का दर्द अच्छी तरह जानते थे और बहुत संघर्ष के बाद उन्होंने पैसा कमाया था और उनको उन पैसों से आनंद उठाने में कुछ भी गलत नहीं दिखता था। बिली ने इस बात पर जोर देकर कहा,” हमने बहुत मेहनत से काम किया। जब हमारे बच्चे छोटे थे तब से ही पाई-पाई बचाकर हमने भविष्य को बेहतर बनाया।“ जब भविष्य बेहतर हुआ तब भी वाल्ट और बिली ने उन पैसों को दिखावे में खर्च नहीं किया। अच्छे कपड़े, बिली के लिए कुछ गहने, एक कार, समुद्र किनारे घर और एक नाव खरीदा। अपने बच्चों को वे यूरोप घूमाने ले गए। बिली ने यह स्वीकार किया कि क्रिस को यह सब करना अच्छा नहीं लगता था। उसका बेटा क्रिस मैकेंडलेस जो टाल्सटॉय का भक्त था, पैसों को बहुत बुरी चीज मानता था। उसे वह आत्मा को भ्रष्ट कर देनेवाला शैतान मानता था। यह बहुत बिडंबना भरी बात थी क्योंकि क्रिस एक पूंजीवादी माहौल में पैदा हुआ प्राणी था। बिली ने उसे याद करते हुए कहा,”वह जन्म से ही उद्योग करने लगा था।“ उसकी बहन कैरीन ने बताया,”वह आठ साल का था जब उसने अपने सब्जियों की खेती की थी और अन्नाडेल में ठेले पर लेकर घर-घर जाकर इस छोटे बच्चे ने उसे बेचा था। ऐसे भोले चेहरे वाले बच्चे को देखकर कौन सब्जियां खरीदने से खुद को रोक सकता था। यह बात क्रिस अच्छी तरह जानता था। जब वह घर लौटता तो ठेला खाली रहता और उसके जेब में पैसे भरे रहते।“

जब वह बारह साल का था तब उसने फोटोकॉपी करने का धंधा करना शुरू किया। घरों से फोटोकॉपी के लिए पेपर लेना और फिर उसे फोटोकॉपी सहित वापस देकर पैसा ले आना उसका काम था। वह अपने मां-बाप के ऑफिस में फोटोकॉपी करता था और इसके लिए कम रेट पर पैसे चुकाता था जबकि अपने ग्राहकों से वह दो सेंट प्रति कॉपी के हिसाब से वसूलता था जो उस जगह के बाजार से सस्ता था। उसने काफी मुनाफा कमाया।

1985 में  वुडसन हाईस्कूल में पढते  हुए उसने एक लोकल बिल्डिंग कान्ट्रेक्टर के पास सेल्समेन की नौकरी करनी शुरू की और इतना सफल हुआ कि उसके अंदर उसी स्कूल के आधे दर्जन लड़के काम करने लगे। उसके बैंक एकाउंट में सात हजार डॉलर जमा हो गए। उसी पैसे से उसने अपनी सेकेंडहेंड डॉटसन कार खरीदी थी। क्रिस ने इतना बेहतरीन काम किया था कि 1986 में हाईस्कूल की पढाई खत्म होते वक्त उस बिल्डर ने वाल्ट मैकेंडलेस को फोन कर कहा कि वह क्रिस की आगे की पढाई का खर्च खुद उठाएगा अगर वह क्रिस को अन्नाडेल में ही रोक ले, इमोरी विश्वविद्यालय न जाने दे ताकि वह काम भी करता रहे और पढाई भी।

वाल्ट ने उस वाकये को याद करते हुए  कहा,”जब मैंने क्रिस को उसके बॉस द्वारा दिए गए ऑफर के बारे में बताया तो उसने सुनते ही इंकार कर दिया। उसने बॉस को बता दिया कि उसे अपने और कई काम अभी करने हैं।“ जैसे ही हाईस्कूल की पढाई खत्म हुई, क्रिस ने अपने नए खरीदे हुए सेकेंडहेंड डॉटसन कार से पूरी गर्मी देश भर में घूमने की घोषणा कर दी। किसी को यह पता नहीं था कि यह यात्रा आगे चलकर पूरे महादेश की साहस भरी आवारगी का रूप ले लेगी। ना ही उसके परिवार में कोई यह देख पाया कि इस यात्रा में खोजी मैकेंडलेस को कुछ ऐसी चीजें मिलेंगी जो उसको अपने अंदर डूबने और सबसे दूर जाने को प्रेरित करेगी, साथ ही जो उनसे प्यार करते थे उनको उलझनें, गलतफहमियां और दुख देकर जाएगी।

1986 के बसंत में वाल्ट और बिली सप्ताह की छुट्टी में क्रिस के हाईस्कूल की पढाई पूरी होने के बाद उसके लिए एक छोटी पार्टी रखी। उसी आसपास में 10 जून को वाल्ट का जन्मदिन भी था। उस पार्टी में क्रिस ने अपने पिता वाल्ट को तोहफा दिया, एक महंगा टेलीस्कोप।

क्रिस की बहन कैरीन ने बताया,”मुझे याद है, जब क्रिस ने पापा को वह टेलीस्कोप दिया था तब मैं वहीं बैठी थी। क्रिस ने थोड़ी शराब पी थी और उसी में वह होश खो बैठा था। वह बहुत भावुक हो उठा। वह रोने लगा था। उसने किसी तरह अपने आंसुओं को रोका और पापा से कहा कि हलांकि उसके और पापा के बीच सालों से कुछ मतभेद रहे थे, फिर भी पापा ने जितना कुछ उसके लिए किया है और जितना संघर्ष किया है, उसके लिए वह अपने दिल में बहुत सम्मान की भावना ऱखता है। उसने बहुत ही लम्बी और भावपूर्ण बातें कही थी। सभी भावुक हो गए थे। उसके बाद वह अपने ट्रिप पर चला गया था।“

वाल्ट और बिली, मैकेंडलेस को जाने से नहीं रोक सके। हलांकि वाल्ट ने अपना क्रेडिट कार्ड देने में सफलता पायी और उससे वादा लिया कि तीन दिन पर वह फोन किया करेगा। वाल्ट ने उस पल को याद करते हुए कहा,”जब वह जा रहा था तो हमारे हृदय में बहुत कष्ट हो रहा था। लेकिन हम उसे जाने से रोक नहीं पाए।“ हाईस्कूल पास करने के बाद के इस आवारगी में क्रिस अपनी डॉटसन कार लेकर दक्षिण की ओर गया उसके बाद पश्चिम में टेक्सास के मैदानों से होते हुए न्यू मैक्सिको और एरिजोना पहुंचा। फिर उसके बाद प्रशांत महासागर के किनारे की तरफ वह घूमा। शुरू में उसने अपने पिता की बातों का सम्मान करते हुए नियमित फोन किया लेकिन उसके बाद गरमी का मौसम बीतते-बीतते उसने फोन करना धीरे-धीरे कम कर दिया और पतझड़ में इमोरी युनिवर्सिटी में अपने नए कॉलेज की पढाई के शुरू होने से ठीक दो दिन पहले घर वापस लौटा, तब उसकी दाढ़ी के साथ बाल भी बड़े हो गए थे और तीस पौंड घटे वजन के साथ शरीर दुबला हो चला था।

कैरीन ने कहा,”जैसे ही मैंने सुना कि वह घर आया है तो मैं उसके कमरे की तरफ दौड़ी। वह अपने कमरे में सोया था और शरीर से बहुत कमजोर लग रहा था। वह सलीब पर टंगे ईसा जैसा दुबला दिख रहा था। जब मां ने देखा कि उसका वजन बहुत घट गया था, वह बहुत दुखी हुई। उसने पागलों की तरह खाना बनाना शुरू कर दिया ताकि उसे जल्दी से मोटा किया जा सके।“

अपने ट्रिप  के आखिरी दिनों में क्रिस  मोजेव के रेगिस्तान में  खो गया था और वहां शरीर में  पानी की कमी हो जाने से मरते-मरते बचा था। उसके मां-बाप  ने जब उसके साथ हुई इस अनहोनी के बारे में सुना तो वह सावधान हुए थे लेकिन नहीं जानते थे क्रिस को आगे भविष्य में इस तरह के खतरे ना उठाने के लिए कैसे कहा जाय़।

वाल्ट ने उस समय के मैकेंडलेस के मनोदशा के बारे में बताया,” क्रिस ने अब तक कई सारे काम सफलता के साथ किए थे इसलिए उसे अपने ऊपर अति आत्मविश्वास हो चला था। अगर उससे कुछ भी कहा जाता तो वह विनम्रतापूर्वक सुन लेता था और वही करता था जो वह चाहता था। इसलिए उस वक्त मैंने उससे कुछ नहीं कहा। मैं उसके साथ टेनिस खेला करता था और इस दरम्यान हम दोनों के बीच बातें भी होती थी। इसी तरह एक दिन मैंने उसके द्वारा जानबूझकर उठाए गए उस खतरे के बारे में बात की। मैं तब तक समझ चुका था इस बारे में क्रिस से सीधे ये कहने से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा कि आगे से ऐसा खतरा मत उठाना। इसलिए मैंने यही बात कुछ अलग तरीके से कही। मैंने कहा कि उसके इन ट्रिपों पर मुझे कोई ऐतराज नहीं था लेकिन वह थोड़ी सी सावधानी बरतकर चले और वह जहां जाय उसके बारे में हमें बताता रहे।“ वाल्ट की बातों को सुनकर क्रिस गुस्सा हो गया और वाल्ट के इन बातों का उल्टा असर ये पड़ा कि आगे से क्रिस ने उनसे अपने योजनाओं के बारे में बातें करनी बंद कर दी।

उसकी मां  बिली ने बताया,” क्रिस को लगता था कि हम मूर्ख थे जो उसकी इतनी चिन्ता कर रहे थे। अपने ट्रिप के दौरान उसने कहीं से एक छुरा और रायफल पाया था। जब हम उसे कॉलेज छोड़ने अटलांटा जा रहे थे तो वह दोनों चीजें अपने साथ ले गया था। वाल्ट ने हंसते हुए उस घटना को याद किया,” हम जब उसे छोड़ने हॉस्टल जा रहे थे तब हमने सोचा था कि उसके रूममेट के मां-बाप भी वहां होंगे लेकिन वहां सिर्फ उसका रूममेट था। उस कमरे में मैकेंडलेस अपने छुरा और रायफल के साथ अंदर गया। और जानते हैं क्या हुआ? नब्बे दिन बाद उसका रूममेट कॉलेज छोड़कर जा चुका था और मैकेंडलेस तब तक कॉलेज के प्रतिभाशाली छात्रों में गिना जाने लगा था।“

वाल्ट और बिली को तब जाकर और भी आश्चर्य  हुआ जब उन्होनें देखा कि इमोरी  विश्वविद्यालय के जीवन में  मैंकेंडलस को मजा आ रहा था। क्रिस अब क्लीन शेव्ड, छोटे बाल के साथ उसी लूक में फिर आ गया था जैसा कि वह हाईस्कूल के दौरान था। उसने अपने स्कूल के अखबार में लिखना शुरू कर दिया। ग्रेजुएशन के बाद लॉ की पढाई करने के बारे में वह बड़े उत्साह के साथ बात करता था। अगली गर्मी में छुट्टियों में वह अपने घर अन्नाडेल लौटा और अपने पिता की कम्पनी में वह कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर विकसित करने लगा। उसने एक सॉफ्टवेयर बनाया जिसके बारे में वाल्ट ने बताया,” वह प्रोग्राम अभी भी बढ़िया काम करता है और उसकी कई कॉपी हमने बेची भी। लेकिन जब मैंने उस सॉफ्टवेयर के बारे में पूछा कि उसने इसे कैसे बनाया और यह इतना अच्छा कैसे काम करता था तो उसने रहस्य बताने से इंकार करते हुए कहा कि मुझे सिर्फ उस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से मतलब रखना चाहिए। इस बात से मुझे गुस्सा आया। क्योंकि वह सीआईए एजेंट जैसी बड़ी चीज बनने की योग्यता रखता था। लेकिन क्रिस ऐसा ही था और हर चीज के बारे में उसका ऐसा ही रवैया था।“

क्रिस के व्यक्तित्व के कई पहलुओं से उसके मां-बाप परेशान रहते थे। हलांकि क्रिस बहुत उदार और दूसरों का खयाल रखनेवाला था। साथ ही, एक काम को लगातार पागल होकर करना, धैर्य न होना, सिर्फ अपने बात पर अडिग रहना ऐसे गुण थे जो उसके कॉलेज के दिनों में और बढते ही गए थे। उसके दोस्त इरिक ने कहा,”मैं क्रिस के साथ एक पार्टी में गया था। क्रिस बदल सा गया था। वह अन्तर्मुखी के साथ-साथ बहुत शान्त हो चुका था। जब मैंन उसे कहा कि मैं उसे देखकर खुश था तो उसने इस औपचारिकता पर नाराजगी भरे आवाज में बोला कि ऐसी बातें तो सब कहते थे। उससे बात करना बहुत मुश्किल हो रहा था। उसका अपना अध्ययन ही ऐसा विषय था जिसपर वह रुचि के साथ बात करता था। इमोरी विश्वविद्यालय का माहौल बहुत ही सामाजिक है, लेकिन क्रिस उन सबसे कटकर जीवन जी रहा था। वह अपने आपको दोस्तों से दूर होकर खुद में ज्यादा मगन रहता था।“

अगली गर्मी  छुट्टियों में क्रिस  फिर से घर अन्नाडेल आया  और उसने डोमिनो कंपनी में  पिज्जा बेचने का काम शुरू कर दिया। कैरीन ने उसे  याद करते हुए कहा,” उसे यह सब करने में कोई परेशानी नहीं होती थी। उसने बहुत पैसा कमाया। वह हर रात घर आकर पैसे को जोड़ा करता था। वह इस बात की भी परवाह नहीं करता था कि वह इतना काम करके थक गया होगा। वह टेबल पर बैठकर हिसाब लगाता था कि उसने कितने पिज्जे बेचे, उसने आनेजाने में कितना गैस खर्च किया और डोमिनो ने उसे कितना पैसा चुकाया, उसने शाम तक कितना मुनाफा कमाया और अपनी कमाई को पिछले दिनों की कमाई से तुलना किया करता था। उसने हर चीज का बारीकी से हिसाब रखा और मुझे दिखाया कि वह यह बिजनेस कैसे करता था। उसके लिए पैसा मायने नहीं रखता था, बस ये मायने रखता था वह इसे कितना ज्यादा से ज्यादा कमा सकता था। उसके लिए पैसा कमाना एक गेम की तरह था जिसमें वह ज्यादा से ज्यादा स्कोर करना चाहता था।“

क्रिस का अपने मां-बाप के साथ संबंध  उस गरमी तक और भी खराब हो गया  था और वाल्ट या बिली को इसका कारण समझ में नहीं आता  था। बिली ने इस बारे बताया,”वह हम दोनो के साथ सही व्यवहार नहीं कर रहा था। वह अपनी योजनाओं के बारे में हमसे कुछ नहीं बताता था और ज्यादा से ज्यादा समय अपने अंदर खोया रहता था।“

क्रिस का यह गुस्सा औऱ नाराजगी हाईस्कूल के बाद किये गए ट्रिप के बाद और बढ गया था। अपने डॉटसन कार से की गई उस आवारगी के दौरान क्रिस उस इलाके  में गया था जहां उसका बचपन गुजरा था। वहां जाकर उसे अपने परिवार के पुराने दोस्तों से मुलाकात कर अपने पिता की पहली शादी और तलाक से जुड़े कई बातें जानने का उसे मौका मिला, जिसके बारे में उसे पहले मालूम नहीं था।

वाल्ट अपनी पहली पत्नी मार्सिया से अलग नहीं रह रहा था। बिली के साथ उसका प्रेम परवान चढने के बाद और उससे क्रिस के पैदा होने बहुत दिनों बाद तक वाल्ट मार्सिया के पास जाता रहा था और उसी दरम्यान क्रिस जब दो साल का था, मार्सिया ने वाल्ट के एक और बच्चे को जन्म दिया था। वाल्ट चुपके से अपने दोनों औरतों के साथ संबंध को जी रहा था। इन सब बातों को छुपाने के लिए वाल्ट ने बिली और सबसे झूठ बोला था। वाल्ट की इस दोहरी जिंदगी के बारे में जब क्रिस को पता चला तो उसके मन को गहरे जख्म लगे। इस घटना ने सबको दुख दिया था।

संयोग से वाल्ट, बिली और उसके बच्चों, क्रिस और कैरीन के साथ वह जगह छोड़ दिया। उसके बाद मार्सिया के साथ उसका तलाक और बिली के साथ उसकी शादी को कानूनी रूप दिया गया। वाल्ट और बिली ने पिछली जिंदगी की सारी समस्याएं भुलाकर नयी जिंदगी जीनी शुरू कर दी। उसके बाद दो दशक बीत चुके थे। अपराधबोध, जख्म और कलह जैसी बातें बहुत पीछे छूट चुकी थी और ऐसा लग रहा था जैसे तूफान शांत हो चुका था। लेकिन तभी 1986 में क्रिस फिर से उसी पुराने जगह जाकर उस दुखदायी घटना के बारे में सबकुछ मालूम कर आया और तूफान फिर से अस्तित्व में आ गया।

कैरीन ने बताया,”क्रिस चिंतनशील था। अगर कोई बात उसे अंदर ही अंदर खाती रहती थी तो उसे वह किसी को बताता नहीं था। वह उसपर और सोचता चला जाता था और उसके अंदर वो दुखदायी भावनाएं बढती चली जाती थी।“

ऐसा ही कुछ  क्रिस के साथ तब हुआ जब वह अपने ट्रिप के दौरान  अपने पिता के दोहरे जीवन के रहस्य को जानकर लौटा था।  बच्चों के बारे में देखा गया  है कि कभी-कभी अपने मां-बाप  के गुनाहों पर कड़े फैसले  लेते हैं और उनको कभी माफ  नहीं कर पाते। क्रिस ने भी यही किया था। क्रिस  नैतिक विचारों को जीता था और उन्हीं मुश्किल पैमाने पर रखकर अपने आसपास की दुनिया के बारे में सोचता था, जहां उन नैतिकताओं का घोर अभाव था।

लेकिन क्रिस  खुद उन नैतिक पैमानों  को बहुत बार नजरअंदाज कर देता था। वह एक ऐसे आदमी का बहुत दिनों तक प्रशंसक रहा  जो शराबी होने के साथ-साथ  अपनी गर्लफ्रैंड को खूब पीटता  था, जबकि क्रिस को ये बातें  मालूम थी। उसने अपने प्रिय  साहित्यिक जीनियसों, जैक  लंडन और टाल्सटॉय की बड़ी-बड़ी कमियों को भी नजरअंदाज कर दिया था। टाल्सटॉय अपनी किताबों  में सेलीबेसी(ब्रह्मचर्य) की वकालत करने के बावजूद अपनी जवानी में बहुत बड़ा सेक्सुअल एडवेंचरर था। उसने तेरह बच्चे पैदा किए थे और उनमें से कुछ बच्चे उस दौरान पैदा हुए थे जब सेक्स के विरुद्ध लिखी गई उसकी एक किताब छपने जा रही थी। लेकिन अन्य सामान्य लोगों की तरह क्रिस भी लेखकों या कलाकारों को उसके काम के कारण सम्मान करता था, उनके जीवन से उसे कोई मतलब नहीं था, यही उदार सोच उसने अपने पिता के मामले में नहीं अपनायी थी।

जब भी वाल्ट मैकेंडलेस अपने बच्चे क्रिस या कैरीन को कुछ भी समझाता या डांटता तो तुरंत क्रिस अपने पिता के जीवन के उन काले तथ्यों को बताना शुरू करता और उसे पाखंडी कहता। जैसे-जैसे समय बीता, क्रिस का यह खुद को सही ठहराने वाली प्रवृति बढती चली गई और अब उसपर काबू पाना मुश्किल था। क्रिस अपने मां-बाप को धोखेबाजी के लिए माफ करने को कतई तैयार नहीं था। उसने कैरीन और अन्य लोगों से कहा,” उन दोनों के इस धोखे ने उसके पूरे बचपन को झूठी कहानी सा बना दिया है।“

उसने धीरे-धीरे अपने गुस्से को शांत रहकर या रिश्तों में दूरी बनाकर अभिव्यक्ति देने लगा। 1988 तक आते-आते उसका अपने मां-बाप के प्रति रवैया ज्यादा कठोर हो गया और बढते-बढते उसका गुस्सा अब वह दुनिया में हो रहे अन्याय के प्रति दुखी रहने में बदल गया। बिली ने बताया,”क्रिस इमोरी विश्वविद्यालय में पढ रहे धनाढ्य बच्चों की आलोचना करता था।“ उसने नस्लीय समस्या, दुनिया के भूख और धन के असमान वितरण जैसे मुद्दे पर बोलना शुरू कर दिया। अपनी भोग और पैसे के प्रति उसके इस वैराग्य के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि वह उदारवादी था। वास्तव में वह अमेरिकन डेमोक्रेटिक पार्टी का आलोचक था और रोनाल्ड रीगन की नीतियों का समर्थक था। उसने अपने कॉलेज में रिपब्लिकन क्लब भी बना रखा था। लेकिन उसका यह रवैया भी शायद इस कारण था क्योंकि रिपब्लिकन की नीतियों में व्यक्ति के जीवन में राज्य का हस्तक्षेप कम था। मैकेंडलेस के प्रिय लेखक थोरो ने ‘सिविल डिसओबिडिएंस’ में लिखाः ‘वह राज्य सबसे अच्छा है जो सबसे कम शासन करता है।‘

क्रिस ने इमोरी युनिवर्सिटी के अखबार  ‘इमोरी ह्वील’ में कई विचार लिखे। तब से आधा दशक बीतने के बाद भी उन विचारों को पढकर क्रिस के उन भावनात्मक उग्रता का पता चलता है। उस अखबार का संपादक मोरिस ने बताया,”क्रिस के लेखन में भावनात्मक आवेग रहता था।“आगे मैकेंडलेस में यह आवेग बढता ही गया। 1989 के बसंत की छुट्टियों में मैकेंडलेस फिर एक बार बिना किसी तैयारी के अपनी डॉटसन कार लेकर लंबे ट्रिप पर गया। वाल्ट ने क्रिस के उस ट्रिप के बारे में बताया,”पूरी गर्मी उसने हमें सिर्फ दो पोस्टकार्ड लिखा। पहले पोस्टकार्ड में उसने लिखा’ग्वाटेमाला जा रहा हूं’। यह पढकर मुझे भारी चिंता हुई कि कहीं वह अलगाववादियों का साथ तो देने नहीं जा रहा। उसे वे लोग दीवार से ख़ड़ा करके गोली मार देते। फिर गर्मी के अंत में दूसरे पोस्टकार्ड में लिखा’कल फेयरबैंक से घर लौट जाऊंगा’। उसने दक्षिण जाने का इरादा बीच में छोड़ उत्तर में अलास्का की तरफ मुड़ गया था।‘

उत्तर की ओर अलास्का के धूल भरे  हाइवे पर यह उसकी पहली यात्रा थी। वह सिर्फ कुछ दिन वहां रूका और कॉलेज क्लास शुरू होने से पहले वापस लौट आया। उस यात्रा में धरती की विशालता, ग्लेशियर का सौंदर्य और आर्कटिक के आकाश ने उसपर गहरा प्रभाव छोड़ा था। वहां से इमोरी लौटने के बाद उसने हॉस्टल छोड़ दिया और उसने एक कमरा किराये पर लेकर, उसमें साधुओं सा जीवन जीने लगा। उसके बाद वह क्लास में कम जाने लगा। लाईब्रेरी की चाभी उसे एक प्रोफेसर ने दे रखी थी जिसमें वह घंटों पढता रहता था। उसके हाईस्कूल के एक दोस्त एंडी ने दो साल बाद क्रिस को उसी लाईब्रेरी में देखा जबकि वह भी इमोरी विश्वविद्यालय में ही पढता था। क्रिस ने अजनबीपन से उससे कुछ मिनट बातें की और फिर पढने में डूब गया।

क्रिस ने उस साल शायद ही कभी अपने मां-बाप से संवाद किया था। उसने फोन नहीं रखा था, इसलिए उसके मां-बाप भी उससे संपर्क नहीं कर पाते थे। वाल्ट और बिली अपने बेटे से भावनात्मक दूरी होने के बाद दुखी रहने लगे थे। बिली ने क्रिस को एक पत्र लिखाः ‘तुम हम सबको बिल्कुल भूल गए हो जो तुमसे इतना प्यार करते हैं। जो भी तुम कर रहे हो, जिसके साथ भी तुम रह रहे हो, क्या तुम्हारी नजर में वह ठीक है?’ क्रिस की नजर में यह पत्र उसके जीवन में हस्तक्षेप की कोशिश थी और उसने अपनी बहन कैरीन से कहा,”क्या मतलब है यह लिखने का कि मैं किसी के साथ रहा हूं। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि वे सोचते हैं कि मैं होमोसेक्सुअल हूं। वे ऐसा सोच भी कैसे सकते हैं। कितनी बचपना भरी बातें हैं ये।“

1990 के बसंत  में जब वाल्ट, बिली और  कैरीन; मैकेंडलेस के ग्रेजुएशन डिग्री प्रदान किए जाने वाले सामारोह में गए थे तब वह खुश दिख रहा था। अपनी डिग्री लेने जाते समय मैकेंडलेस को उन्होंने मुस्कुराते देखा था। वहीं पर उसने अपने अगले लंबे ट्रिप के बारे में बताया था और कहा था कि उस आवारगी से पहले वह अन्नाडेल में उन सबसे मिलने आएगा। उसके कुछ दिन बाद उसने अपना सारा पैसा भूख से लड़ने वाली संस्था ऑक्सफेम(OXFAM) को दे दिया, अपने डॉटसन कार में सामान भरा और उनके जीवन से निकल गया। उसके बाद उसने अपने मां-बाप से कोई संपर्क नहीं किया यहां तक कि कैरीन से भी नहीं जिसका वह इतना खयाल रखता था।

कैरीन ने कहा,”उसके इस तरह रिश्ता तोड़ लेने से हम सब दुखी थी। मां और पापा तो दुखी के साथ गुस्सा भी थे। लेकिन मैं जानती थी कि वह जहां था, खुश था और अपनी आजादी को ज्यादा से ज्यादा पाना चाहता था। वह जानता था कि अगर मुझे चिट्ठी लिखता या फोन करता तो सबको उसके बारे में पता चल जाता और मां, पापा उसे वापस लाने वहां पहुंच जाते।“ वाल्ट ने कैरीन के इस बात से सहमति जताई।

जैसे-जैसे महीने बीतते गए, क्रिस  की ओर से कोई संवाद नहीं आया और घर में चिंता बढ गई। बिली हर रोज अपने दरवाजे पर क्रिस के लिए एक नोट(Note) चिपकाकर जाती थी। बिली ने बताया,”जब भी हम बाहर जाते और रास्ते में किसी आवारे को देखते उसका चेहरा हमें क्रिस की तरह नजर आता था और हम गाड़ी मोड़कर उसे पास से देखने आते थे। बहुत दुखदायी समय था। ठंड और तूफान वाली रातें बहुत डरावनी लगती थी। मन में खयाल आता था कि पता नहीं क्रिस कहां होगा, इस ठंड में उसके पास गर्म कपड़े होंगे कि नहीं, या कहीं वह घायल और अकेला न हो।“

जुलाई 1992, क्रिस के अटलांटा छोड़ने के ठीक दो साल बाद, चेस्पीक  के समुद्री किनारे के उस मकान में आधी रात को अचानक  बिली उठ बैठी, उसने वाल्ट  को जगाया। उसने जोर देकर कहा,”क्रिस मुझे बुला रहा है। मैं सपना नहीं देख रही। सच कह रही हूं। मैंने उसकी आवाज सुनी है। वह मुझे पुकार रहा है, ‘मां, मेरी मदद करो।‘ लेकिन मैं उसकी मदद नहीं कर सकती क्योंकि मैं नहीं जानती कि वह कहां था।“

इस धरती की सरजमीं मेरे वजूद का एक हिस्सा है। जो रास्ता मुझे पहाड़ियों और निचले मैदानों की ओर जितना ले गई, उतना ही मुझे अपने आत्मा के अंदर भी ले गई। आवारगी में जिन जगहों से मैं गुजर रहा, उसे पढ और सोच रहा था, वह एक खोज था जिसने मेरी आत्मा को इस सरजमीं से जोड़ा। एक समय ऐसा आया जब मैं और मेरी सरजमीं, दोनों मेरे अंदर एक हो गए। उसके बाद मेरी आवारगी का रूप बदल गया। मैंने पढने और सोचने से होने वाले तनाव को छोड़कर सीधे घूमना शुरू किया, बिना पीछे मुड़कर देखे हुए। मैं कहां हूं, क्या हूं; यह सब तय करना मैंने इन पगडंडियों पर छोड़ दिया। ये पहाड़ें, वो छायेदार जगहें, बर्फीली वादियां खुद-ब-खुद बयां कर देंगी कि मैं कहां हूं। फिर उसके बाद सारी दुनिया मुझे खोजती रहे अगर खोज सकती है तो। (जॉन हैन्स, की किताब दी स्टार्स, दी स्नो, दी फायरःट्वेंटी फाइव इयर्स इन दी नार्दर्न विल्डरनेस से उद्धृत)

वर्जीनिया बीच पर क्रिस मैकेंडलेस की बहन के घर में दो तस्वीरें हैः एक में क्रिस के बचपन की तस्वीर और दूसरे में सतरह बरस का क्रिस, कैरीन के साथ। कैरीन उन दोनों तस्वीरों के देखकर बोली,” कितने आश्चर्य की बात है कि दोनों तस्वीरों के बीच दस बरस का फासला है लेकिन दोनों में क्रिस का हाव-भाव एक जैसा है।“ कैरीन ठीक कह रही थी। दोनों तस्वीर में क्रिस लेंस की तरफ तनावग्रस्त और अनिच्छा भाव से देख रहा है, जैसे लग रहा है कि उसे किसी ने गहरे चिंतन के बीच में ही टोक दिया और वह कैमरे के सामने खड़े होकर समय गंवाने को लेकर गुस्सा है।

उस घर में वहीं बैठा पपी(पिल्ला) अब तेरह साल जवान कुत्ता हो चुका था जिसे कैरीन के लिए  बचपन में वाल्ट लाया था और जिससे क्रिस को काफी लगाव था। कैरीन ने कहा,”क्रिस को जानवरों से बहुत प्यार था। जिस साल वह गायब हुआ था, वह अपने साथ इस कुत्ते को भी ले जाना चाहता था। इमोरी से ग्रेजुएशन के बाद उसने मां और पापा से इस बारे में पूछा था लेकिन दोनों ने मना कर दिया क्योंकि एक कार के नीचे आ जाने के कारण कुत्ते का पैर जख्मी था और उसका इलाज चल रहा था। लेकिन अपने फैसले पर अब वह पछता रहे हैं। अगर क्रिस इस कुत्ते को अपने साथ ले जाता तो शायद वह इतना खतरा नहीं उठा पाता। क्रिस को भले अपनी जान प्यारी नहीं थी लेकिन वह इस कुत्ते की जान को कभी खतरे में नहीं पड़ने देता।“

कैरीन अपने भाई क्रिस के जितनी ही लंबी हैं-पांच फीट आठ ईंच  की, और चेहरा भी लगभग क्रिस  से मिलता जुलता है इसलिए  लोग पूछ बैठते हैं कि दोनों जुड़वे तो नहीं।  क्रिस की तरह ही कैरीन  भी अपने मां-बाप से लड़ती  रहती थी। लेकिन दोनों  के गुण जितने मिलते थे उससे ज्यादा दोनों एक दूसरे से भिन्न प्रकृति के थे। क्रिस के गायब हो जाने के बाद कैरीन ने अपने मां-बाप को बहुत संभाला और अब अपने रिश्ते को वो बहुत अच्छा कहती हैं। उसे समूह में आनंद आता है जबकि क्रिस को अकेलापन में ज्यादा पसंद था। हलांकि क्रिस की तरह वह भी नस्लभेद और सामाजिक अन्याय की विरोधी हैं लेकिन पैसे से उसका कोई बैर नहीं है। कैरीन बोली,“हमेंशा मां-पापा को दिन रात व्यस्त देखकर अच्छा नहीं लगता था लेकिन मैं भी आज वही कर रही हूं जो वे कर रहे थे। क्रिस मेरे कैपिटलिस्ट मानसिकता का मजाक उड़ाता था।“ इन सबके बावजूद क्रिस और कैरीन के बीच भावनात्मक जुड़ाव गहरा था। क्रिस ने एक बार कैरीन को लिखा,”मैं तुमसे अपने मन की बात कहता सुनता हूं क्योंकि दुनिया में एक तुम ही हो जो मुझे समझती हो।“

क्रिस के मरने के दस महीने बाद भी कैरीन उस दुख से उबरी नहीं है। “मैं तकरीबन रोज रो देती हूं उसे याद करके। अक्सर जब भी मैं अकेले कार से जा रही होती हूं तब खुद को उसे याद करने से रोक नहीं पाती और टूट सी जाती हूं।“

17 सितम्बर  की शाम को वह अपने  कुत्ते को नहला रही  थी तभी उसका पति फिश  घर पहुंचा। उसे इतनी  जल्दी शाम को ऑफिस से  लौटा देखकर कैरीन को  आश्चर्य हुआ क्योंकि  वह देर रात तक वहां  काम करता रहता था। “वह कुछ ज्यादा ही मजाकिया व्यवहार कर रहा था लेकिन उसके चेहरा आतंकित सा लग रहा था। वह अंदर गया, फिर बाहर आया और कुत्ते को नहलाने में मेरी मदद करने लगा। मैं समझ गयी कि कुछ गलत हो चुका है क्योंकि वह कुत्ते को कभी नहीं नहलाता था। उसने कहा कि वह कुछ बात करना चाहता था। मैं उसके साथ अंदर गयी। फिश वहां सर झुकाए उदास बैठा था। वह दिल पे चोट खाये आदमी जैसा लग रहा था। मैंने कहा कि लगता है कि ऑफिस में किसी ने उसे मजाक में झूठ कह दिया कि मैं किसी और के साथ बाहर कहीं थी। मेरे इतना कहते ही वह हंसने लगा,”क्या किसी के पास इतना फालतू समय है कि वह तुम्हें दे।“ उसने मेरी तरफ देखा, उसकी आंखें लाल थी।“

फिश ने कहा,”तुम्हारा भाई मर गया।“ फिश को ये समाचार क्रिस के सौतेले बड़े भाई सैम मैकेंडलेस ने दी थी। कैरीन की आंखे भर आयीं और उसके सामने अंधेरा सा छाने लगा। कैरीन रो पड़ी,”नहीं, क्रिस मरा नहीं है।“ वह इतनी जार-जार रो रही थी कि फिश को लगा कि कहीं पड़ोसी ये सोचकर पुलिस को ना बुला ले कि वह उसे पीट रहा था। कैरीन, कॉउच पर बैठी-बैठी लगातार रोए जा रही थी और जब फिश ने उसे सहारा देने की कोशिश की तो उसने उसे धक्का देकर कहा कि वह उसे अकेला छोड़ दे। अगले पांच घंटे तक वह इसी तरह पागल होकर रोती रही। लेकिन रात 11 बजे तक वह थोड़ी शांत हुई। उसने कुछ कपड़े बैग में रखे, फिश के साथ कार में बैठी और अपने मां-बाप के पास चेस्पीक समुद्री किनारे की तरफ चल पड़ी जो वहां चार घंटे की दूरी पर था।

रास्ते  में कैरीन ने एक चर्च देखकर  फिश को गाड़ी रोकने को कहा। “मैं चर्च के अंदर गई और एक घंटे तक अंदर बैठी रही। मैं ईश्वर से कुछ जबाब चाहती थी। लेकिन मुझे कोई जबाब नहीं मिला।“

हलांकि  फेयरबैंक पुलिस को क्रिस  के सौतेले भाई सैम ने यह पुष्टि कर दिया था कि अलास्का  में जिस आवारे की मौत  हुई, वह उसका भाई था। लेकिन  वहां के जांचकर्ता अभी  क्रिस के दांतों के रेकार्ड  से मिलान करने में लगे  थे, उसके बाद ही कुछ कहने को तैयार थे। बिली ने तब तक लाश की तस्वीर पर नजर  नहीं डाली जब तक कि एक दिन  बाद यह साबित नहीं हो गया  कि सुषाना नदी के पास के बस में मिली लाश उसके बेटे की ही थी।

अगले दिन  कैरीन और सैम फेयरबैंक प्लेन से गए, क्रिस का अवशेष  लाने के लिए। वहां उसे क्रिस  का वह सारा सामान दिया गया  जो वहां मिला थाःउसका रायफल, दूरबीन, रोनाल्ड फ्रांज द्वारा दिया गया फिशिंग रॉड, जेन  द्वारा दिया छुरा, पौधों को जानकारी देने वाला किताब, उसकी डायरी, कैमरा और पांच फिल्म रोल। उसके चौबीस  घंटे बाद दोनों एंकरेज गए जहां साइंटिफिक क्राइम डिटेक्शन लेबोरेटरी द्वारा पोस्टमार्टम के बाद क्रिस  को जलाया गया था। एक प्लास्टिक  बॉक्स में क्रिस के राख  कैरीन को दिया गया।

कैरीन ने उस पल को याद करते हुए कहा, “वह बॉक्स बहुत बड़ा था। उस पर क्रिस का नाम गलत लिखा था। क्रिस्टोफर आर मैकेंडलेस। जबकि आर (R) की जगह जे (J) होना चाहिए था। एक क्षण के लिए मन में खयाल आया कि यह क्रिस नहीं कोई और है। मैं पागल हो गई थी। क्रिस मेरे इस पागलपन को नहीं समझ पाता। वह इसका मजाक उड़ाता।“

उसके बाद  वे सारे सामान के साथ मैरीलैंड, वाल्ट और बिली के पास लौट आए। लौटते समय फ्लाईट में कैरीन के सामने एयर होस्टेस ने जो-जो खाने का सामान रखा, वह उसे खाती गई। कैरीन ने कहा,”उस फ्लाईट में जो भी खाने का सामान था, वह बेहद घटिया किस्म का था लेकिन मैं उसे फेंक नहीं सकी ये यादकर कि मेरा भाई भूख से मर गया था।“ उसके एक सप्ताह बाद तक कैरीन को लगता रहा कि उसका भूख मर सा गया था और उसका वजन दस पाउंड कम हो चुका था, दोस्तों ने सोचा कि कहीं उसे एनेराक्सिया (एक मानसिक बिमारी जिसमें आदमी खुद को जानबूझकर भूखा रखता है) तो नहीं हो गया।

मैरीलैंड में बिली खाना त्याग चुकी थी। जब तक वह फिर से उसके खाने की इच्छा जगी तब तक उसका भी वजन आठ पौंड कम हो चुका था। उधर वाल्ट अचानक खूब खाने लगा और उसका वजन आठ पौंड बढ गया। एक महीने बाद खाने के टेबल पर बिली उन तस्वीरों को देख रही थी जिसमें क्रिस के आखिरी दिन कैद थे। वह जैसे-जैसे तस्वीर देखती जा रही थी, वैसे-वैसे टूटकर रोती जा रही थी; वह एक मां का रोना था जिसने अपना बेटा खो दिया था और यह इतनी बड़ी क्षति थी जिसे मापने के लिए मन के पास पैमाना नहीं था। उस दर्द की ऊंचाई और गहराई को करीब से देखने पर लगता था कि इतना गहरी और ऊंची शायद ही धरती पर कोई चीज थी जिसे देखने के लिए आदमी जान का खतरा उठाता था। क्रिस की मां बिली अपने आंसुओं को रोकने की कोशिश करते हुए बोल पड़ी,”मुझे बिल्कुल समझ में नहीं आता कि उसने इस तरह से जान जोखिम में क्यूं डाला। मैं बिल्कुल समझ नहीं पाती।“

अमेरिका के भोगवादी जीवन से ऊबे क्रिस्टोफर ने खुद को जानने के लिए आवारगी का रास्ता चुना। सारे पैसे दानकर, परिचय-पत्र फेंककर और परिवार को बिना कुछ बताए उसने गुमनामी-घुमक्कड़ी का जीवन जीना शुरू किया। दो साल बाद वह अलास्का के निर्जन इलाके में जाकर रहना शुरू कर दिया। वहां जीवन की विपरीत परिस्थितियों से लड़ते हुए जीवन की खोज जारी रखी। वह ऐसा क्यों बना... अलास्का में उसके साथ क्या हुआ.. यह सब-कुछ जॉन क्राउकर नाम के पत्रकार ने बहुत शोध के बाद अपने किताब 'Into the wild' में लिखा। सीन पेन ने इसी नाम से एक बेहतरीन फिल्म बनाई जो विश्व के सौ महान सिनेमा में गिनी जाती है। Into the wild' का हिंदी में अनुवाद कर रहे हैं युवा पत्रकार राजीव कुमार सिंह। इसका पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा और पांचवां पार्ट आप लोग पढ़ चुके हैं। ये था छठवां पार्ट। राजीव ने इस उपन्यास का अनुवाद करके पत्रकारिता क्षेत्र में दस्तक दी है। उनके अनुवाद में कई कमियां-गल्तियां हैं, ऐसा उनका कहना है। पर इसे एक युवा पत्रकार का शुरुआती गंभीर प्रयास मानते हुए कमियों की अनदेखा की जाए, ऐसा वह अनुरोध करते हैं। राजीव की इच्छा है कि उनके परिचय में लिखा जाए- एक बेरोजगार पत्रकार जिसे एक अदद नौकरी की तलाश है। राजीव से संपर्क This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it के जरिए किया जा सकता है। -एडिटर, भड़ास4मीडिया


AddThis