लोकप्रियता ने कालम को किताब बनाया

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जागरण समूह के लोकप्रिय टैबलायड अखबार 'आई-नेक्स्ट' के संपादकीय पेज पर 'खूब कही' कालम में प्रकाशित चुनिंदा व्यंग्य लेखों को संग्रहित कर एक किताब का रूप दिया गया है। 'खूब कही' नाम इस किताब में 43 व्यंग्य लेखों को शामिल किया गया है। किताब के संपादक आलोक सांवल हैं। केंद्रीय संयोजक शर्मिष्ठा शर्मा हैं जबकि पुस्तक संपादक का दायित्व प्रतिभा कटियार ने निभाया है। क्रिएटिव में सुशील राणा और अजिता कपूर हैं। लेआउट डिजायनिंग का काम किया है अजिता कपूर और मनोज शर्मा ने।

99 रुपये में 99 पृष्ठों वाली इस किताब की शुरुआत में 'आई-नेक्स्ट' के संपादक और प्रोजेक्ट हेड आलोक सांवल का संपादकीय है, जिसमें वे एक जगह लिखते हैं- 'व्यंग्य की यह शुरुआत जब हमने अपने संपादकीय पेज पर खूब कही कॉलम के रूप में की तो सबसे पहला पाजिटिव रिस्पांस लेखकों से मिला. खूब कही लिखने वालों में जहां वरिष्ठ लेखकों ने शिरकत की वहीं नये लेखकों का उत्साह भी काबिले तारीफ था. एडिट पेज का यह कालम रीडर्स ने इतना पसंद किया कि कई लोगों ने इसकी कटिंग करके रखना शुरू कर दिया. तब हमने सोचा कि क्यों न हम अपने रीडर्स की यह प्राब्लम साल्व करते हुए उनके लिए खूब कही का कलेक्शन तैयार करें.'

इस किताब के तीन पृष्टों में जागरण प्रकाशन लिमिटेड की यात्रा और इसके सहयोगी डिवीजन के बारे में जानकारी दी गई है। किताब के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it का सहारा ले सकते हैं। 


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