तब तक बोलने के लिए कोई बचा ही नहीं था

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पहले वो आए साम्यवादियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं साम्यवादी नहीं था

फिर वो आए मजदूर संघियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं मजदूर संघी नहीं था

फिर वो यहूदियों के लिए आए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं यहूदी नहीं था

फिर वो आए मेरे लिए

और तब तक बोलने के लिए कोई बचा ही नहीं था

-मार्टिन नीमोलर (1892-1984)


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