नन्द चतुर्वेदी के गीत संग्रह का विमोचन

E-mail Print PDF

प्रसिद्ध सहित्यकार नंद चतुर्वेदी के नए गीत संग्रह "गा हमारी जिंदगी कुछ गा" का लोकार्पण उदयपुर के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में हुआ। इस लोकार्पण कार्यक्रम में प्रसिद्ध समीक्षक डॉ. नवल किशोर ने कहा कि आज जब समाजवाद का सपना देखना भी मुश्किल हो रहा हो, उसे देखते रहने के लिए नंद चतुर्वेदी को सलाम।

केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी ने इस अवसर पर कहा कि मैं नंद बाबू के सहित्यिक रूप से मैं ज्यादा परिचित नहीं हूँ, क्योंकि मैं साहित्य का विद्यार्थी नहीं हूँ। मैं उन्हें समाजवादी विचारधारा के पुरोधा के रूप में ही जानता हूँ। वे राजनीतिक जगत को समझने वाले साहित्यकार हैं और उनके विचार कालातीत हैं।

नंद चतुर्वेदी द्वारा आजादी के बाद लिखे गये बदलाव के समाजवादी गीतों के बारे में कोटा खुला विश्वविद्यालय के उपकुलपति नरेश दाधीच ने कहा कि 88 वर्ष की आयु में नंदजी के गीत जीवंतता और जीजिविषा से भरे हुए हैं। जीवंतता से भरे इस सृजन की चर्चा करते हुए कवि नंद चतुर्वेदी ने कहा कि ये गीत 50 से 60 के बीच लिखे गये है पर इस संग्रह में नये गीतों का समावेश भी किया गया है। नंद चतुर्वेदी ने इस अवसर पर दो गीतों का सस्वर पाठ भी किया।

नंद चतुर्वेदी के पिछले 50 वर्षों से मित्र रहे लोककर्मी महेंद्र भाणावत ने नंद चतुर्वेदी की ठसक, ठिठोल और ठहाकों की बात करते हुए उन्हे जनकवि बताया। समारोह में उदयपुर विश्वविद्यालय के उपकुलपति आईपी त्रिवेदी समेत कई महत्वपूर्ण साहित्यिक और सामाजिक हस्तियां शामिल थीं। इस पुस्तक का प्रकाशन नई दिल्ली के राजकमल प्रकाशन ने किया है।


AddThis