बिना लाइसेंस के भिवानी में चल रहे हैं निजी न्‍यूज चैनल

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श्रीमान जी, भिवानी में पिछले काफी दिनों से प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण में एक निजी न्यूज चैनल भिवानी हलचल चल रहा है। इस न्यूज चैनल के पास केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से प्राप्त कोई लाईसेंस भी नहीं है इसके बावजूद भी न्यूज चैनल धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। भिवानी हलचल ही नहीं केबल पर देसी तड़का, वीडियो मिर्ची व एक अन्य चैनल भी चलाया जा रहा है।

इन चैनलों पर गैर-कानूनी ढंग से विज्ञापन चलाए जा रहे हैं। केबल नेटवर्क आसपास के तकरीबन 72 गांव में है। जिसके लिए भूमिगत केबल बिछाने के लिए पंचायत विभाग से भी अनुमति नहीं ली गई है। इसके अलावा शहर के बिजली के खंभों, टेलीफोन के खंभों पर भी गैर-कानूनी ढंग से तार बिछाए गए हैं जिससे बिजली व टेलीफोन व्यवस्था भी बाधित रहती है। इन्हीं बिन्दुओं को लेकर पिछले दिनों सामाजिक आरटीआई कार्यकर्ता एवं जिला उपभोक्ता कल्याण संघ के अध्यक्ष दीनदयाल सोनी ने इसकी शिकायत भिवानी के उपायुक्त से की लेकिन उपायुक्त ने जांच का जिम्मा पुलिस अधीक्षक को सौंप दिया।

पुलिस ने अधीक्षक ने अपनी जांच में कहा कि बिना लाइसेंस के न्यूज चैनल चलाने पर कोई जुर्म नहीं बनता। इसलिए शिकायतकर्ता की शिकायत गलत है। लेकिन एसपी की जांच के बाद भी प्रशासन ने इसकी जांच एसडीएम को सौंप दी। अब एसडीएम इसकी जांच कर रहे हैं। लेकिन गत तीन चार अवसर पर चैनल के कथित मुख्य संपादक एसडीएम कार्यालय में हाजिर नहीं हुए।

अब श्री सोनी ने पुलिस अधीक्षक भिवानी कार्यालय में आरटीआई लगाकर सूचना मांगी है कि उनके द्वारा दी गई शिकायत में उत्तरवादीगण व उनको शामिल किया गया है। अगर किया गया है तो उन्हें सूचना क्यों नहीं भेजी। जांच में किस-किस व्यक्ति को शामिल किया गया और जांच किस अधिकारी से करवाई गई। आरटीआई से सूचना मांगने के बाद अब एसपी कार्यालय के भी होश उड़ गए हैं। वहीं शिकायत की जांच एसडीएम द्वारा की जा रही है।

श्री सोनी ने इसकी प्रतिलिपि भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, हरियाणा के मुख्यमंत्री को भी की है। सोनी के इस पत्रकार व्यवहार से जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की भी नींद उड़ गई है जिनके संरक्षण में ये चैनल चलाए जा रहे हैं। समाचारों के माध्यम से ये चैनल के संचालक विभिन्न विभागों के अधिकारियों व आम जनता को ब्लैकमेल करने का प्रयास करते हैं जो कि स्वच्छ पत्रकारिता के लिए अच्छे संकेत नहीं है।

भिवानी से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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