उर्दू और पंजाबी अखबार लांच करेगा दैनिक जागरण!

E-mail Print PDF

हिंदी भाषी क्षेत्र के मार्केट में बढ़ते कंपटीशन और नये बाजार की लगातार कम होती संभावनाओं के बाद खबर है कि जागरण ग्रुप अब अपना विस्‍तार दूसरी भाषाओं और क्षेत्रों में करने की स्‍ट्रेटजी पर काम कर रहा है. सूत्रों पर भरोसा किया जाए तो जागरण अब हिंदी और अंग्रेजी के बाद उर्दू और पंजाबी बाजार में अपनी संभावनाएं तलाश रहा है. इसके लिए सर्वे करने का काम शुरू कर दिया गया है.

हिंदी के सबसे बड़े प्रसार वाला दैनिक जागरण ग्रुप अब कुछ-कुछ दैनिक भास्‍कर के नक्‍शे कदम पर चलते की तैयारी शुरू कर दी है. भास्‍कर ग्रुप ने जिस तरह हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषी क्षेत्रों में अपने ग्रुप का विस्‍तार किया है, कुछ उसी तर्ज पर जागरण ग्रुप भी पंजाबी और उर्दू में अपने प्रकाशन के विस्‍तार करने की रणनीति पर काम कर रहा है.

खबर है कि जागरण उर्दू अखबार के लिए शुक्रवार से गोरखपुर और बस्‍ती मंडल में अपने सर्वेयरों को उतार दिया है. यह टीम मुस्लिम बहुल इलाकों में पहुंचकर लोगों की राय ले रही है और संभावनाओं की तलाश कर रही है. जागरण ने पहले ही मुंबई से प्रकाशित उर्दू अखबार इंकलाब का टाइटिल खरीद लिया है. यानी अगर उर्दू अखबार प्रकाशित होगा तो संभावना है कि इसी नाम से इसका प्रकाशन किया जाएगा.

जागरण ने इसके लिए पहले ही वरिष्‍ठ पत्रकार शकील शम्‍सी को अपने साथ जोड़ लिया है. उन्‍हें उत्‍तर भारत का हेड बनाकर अखबार को लाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है. खबर है कि शकील इस अखबार लाने के लिए सक्रिय भी हो चुके हैं. संभावना है कि उनके निर्देशन में ही उर्दू अखबार लांच करने की तैयारियों के तहत गोरखपुर और बस्‍ती मंडल में जागरण ने सर्वे का काम शुरू कराया है. ताकि जल्‍द से जल्‍द अखबार के प्रकाशन को मूर्त रूप दिया जा सके.

दूसरी तरफ एक खबर यह भी है कि जागरण पंजाब में भी पंजाबी भाषा का अखबार निकालने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए भी बाजार तथा संभावनाएं तलाश की जा रही हैं. अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि अखबार किस नाम से निकलेगा. जागरण ग्रुप किसी पंजाबी अखबार का अधिग्रहण करेगा या अपना कोई टाइटिल बुक कराएगा. पर जागरण ग्रुप के पंजाबी अखबार के आने को लेकर सुगबुगाहट और चर्चाएं काफी तेजी से चल रही हैं.

हिंदी पट्टी में बाजार सीमित होने और प्रतिस्पर्धा तेज होने के कारण जागरण पहले ही दक्षिण भारत के बाजार पर अपनी नजर गड़ा रखा है. जागरण प्रकाशन लिमिटेड ने अब अपने फ्लैगशिप अखबार दैनिक जागरण व अन्य सहयोगी प्रकाशनों के लिए दक्षिण भारत के बाजारों में संभावना टटोल चुका है. जागरण के रणनीतिकार इन इलाकों त‍था भाषाओं में मौजूद संभावना को देखते हुए पहले मारे से सो मीर की तर्ज पर काम कर रहे हैं.

गौरतलब है कि दक्षिण भारत में इससे पहले ही जागरण ने मिड डे का अधिग्रहण कर अपना बाजार बना लिया है. पिछले साल मई में दैनिक जागरण ने अपने हिंदी अखबार के लिए बंगलुरू में अपने टाइटिल को अनुमोदित भी चुका है. यानी इस इलाके पर भी उसकी हिंदी भाषियों पर नजर है. चर्चा है कि यहां हिंदी के साथ उर्दू भाषियों के बाहुल्‍य को देखते हुए उर्दू अखबार भी लांच किया जा सकता है.


AddThis