प्रेस कांफ्रेंस के चक्‍कर में भिड़े दो अखबारों के रिपोर्टर और फोटोग्राफर

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जबलपुर के रिपोर्टर आज कल कुछ ज्यादा ही प्रेस कांफ्रेंस के भूखे हो गए है. रोज कही न कही प्रेस कांफ्रेंस होती रहती है. जहाँ मक्खियों की तरह बिन बुलाये या आमतौर पर नजर न आने वाले रिपोर्टर भी नजर आने लगे हैं. गिफ्ट और खाने के लिए ही जाते है ये लोग. कवरेज में फोटोग्राफर को भेज देते है. लेकिन खुद कभी नहीं जाते और यदि गए तो पेट्रोल का खर्चा मांग लेते है.

ऐसा नहीं है के सभी रिपोर्टर इस तरह के हैं. कुछेक हैं जो गिफ्ट को भी नहीं लेते या फिर साफ़ मना कर देते है .नई दुनिया,  पत्रिका और पीपुल्स समाचार ये तीनों न तो खाने के लिए मरते हैं और न ही गिफ्ट के लिए, बाकी तो जाते ही इसलिए है कि गिफ्ट और खाना मिलेगा. जहाँ गिफ्ट या खाना नहीं मिलता ये प्रेस कांफ्रेंस को दो मिनट में बहाना मारकर समाप्त कर देते हैं.

ये रिपोर्टर प्रेस नोट के बिना काम नहीं कर पाते. फोटोग्राफर भी अपनी दुकान सजाने में लग जाते हैं कि पूरे आयोजन का ठेका उन्हें मिल जाये तो क्या बात हो.  इस चक्कर में शुक्रवार को एक अखबार के रिपोर्टर और फोटोग्राफर दूसरे अखबार के रिपोर्टर और फोटोग्राफर से प्रेस कांफ्रेंस के स्थान पर ही भिड़ गए.  नये रिपोर्टर और फोटोग्राफर भी दुकान चलाने के सिवाए और कुछ नहीं करते.


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