खबर दबाने के लिए मीडिया के लोगों में दो लाख रुपये बांट डाले

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छत्‍तरपुर में प्रशासन ने एक गोदाम पर छापेमारी करके भारी मात्रा में विभिन्‍न ब्रांडों के रैपर, खाली डिब्‍बे और सरकारी अनाज पाए. छापेमारी में अवैध तरीके से ब्रांड नामों से नकली सामानों को बेचने की बात भी सामने आई. परन्‍तु बीजेपी के एक नेता के सहयोग से इस मामले पर लीपापोती कर दी गई. इस घटना को कवर करने वाले मीडियाकर्मियों को भी ले-देकर खुश कर दिया गया. मीडिया वालों को इस खबर को न दिखाने के लिए लगभग दो लाख रुपये बांट दिए गए.

छत्‍तरपुर के नौगांव रोड‍ स्थित मठोले लक्ष्‍मण दास साहू के गोदाम पर गुरुवार की दोपहर खाद्य विभाग, नाप-तौल विभाग और पालिका के अमले ने संयुक्‍त रूप से छापामार कार्रवाई की. टीम को मौके से भारी मात्रा में उत्‍तर प्रदेश का सरकारी चावल, कई नामी गिरामी कंपनियों के रैपर पाए गए. इसके पहले इस टीम ने छत्रसाल चौक पर भी कुछ स्‍टोरों पर छापामार कार्रवाई करके सैंपल लिया था.

प्रत्‍यक्षदर्शियों ने बताया कि जब अधिकारी छापामारी की कार्रवाई कर रहे थे तभी सत्‍ता पक्ष से जुड़े एक नेता के दबाव में पूरी कार्रवाई रोककर मामले की लीपापोती कर दी गई. अधिकारी गोदाम मालिक पर कानूनी कार्रवाई करने की बजाय बस सैंपल भरकर पूरी कार्रवाई को निपटा दिया. यह मामला पूरी तरह दब जाता परन्‍तु मीडियाकर्मियों के मौके पर पहुंच जाने से छापेमारी की कार्रवाई की सूचना को दबाया नहीं जा सका.

उन्‍हीं बीजेपी के नेता महोदय के मार्फत इस खबर को चैनलों पर न दिखाने के लिए मांडवाली करवाया गया. व्‍यापारी और मीडियाकर्मियों के बीच जटाशंकर पैलेस में समझौता हुआ. चिन्हित पत्रकारों को रुपये बांटे गए. चर्चा है कि खबर दबाने के लिए व्‍यापारी ने लगभग दो लाख रुपये बांट दिए. इसके बाद अधिकारियों को भी लेन-देन कर सलटा लिया गया. किसी अधिकारी ने इस मामले में मीडियाकर्मियों से बात नहीं किया.

गौरतलब है कि इसी गोदाम पर वर्ष 2008 में भी छापेमारी की कार्रवाई हुई थी, तब एक नौकर को मोहरा बनाकर पूरे मामले से मालिकों को बचा लिया गया था. इस मामले में भी काफी लेनदेन किया गया था. जिसके बाद अधिकारियों ने इस मामले को रफादफा कर दिया था. आशंका जताई जा रही है कि इस बार भी अधिकारी खुश किए जाने के बाद इस मामले में लीपापोती कर देंगे.


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