टर्की में भारतीय मीडियाकर्मी ने एयरपोर्ट से चुरायी कीमती सेंट की शीशी

E-mail Print PDF

: प्‍लेन में सेंट छिड़कने पर भी हुआ जमकर बवाल : सात सितारा होटल में पान की पीकों से पच्‍चीकारी : पुलिस तक बुलाने की नौबत आयी, माफी मांगी : अब शुरू हो गयी बदतमीजों की तलाश :  विज्ञापन विशेषज्ञों के साथ था आला पत्रकारों का दल : राडिया, बरखा दत्‍त और वीर सांघवी तो अपनी करतूतों के चलते अपने ही देश में नाक कटवा रहे थे, लेकिन देश के एक बडे अखबार समूह के लोगों ने अपनी नाक कटवाने के लिए टर्की की ओर रूख कर लिया।

चोरी और छेड़खानी से लेकर एक सात सितारा होटल की सीढियों और दीवारों पर पान की पीक से पच्‍चीकारी तक करने की अपनी करतूतों के चलते इन लोगों की खासी फजीहत भी हुई। होटल प्रबंधन ने तो इसके लिए इन लोगों की सरेआम लानत-मलामत कर दी। वह भी देश-विदेश के अपने दूसरे टूरिस्‍टों के सामने। वह तो गनीमत रही कि टीम के कुछ लोगों ने सरेआम गिड़गिड़ाते हुए होटल प्रबंधन से माफी मांग कर मामला रफा-दफा कर दिया, वरना होटल प्रबंधन तो बाकायदा पुलिस बुलाने पर अड गया था।

बहरहाल, यह लोग भारी जुर्माना अदा कर रिहा किये गये। अब इस अखबार समूह के मालिकों ने असली मुजरिम का पता लगाने के लिए छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि सब जानते हैं कि यह किन-किन लोगों की घिनौनी हरकत थी, लेकिन जांच के नाम पर समूह की बचीखुची नाक और असली मुजरिमों को बचाने की कोशिशें ही हो रही हैं। चर्चा है कि विज्ञापन से जुडे अपने लोगों को ऐय्याशी कराने के लिए इस समूह ने अपने कुछ आला दर्जे के पत्रकार अफसरों को भी पांच दिन का टर्की-टुअर आयोजित कराया था। मकसद था ज्‍यादा बिजनेस करने वालों को मौज-मस्‍ती कराना। साथ में कुछ बड़बोले पत्रकार-नुमा अफसरों को भी विदेश की रंगीनियों के दर्शन कराने थे। इनमें से कुछ तो बेहिसाब पान खाने और धकाधक सिगरेट के कश लगाने के लिए कुख्‍यात हैं।

बहरहाल, विदेश-भ्रमण पर निकली इस टीम के कुछ लोगों ने अपनी बेहूदगी दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्‍ट्रीय एयरपोर्ट से ही शुरू कर दी थी। पहला हाथ मारा गया एक ड्यूटी फ्री शाप पर। एक बडे पत्रकार-अफसर ने सेंट की एक कीमती शीशी पर हाथ साफ कर दिया और लगा अपने साथियों पर फुर्र-फुर्र छिड़कने। साथियों ने जब टोका तो बोला कि कौन सा जेब से खरीदा है, मैंने तो हाथ साफ कर दिया था इस पर। यह हरकत हवाई जहाज पर चढ़ने पर भी जारी रही। पूरा प्‍लेन सेंट की तीखी गंध से भर गया। यात्रियों की शिकायत पर एयर होस्‍टेस ने जब उसे टोका तो बोला- मैं अपने साथियों पर छिड़क रहा हूं, तुम्‍हारा क्‍या। लेकिन यात्रियों ने भी कड़ा ऐतराज जताया तो साथियों ने बीच-बचाव कर मामला ठण्‍डा करा दिया।

अब टर्की पहुंचने के अगले ही दिन होटल वालों ने सीढियों और दीवारों पर पान की पीक देखी। सीसी कैमरे से जांच हुई तो टीम के इन्‍हीं महाशय का थोबड़ा दिखा। खूब बवाल हुआ, होटल प्रबंधन ने जमकर लताड़ा। टर्की बोली में गालियां भी दीं, जो शायद वे समझ कर भी नहीं समझे और सरेआम माफी मांग कर खाल बचायी। हालांकि इसके बावजूद होटल प्रबंधन ने टूअर आपरेटर को कड़ा पत्र जरूर लिख दिया। लेकिन इतना ही नहीं, एक दूसरे सज्‍जन तो इश्किया मूड में थे। शराब के नशे में शबाब दिखते ही मस्‍त हो जाने वाले इन सज्‍जन की फितरत जाग उठी। सो एक युवती पर लाइन मारने लगे। बदतमीजी की सीमा पार होती देखकर युवती ने हंगामा कर दिया। लोगबाग आक्रामक अंदाज में जुटे, तो इन सज्‍जन ने उसे अपनी बहन करार देते हुए कान पकड़ कर माफी मांग कर जान बचायी।

अरे हां, पहले वाले चोर पत्रकार-प्रबंधक ने शापिंग के दौरान पांच-पांच डालर में बिकने वाले बीस मोमेंटो चुरा लिये। बाद में उसे अपने साथियों को दिखाते हुए उसे दो-दो डालर में बेचने का प्रस्‍ताव रखा। हालांकि उनकी यह हरकत सेंट चोरी वाली वारदात की ही तरह खुल नहीं सकी, लेकिन टर्की के होटल की शिकायत जरूर रंग ले आयी। टुअर आपरेटर ने समूह के मालिक को पूरा ब्‍योरा बताया। अब चूंकि मामला टाला नहीं जा सकता था, क्‍योंकि बात खुल चुकी थी और समूह भर में इसकी खबर फैल चुकी थी। इसलिए पता चला है कि मामले की जांच शुरू कर दी गयी है। लेकिन इस जांच का मकसद समूह की नाक बचाने के साथ ही असली मुजरिमों को बचाने की कवायद तक ही सिमट कर रह जाने वाला है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


AddThis