हिचकियां और सिसकियां के बीच फंस गई इनपुट और प्रादेशिक डेस्‍क इंचार्ज की गाड़ी

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: अपडेट : हिचकियां और सिसकियां के बीच फंस गई दैनिक जागरण, मेरठ में दो लोगों की गाड़ी. पुराने गुबार बाहर निकले. संपादक के सामने इनपुट डेस्‍क इंचार्ज ने प्रादेशिक डेस्‍क इंचार्ज महोदय की ऐसी की तैसी कर दी. गाली-ग्‍लौज से बढ़ते-बढ़ते बात हाथ उठाने की नौबत तक जा पहुंची पर किसी तरह बीच बचाव कर मामले को बिगड़ने से रोका गया. इसको लेकर जागरण में तरह तरह की चर्चाएं हैं.

सूत्रों ने बताया कि इनपुट डेस्‍क इंचार्ज रियाज हाशमी एक समाचार की हेडिंग 'कई लाशें और हिचकियां' लगाई थी. यह खबर जब प्रादेशिक डेस्‍क पर पहुंची तो हिंचकियां को बदलकर सिसकियां कर दिया गया यानी हिचकियां सिसकियां बन गई. इसी हि‍चकियां और सिसकियां को लेकर इनपुट डेस्‍क इंचार्ज रियाज हाशमी और प्रादेशिक डेस्‍क इंचार्ज सौरभ शर्मा में मौखिक भिड़ंत हो गई. बात एक दूसरे की पोल खोलने तक पहुंच गई. सूत्रों ने बताया कि यह सिर्फ एक गलती या हेडिंग बदले जाने का गुबार नहीं था, बल्कि जागरण, मेरठ के भीतर चल रहे शीत युद्ध का नतीजा था. सूत्रों ने बताया कि पिछले काफी समय से कई इंचार्जों के बीच एक दूसरों को नीचा दिखाने, सबक सिखाने की ढंकी-छुपी कोशिशें होती रही हैं. बस गुबार अब जाकर निकला है.

उधर, इस प्रकरण पर रियाज हाशमी और सौरभ शर्मा, दोनों लोगों ने भड़ास4मीडिया को फोन कर सूचित किया कि उनके बीच जो कुछ हुआ, वह न्यूज रूम में कामकाज के दौरान होने वाली सामान्य बातचीत थी. किन्हीं शरारती तत्वों ने इस बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर दिया है जो निंदनीय है. इन दोनों का कहना था कि उनके बीच गाली-गलौज या हाथापाई जैसी कोई चीज नहीं हुई. खबरों पर थोड़ी बहुत बहस व बातचीत हर जगह होती है. इसे नाहक तूल देकर छवि खराब की जा रही है.


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