एक लाख के लिए नाले में उतर गए मीडियाकर्मी

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मुरादाबाद। वाणिज्यकर विभाग द्वारा पकडे़ गए दवा से भरे ट्रक को ले देकर छोड़ने की सूचना पर कुछ मीडिया कर्मी रामगंगा विहार स्थित वाणिज्यकर कार्यालय पहुंच गए। यहां लोकल व क्षेत्रीय चैनल के रिपोर्टर ने सहायक आयुक्त को घूस लेते व कार्यालय में खुलेआम पी जा रही शराब के दृश्य कैमरे में कैद किए तो खलबली मच गई। मीडिया को देख सहायक आयुक्त ने एक लिफाफा कार्यालय के पीछे बह रहे नाले की तरफ फेंक दिया, जिसमें एक लाख रूपये होने की उम्मीद में मीडियाकर्मी रात भर नाले को खंगालते रहे। उनके साथ वाणिज्यकर के कुछ कर्मचारी व पुलिस वाले भी नाले के किनारे देखे गए।

दरअसल वाणिज्यकर विभाग के सचल दस्ते ने चार दिन पहले पंजाब से दवाएं लेकर लखनऊ जा रहे ट्रक को यहां पकड लिया था। चार दिन तक ट्रक वाणिज्यकर कार्यालय में खड़ा रहा। सोमवार को ट्रांसपोर्ट मालिक व दवा कारोबारी यहां पहुंचे और ट्रक छुड़वाने के लिये सहायक आयुक्त से संपर्क किया। कार्यालय में व्यापारियों व वाणिज्यकर अधिकारियों के बीच सौदा तय हो गया। 23 हजार रुपये के जुर्माने की रसीद कटेगी जबकि कारोबारियों को एक लाख रुपये देने होंगे।

ट्रक छोड़ने का सौदा तय होने के बाद वाणिज्यकर कार्यालय में ही दारू की दावत का दौर शुरू हो गया। इसी बीच कुछ लोकल व प्रादेशिक चैनल के रिपोर्टर वाणिज्यकर कार्यालय पहुंच गए। उनके कैमरे खुले तो दारू के दौर के साथ रुपये के लेन-देन के दृश्य भी कैमरे में कैद हो गए। मीडिया वालों को भी मनाने की कोशिश शुरू हो गई। मीडिया के साथ लेन-देन होता इससे पहले मीडिया वाले आपस में ही टकराने लगे। इससे पहले ही सहायक आयुक्त ने लिफाफा कार्यालय के पास बह रहे नाले की तरफ फेंक दिया।

सहायक आयुक्त और दवा कारोबारी व ट्रांसपोर्टर से कुछ हासिल न होने बाद रात करीब एक बजे एक प्रादेशिक न्यूज चैनल का स्ट्रिंगर व लखनऊ से छपने वाले एक अखबार का मंडल प्रभारी नाले में एक लाख रुपये तलाशते रहे। इस बीच सिविल लाइंस पुलिस गश्त करते हुये रामगंगा विहार पहुंची और नाले में एक लाख रुपये होने की जानकारी मिली तो वह भी टार्च लेकर नाला खंगालने में लग गई, लेकिन हाथ किसी के कुछ नहीं आया। उधर सहायक आयुक्त ने फजीहत कराने वाले दवाओं से भरे ट्रक को दिन निकलने से पहले ही छोड़ दिया। दिन निकला तो दो प्रादेशिक चैनल पर यह पूरी खबर प्रदर्शित हो गई। असल में इस चैनल स्ट्रिंगर ने ही सारा खेल इसलिए बिगाड़ा क्योंकि उसे मान मनव्वल में तवज्जो नहीं दी गई और एक लोकल न्यूज चैनल का संचालक पर्दे के पीछे अखबार से लेकर न्यूज चैनलों पर खबर न प्रकाशित करने व न दिखाने का ठेका ले बैठा था।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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