भड़ास वचन- गोपाल अग्रवाल, राजेश राज और अनिल कुमार के श्रीमुख से

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: नाइंसाफी : बंगाल में मतगणना के दिन मीडिया के साथ मुँहदेखी का बेजोड़ नमूना देखने को मिला ममता बनर्जी के घर पर, जब दिल्ली से गये कई नामचीन पत्रकारों के अलावा बंगाल की नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ने किसी को इंटरव्यू नहीं दिया. कहा गया कि दीदी व्यस्त हैं, मगर हैरानी तो तब हुई जब बंगला बोलने वाले पत्रकार पिछले दरवाजे से इंटरव्यू करके बाहर निकलते देखे गये. दूसरे दिन का आलम भी यही रहा.

सुरक्षाकर्मियों से अपमानित होने के बाद भी हिन्दीभाषी पत्रकार दीदी से साक्षात्कार का प्रयास करते रहे, मगर दीदी को इसकी ख़बर तक नहीं दी गई. बांग्लाभाषी एक तथाकथित पत्रकार लिस्ट जारी कर बंगलाभाषियों के लिये इंटरव्यू का समय मुकर्रर करते रहे, हम सब बंगाल की सियासत को करवट लेते और नई तकदीर लिखने वाले रहनुमाओं की इस अनदेखी को देखकर हैरान होते रहे. ये मीडिया के साथ नाइंसाफी नहीं तो और क्या है?

इसे भेजा है कोलकाता से राजेश राज ने


: संघर्ष : जेल की एक तंग कोठरी में बंदी रखी गयी अरबों रूपये के साम्राज्य वाली युवती से अदालती पेशी पर एक पत्रकार ने अकूत धन सम्पदा के संचय का राज पूछा "मेरा संघर्ष करने व तकलीफों को सहने का हौसला" युवती ने उत्तर दिया।

"अपने संघर्ष के विषय में बताऐं जिससे हमारे पाठकों को भी प्रेरणा मिल सके" पत्रकार ने फिर प्रश्न किया।

"आप देख नही रहे हैं, मैं पिछले कई दिनों से जेल में वातानुकूलित कक्ष, विस्तर, कारपेट और सुगन्धित स्नानगृह से वंचित कठोर जीवन जी रही हूँ। दरअसल कुछ लोग कमाने से पहले संघर्ष करते हैं, मैं कमाने के बाद कर रही हूं। कुछ पाने के लिए संघर्ष तो करना ही पड़ता है" थके चेहरे ओर सूजी आँखों के साथ युवती बोलते हुए अपराधी के कटघरे की ओर बढ़ गयी।

इसे भेजा है मेरठ से गोपाल अग्रवाल ने.


 

: फजीहत : भास्कर समूह द्वारा एक बड़ी बिस्कुट निर्माता कंपनी के सहयोग से आयोजित होने वाली स्कॉलरशिप अवार्ड परीक्षा जो 22 मई को देश के कई शहरों में होनी थी, वो स्थगित कर दी गई है.
भास्कर समूह ने इसके लिए कारण बताने से मना कर दिया है.

एक करोड़ रुपये से जयादा की स्कॉलरशिप अवार्ड के लिए होने वाली इस परीक्षा के रद्द होने के पीछे विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि परीक्षा से एक दिन पहले ही इसका प्रश्नपत्र लीक होकर कई शहरों में परीक्षार्थियों के हाथों में पहुँच चुका था. मामले का पता चलते ही समूह ने तमाम शहरों में परीक्षा रद्द कर दी गई. जिद करके दुनिया बदलने वालों को कुछ जिद्दी प्रश्न पत्र लीक करने वालों ने फजीहत झेलने पर मजबूर कर दिया है. 

इसे भोपाल से भेजा है अनिल कुमार ने


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