इंडिया न्यूज (बिहार-झारखंड) ने महुआ को पानी पिलाया!

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छब्बीसवें हफ्ते की टीआरपी रेटिंग में महुआ न्यूज धड़ाम हो गया. इस हफ्ते महुआ का तिलिस्म टूट गया. एक महीने पहले तक 70 की टीआरपी इन्जाय करने वाले महुआ की रेटिंग 18.85 तक गिर गई. टाइम स्पेन्ट यूनिट (टीएसयू) भी गिरा, रिलेटिव शेयर भी फुस्स हो गया और रीच (Reach) भी धड़ाम हो गई. बिहार-झारखण्ड मार्केट में टैम में रजिस्टर क्षेत्रीय न्यूज चैनलों की संख्या 8 है। इसमें ईटीवी निर्विरोध रूप से अव्वल नंबर पर डटा हुआ है.

पिछले सप्ताह के मुकाबले उसे सवा 10 अंकों का लाभ हुआ है और वो 27.66 पर जा पहुंचा है. महुआ को तीसरे स्थान पर धकेलते हुए इंडिया न्यूज बिहार-झारखण्ड दूसरे नंबर पर आ गया है. इसे 6.28 का फायदा मिला है. इस चैनल की रीच भी बढ़ी है और टाइम स्पेंट यूनिट भी. टॉप 25 कार्यक्रमों में इंडिया न्यूज के 10 कार्यक्रम शामिल हैं जबकि नंबर वन चैनल ईटीवी और नंबर तीन महुआ के पांच-पांच कार्यक्रम इस सूची में शामिल हैं. साधना न्यूज और सहारा समय के दो-दो और मौर्या के एक कार्यक्रम को सूची में जगह मिल पाई है.

बिहार-झारखण्ड मार्केट के दर्शकों की खासियत है कि वो खबरों को दमदार अंदाज में देखना पसंद करते हैं. इस मामले में पिछले एक महीने में इंडिया न्यूज ने सभी प्रतिस्पर्धी चैनलों को पीछे छोड़ा है. खबरों का बेबाक प्रस्तुतिकरण, आकर्षक ग्राफिक्स और प्रस्तोता अतुल अग्रवाल की फाड़ के खा जाने वाली एंकरिंग को दर्शकों ने सबसे ज्यादा पसंद किया. नतीजतन इंडिया न्यूज का प्राइम टाइम इस हफ्ते सबसे ऊपर रेटिंग देकर गया. जबकि नंबर वन ईटीवी पर खबरों की वैरायटी और राष्ट्रीय खबरों को दर्शकों ने खूब पसंद किया. इसके इंटरव्यू बेस्ड शो हमेशा की तरह इस बार भी काफी सराहे गए. महुआ के लिए इकलौती राहत की बात रही उसका शाम पांच बजे का बुलेटिन 5 का रिपोर्टर. ये बुलेटिन नंबर वन रहा और इसने अच्छी रेटिंग हासिल की. 2 बार बहस लाइव को भी ठीकठाक टीआरपी मिली.

सबसे ज्यादा चौंकाने वाला तथ्य ये पता चला कि इंडिया न्यूज चैनल में बाकी चैनलों के मुकाबले में सबसे कम संसाधन हैं. उदाहरणार्थ यहां पर आउटपुट में सिर्फ 13 और इनपुट में 5 कार्यकर्ता हैं. मशीने ना के बराबर हैं. जो हैं भी वो मैनुअल हैं, अर्थ-स्टेशन के जैसे अत्याधुनिक एवं स्वचालित नहीं हैं. यहां कंप्यूटर पर नहीं बल्कि कागज पर रनडाउन बनाया जाता है और फिर पीसीआर में पैकेजों की आईडी कंप्यूटर पर मैनुअली खोज-खोज कर चलाई जाती हैं. इस मानवीय प्रक्रिया में बहुत ज्यादा गड़बड़ियां होती हैं. इसके बावजूद इंडिया न्यूज अच्छे परिणाम दे रहा है.

ऐसी अटकलें है कि इंडिया न्यूज के कई सारे कर्मचारी ओखला 2 में बन रही नई बिल्डिंग में नहीं जाना चाहते क्योंकि वो काफी दूर है. आने जाने में किराया ज्यादा देना पड़ेगा जबकि सैलरी बढ़ाई नहीं जा रही. उल्टे एचआर सैलरी काटने के बहाने ढूंढता है. इससे लोगों में भारी नाराजगी है. इसीलिए आधुनिक मशीनों के बिना और काफी कम पैसों पर काम कर रहे इंडिया न्यूज के कुछ कर्मचारियों को आज ही महुआ और साधना से नौकरी का बुलावा भेजा गया है. हालांकि उन लोगों के नामों का पता नहीं चल सका है कि वो कौन-कौन हैं. खुद चैनल हेड अतुल अग्रवाल के बारे में तमाम खबरें यहां वहां चल रही हैं कि जल्दी ही वो भी फुर्र हो सकते है. उधर इंडिया न्यूज से खबर आ रही है कि ईटीवी के दो बुलेटिन प्रोड्यूसर उनके संपर्क में हैं और शायद इसी महीने ज्वाइन भी कर सकते हैं. आइए अब इस हफ्ते की टीआरपी आंकड़े बता देते हैं.

 टीआरपी

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.


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