क्या होगा लेमन, चैनल वन और जहीर अहमद का?

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चर्चा बहुत तेज है कि जहीर अहमद के इर्द-गिर्द जांच एजेंसियों तेजी से शिकंजा बुनने में लगी हैं. कुछ पक्के सूत्र बता रहे हैं कि उड़ीसा की पुलिस के कुछ बड़े अधिकारी मुंबई में डेरा डाले हुए हैं. ये लोग चिटफंड कंपनी में जनता के लगाए पैसे के जरिए चैनल खरीदे जाने व चलाने के घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं. साथ ही पैसों के आवाजाही की कुछ शिकायतों पर भी नजर गड़ाए हैं.

नियमों के मुताबिक जनता के पैसे का निवेश कराकर उसका इस्तेमाल किसी और काम के लिए नहीं किया जा सकता है. पर बताया जा रहा है कि लेमन व चैनल वन में जो पैसा लगा है उसमें बड़ी रकम जनता का है. लेमन का काम देख रहे जहीर अहमद के पार्टनर राजीव कुंवर बजाज उर्फ आरकेबी अब इस मुश्किल घड़ी में जहीर अहमद का साथ छोड़ने की तैयारी कर चुके हैं.

वे खुद के नाम से एक चैनल लाने जा रहे हैं. कनबतियां पर भरोसा करें तो आरकेबी अपना चैनल किसी दूसरे चैनल के लाइसेंस पर चलाएंगे, अर्थात किराए पर चैनल चलाएंगे, जैसा कि आजकल चलन है. उधर, कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि आरकेबी जब लेमन से मुक्त होंगे तो चैनल वन व लेमन, दोनों के लिए आफत के दिन शुरू हो जाएंगे. आरकेबी को जहीर अहमद और चैनल वन के सारे राज पता हैं. ढेर सारे कागजात उनके पास हैं. ऐसे में संभव है कि जहीर अहमद अपनी कोशिशों से आरकेबी को मनाने व मुंह बंद कराने में कामयाब हो जाएं. कुल मिलाकर आगे आने वाले दिन चैनल वन व लेमन के लिए काफी चुनौती भरे होने वाले हैं.


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