आजतक प्रबंधन ने अपने ब्यूरो चीफ को बर्खास्त किया?

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चर्चा है कि भूपेंद्र नारायण सिंह उर्फ भुप्पी को आजतक से बर्खास्त कर दिया गया है. उन पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री धूमल को ब्लैकमेल करने का आरोप लगा था लेकिन भुप्पी के लोगों का कहना था कि धूमल खुद एक बड़ी खबर में फंसे होने के कारण खबर रुकवाने के लिए ये सब नाटक कर रहे थे.

सूत्रों का कहना है कि आजतक प्रबंधन ने उस सीडी की जांच कराई जिसमें भूपेंद्र की आवाज थी. इस सीडी को धूमल ने आजतक के शीर्ष मैनेजमेंट के पास भेजा था.  सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट को देखने के बाद सीधे अरुण पुरी के हस्तक्षेप से भुप्पी को चैनल से हटा दिया गया. हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि कुछ वरिष्ठों ने भुप्पी को बचाने की भरपूर कवायद की पर धूमल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और जांचटीम की रिपोर्ट को देखते हुए भुप्पी को हटाने का निर्णय शीर्ष प्रबंधन ने ले लिया. हालांकि भुप्पी के लोग बर्खास्तगी से पूरी तरह से इनकार कर रहे हैं और इसे अफवाह करार दे रहे हैं. खुद भूपेंद्र ने भी अपने हटाए जाने की खबर का खंडन किया. भड़ास4मीडिया ने जब भूपेंद्र नारायण सिंह से फोन पर संपर्क किया तो उनका कहना था कि ऐसी कोई घटना उनके साथ नहीं हुई है और वे अब भी चैनल के साथ बने हुए हैं. भूपेंद्र ने यह भी बताया कि वे इस वक्त शूट से लौट रहे हैं, ऐसे में संस्थान से फायर किए जाने की बात बिलकुल गलत है. ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ लोग उनके पीछे पड़े हैं जो ऐसी हरकत कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.

ज्ञात हो कि इस प्रकरण के बारे में दो खबरें भड़ास4मीडिया पर पहले ही प्रकाशित हो चुकी हैं. भूपेंद्र नारायण सिंह आजतक के पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के ब्यूरो चीफ के रूप में चंडीगढ़ में पदस्थ होकर काम देख रहे थे. भुप्पी पर धूमल द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद भुप्पी के लोगों ने भड़ास4मीडिया से कहा था कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है क्योंकि उनके हाथ कुछ बड़े कागजात हाथ लगे हैं और उन कागजात से संबंधित खबरों को दिखाए जाने पर धूमल सरकार की सेहत पर असर पड़ सकता है. इसी कारण धूमल के लोग खबर रुकवाने के लिए टारगेट करके अनाप शनाप आरोप लगा रहे हैं.

आज बर्खास्तगी की चर्चा के कारण प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है. भड़ास4मीडिया को भरोसेमंद मीडियाकर्मियों ने बताया कि भूपेंद्र नारायण सिंह को हटाने का फैसला लिया जा चुका है जबकि खुद भुप्पी प्रबंधन द्वारा इस तरह का कोई फैसले लिए जाने से इनकार कर रहे हैं. देखना है कि यह कानाफूसी कितनी सच या झूठ है.


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