देश भर में श्रद्धांजलियों और शोक सभाओं का तांता : पांच-छह लाइन की खबर को एक पेज का बनवा दिया था

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: देश भर में आलोक तोमर के निधन से लोग दुखी : जाने माने वरिष्‍ठ पत्रकार आलोक तोमर के निधन पर देश भर के पत्रकारों में शोक की लहर है. कई राज्‍यों में आलोक तोमर के निधन पर शोक सभा का आयोजन कर उनकी आत्‍मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं. मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखंड, झारखंड, राजस्‍थान के तमाम पत्रकार एवं पत्रकार संगठन शोक संवेदनाएं व्‍य‍क्‍त कर रहे हैं.

इसी क्रम में भोपाल में श्रमजीवी पत्रकार संघ के बैनर तले आयोजित एक शोक सभा में आलोक तोमर को एक इमानदार तथा निडर पत्रकार बताया गया. शोक सभा में शलभ भदौरिया, केके अग्निहोत्री, विष्णु वर्मा विद्रोही, एनपी अग्रवाल, विनोद श्रीवास्तव, शिशुपाल सिंह तोमर, प्रवीण शुक्ला, सरमन नेगले, मनोज कौशल, धमेंद्र सिंह ठाकुर, आशीष दुबे, उदय मौर्य आदि शामिल थे.

जनजागरण मीडिया मंच के बैनर तले लखनऊ में आयोजित शोक सभा में आलोक तोमर के निधन पर गहरा दुख व्‍यक्‍त किया गया. जिसमें मीडिया मंच के महासचिव रिजवान चंचल, हरिपाल सिंह, योगेश श्रीवास्‍तव, अजय विक्रम समेत कई पत्रकार शामिल रहे. रिजवान चंचल ने कहा कि आलोक तोमर ठेठ पत्रकार थे. उनका हर शब्‍द एक नया आयाम तय करता था. उनका असमय जाना काफी तकलीफदेय है.

लखनऊ में बैठक कर उपजा ने भी आलोक तोमर तथा स्‍तंभकार डा. दिलीप अग्निहोत्री की माता मनोरमा अग्निहोत्री के निधन पर शोक जताया है. शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार पीके राय, वीर विक्रम बहादुर मिश्र, पीबी वर्मा, सुभाष दवे, प्रमोद गोस्वामी, राजीव शुक्ला, सर्वेश कुमार सिंह, सत्येन्द्र अवस्थी, कृष्ण मोहन मिश्र, अशोक मिश्र, भारत सिंह, राजेश सिंह, सुनील त्रिवेदी आदि मौजूद थे.

भोपाल में वर्किंग जर्नलिस्‍ट यूनियन के बैनर तले हुई शोक सभा में प्रांतीय अध्‍यक्ष राधावल्‍लभ शारदा ने कहा कि आलोक तोमर जीवन पर संघर्ष किया लेकिन कभी अपनी लेखनी से समझौता नहीं किया. भगवान उनकी आत्‍मा को शांति प्रदान करें. इस दौरान तमाम पत्रकार मौजूद रहे.

मेरठ शहर के प्रेस क्लब में भी आलोक तोमर की याद में एक शोक सभा का आयोजन हुआ. इस शोक सभा में मेरठ जिले के प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रेम दत्त शर्मा, अमर उजाला के भूपेश उपाध्याय, हिंदुस्तान के अरविन्द शुक्ल तथा रवि बिश्नोई, फोटोग्राफर राजन सक्सेना, छात्र नेता स्नेह्नीर पुंडीर, पत्रकार प्रवीण दीक्षित, श्रीकांत मिश्रा, राजेश शर्मा, डा. नूतन ठाकुर समेत तमाम पत्रकार मौजूद रहे.

उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतात्‍मा की शांति के लिए प्रार्थना की. उपस्थित वक्ताओं में एक ने अपने स्वयं का अनुभव सुनाते हुए आलोक तोमर के व्यक्तित्व का परिचय दिया. उन्होंने बताया कि वे एक बार आलोक तोमर से एक खबर के सिलसिले में मिले थे. खबर एक पुल से सम्बंधित थी. पत्रकार महोदय ने आलोक जी को बताया कि यह एक छोटी सी और सीधी खबर है, जो चार-छह लाइनों में हो जायेगी. इस पर आलोक जी ने उन्हें समझाया कि कैसे यह खबर बहुत महत्वपूर्ण है.

उन्होंने बड़े विस्तार से उस खबर को अपनी पूरी सम्पूर्णता में समझाया कि इसके कितने आयाम हैं, इसमें किस-किस व्यक्ति से पूछ-ताछ करनी है, उनसे क्या-क्या पूछना है और फिर इन सब के आधार पर क्या दृष्टिकोण बनाना है. पत्रकार महोदय ने बताया कि जब वह खबर अंत में बनी तो वह चार-छह लाइन की नहीं थी बल्कि पूरे पन्ने भर की थी और वह आज भी उनके जीवन की एक यादगार खबर है.

डा. नूतन ठाकुर ने क‍हा कि आलोक तोमर मात्र पचास साल में जो लिख-पढ़ चुके हैं वह दूसरों के लिए एक मिसाल है. आज के दौर में आलोक तोमर जैसा दूसरा कोई पत्रकार सामने नज़र नहीं आता है जो इतनी निर्भीकता और ईमानदारी से अपना काम कर रहा हो. उनके जाने से जो शून्य बन गया है उसकी भरपाई जल्दी संभव नहीं है.

लखनऊ में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने देश के जाने माने निर्भीक पत्रकार आलोक तोमर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. बडे़ से बड़े शक्तिशालियों को उनकी कलम से मात खानी पड़ी. समिति के अध्यक्ष हिसामुल इस्लाम सिद्दीकी, उपाध्यक्ष मुदित माथुर और सचिव योगेश मिश्र ने श्री तोमर के निधन को मूल्य आधारित निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए अपूर्णीय क्षति बताया.

अखिल भारतीय पत्रकार मोर्चा ने आज अपने कार्यालय में आलोक तोमर जी के लिए एक शोक सभा रखी. शोक सभा में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों के साथ साथ अन्य लोगों ने भी हिस्सा लिया. इस सभा में अध्यक्ष प्रदीप महाजन ने कहा कि आलोक जी के निधन से पत्रकारिता को जो हानि हुई है उसकी भरपाई नहीं हो सकती है. संस्था के महासचिव अमित मिश्रा ने कहा की आलोक जी की लेखनी का मतलब निडरता से लिखना होता है. सभा को कई पत्रकारों ने कहा की भगवान उनके परिवार को दुख सहने की शक्ति दें.

लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार आलोक तोमर के निधन से सुल्‍तानपुर के पत्रकारों में शोक की लहर दौड़ गई है. पत्रकारों का कहना है कि श्री तोमर के इस दुनिया में न रहने से पत्रकारिता जगत को गहरा झटका लगा है. अवध जर्नालिस्ट फ्रंट के बैनर तले बुधवार को फ्रंट के अध्यक्ष फरीद अहमद के निवास पर एक शोकसभा का आयोजन हुआ. शोकसभा में अध्यक्ष फरीद अहमद अर्शी ने कहा कि अलोक तोमर मीडिया जगत का एक ऐसा नाम था, जिससे बड़े से लेकर बूढ़ा तक सभी वाकिफ हैं. श्री तोमर ने हमेशा हक की लड़ाई लड़ते हुए गरीबों मजलूमों एवं दबे कुचलों की आवाज को अपने कलम के द्वारा बुलन्द किया. आज हमारे बीच से उनके चले जाने से मीडिया जगत को गहरा आघात पहुंचा हैं. फ्रंट के लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर श्री तोमर की आत्मा की शांन्ति के लिए प्रार्थना की. इस मौके पर संरक्षक अफजाल अहमद, डा. डीसी मिश्र, आमिल सिद्दीकी, आसिफ बेग, महेश नरायन, इम्तियाज रिजवी, असगर नकी, वीरेन्द्र मिश्र समेत कई लोग मौजूद रहे.


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