ग्रेटर नोएडा खूनी संघर्ष में टीओआई स्टार न्यूज समेत कई अखबारों चैनलों के पत्रकार घायल

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ग्रेटर नोएडा में हुए किसान आंदोलन में मीडिया के कई लोगों के जख्मी होने की सूचना है. जानकारी के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के एक गांव में किसानों और पुलिस वालों के बीच हुए खूनी संघर्ष में मीडिया के करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं और कई ओवी वैन तोड़ी गई है. बताते हैं कि रिपोर्टिंग करने गए स्टार न्यूज और टाइम्स आफ इंडिया के जर्नलिस्टों को गांव वालों और पीएसी वालों, दोनों ने काफी मारापीटा. कई चैनलों की ओवी वैन तोड़ी गई.

फोटोग्राफरों और कैमरामैनों के कैमरा आदि तोड़ दिए गए. इस भयानक हमले से बचने के लिए कई पत्रकारों को इधर उधर छुपकर अपनी जान बचानी पड़ी. सूत्रों के मुताबिक पीएसी वालों ने मीडिया वालों को सबसे ज्यादा पीटा. पीएसी वालों ने भद्दी भद्दी गालियां देते हुए मीडिया वालों की भयंकर पिटाई की. मीडिया वाले दौड़ा दौड़ा कर पीटे गए. कुछ महिला पत्रकारों पर भी हमला किया गया. मीडिया वालों जान बचाने के लिए खेतों में छिप गए. यह पता नहीं चल पाया है कि कुल कितने लोग घायल हुए हैं लेकिन सूत्रों के मुताबिक करीब छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और दर्जन भर मीडियाकर्मियों को चोटें आई हैं.

ग्रेटर नोएडा में सुरक्षाकर्मियों और आंदोलनकारी किसानों के बीच हुई हिंसक झड़प में जिसमें तीन सिपाही और तीन किसानों की मौत हो गई जबकि जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल गोली लगने से घायल हो गए. भूमि के लिए बेहतर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहित दर्जनों लोग घायल हो गए. एसएसपी पथराव में घायल हुए. जमीन के बेहतर मुआवजे की मांग को लेकर उग्र हुए किसानों द्वारा रोडवेज (यूपीएसआरटीसी) के तीन कर्मचारियों को बंधक बना लेने के बाद पुलिस जब इन्हें मुक्त कराने के लिए गौतमबुद्ध नगर जिले के परसौल गांव पहुंची, तब यह झड़प हुई.


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