पत्रकार आजाद खालिद के घर की बिजली-पानी काटी गई

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: परिजनों को भी किया जा रहा है प्रताडि़त : उत्तर प्रदेश में चल रहे घपले और घोटालो पर गाजियाबाद के जुझारु पत्रकार आजाद खालिद ने मायावती के भाई समेत कई नामों का खुलासा करके लगता है बहुत बड़ी गलती कर दी है। ताज्जुब इस बात का है कि दिल्ली की सरकार यदि कलमाड़ी, राजा जैसों को जेल भेज सकती है तो मायावती जी अपने भाई के नाम आने से ही इतना क्यों तिलमिला रही हैं।

आजाद खालिद के अखबार 'दि मैन इन अपोजिशन' की खबर अगर गलत थी उनको नोटिस दिया जा सकता था। लेकिन पिछले सात दिन से उनके घर की बिजली पानी काट दी गई। जबकि उनके घर का बिजली का आज की तारीख तक का बिल पहले ही जमा है। इसके अलावा उनकी प्रेस को सील कर दिया गया। जबकि प्रेस किसी और की थी और वो ना तो सम्पादक था और ना ही मालिक फिर भी आजाद के नाम एफआईआर दर्ज करके उत्तर प्रदेश सरकार ने केवल आजाद जी को ही दबाव में लेने के लिए एक ही दिन में कई एफआईआर दर्ज कर दी है। उधर उनके भाई जिसका इस पूरे मामले से कोई लेना देना नही था, उनको आजाद के बदले कई दिन तक थाने के वीआईपी कमरे में बिठा कर बिना बिना एफआईआर दर्ज किये ही छोड़ दिया।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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