भट्टा में महिलाओं के कपड़े उतारकर परेड कराया गया

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राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लू) की टीम ने भट्टा-पारसौल गांव से लौटकर जो बयान दिया है, उससे पता चलता है कि किस तरह यूपी सरकार भट्टा में हुए प्रशासनिक उत्पीड़न को दबाने को तत्पर है. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा यासमीन अबरार ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के भट्टा-परसौल गांव में पुलिस वालों ने महिलाओं के कपड़े उतारे और उनका परेड कराया. महिलाओं के साथ छेड़छाड़ भी की गई.

महिला आयोग की अध्यक्षा ने इस वीभत्स कांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. एनसीडब्लू की रिपोर्ट में कहा गया है कि 7 मई को विरोध प्रदर्शन के दौरान कई महिलाओं के कपड़े उतार दिए गए और उनसे पुलिस वालों ने छेड़छाड़ की. 10-12 पुलिस वालों ने महिलाओं के कपड़े फाड़े, उनसे परेड कराई और गांव वालों को धमकाया. एनसीडब्लू की यह रिपोर्ट आयोग की टीम द्वारा 12 मई को किए गए दौरे पर आधारित है.

कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में राष्ट्रीय महिला आयोग का कामकाज देख रहीं यासमीन ने कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी के उस दावे का समर्थन किया जिसमें राहुल ने कहा था कि भट्टा-परसौल गांवों में कई लोगों की हत्या कर उनके शव जला दिए गए हैं और महिलाओं के साथ रेप किया गया है. यासमीन अबरार ने कहा कि एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके बच्चे को जिंदा जला दिया गया है. उनका कहना है कि हड्डियां राख में अब भी पड़ी हैं. गांव की महिलाओं का कहना है कि उनके कपड़े उतार दिए गए और उनसे छेड़छाड़ की गई. महिलाओं का कहना है कि उन्हें पुलिस से डर लगता है.  हमारे पास सुबूत और तस्वीरें हैं. हम यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंप रहे हैं.


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