आरटीआई के इस्तेमाल पर पत्रकार को तहसीलदार ने फंसाया

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: फर्जी केस दर्ज कराया : हाथ पैर तुड़वाकर जेल भेजने की दी धमकी : सूचना है कि पत्रकार मनोज तिवारी निवासी बचैया बहोरीबंद जिला कटनी ने सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत एक आवेदन 2 अप्रैल 2011 को बहोरीबंद तहसीलदार को भेजा था. आवेदक ने वर्ष 2008 से वर्ष 2010-2011 तक बहोराबंद तहसील की समस्त पंचायतों के गरीबी रेखा एवं अति गरीबी रेखा के अन्तर्गत जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की थी.

आवेदक मनोज तिवारी ने बताया कि उक्त आवेदन की पेशी तहसीलदार ने 19 अप्रैल को मुकर्रर की थी और जब वह पेशी पर उपस्थित हुआ तो तहसीलदार ने दूसरे दिन 20 अप्रैल को बुलाया. किन्तु मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई. बताया जाता है कि बहोरीबंद तहसील की ग्राम पंचायत बचैया में इस तहसीलदार ने कई धनी लोगों को गरीबी रेखा की सूची में डाल दिया है. आवेदक ने इसकी शिकायत कटनी जिला कलेक्टर को प्रेषित की है जिसकी जांच शुरू हो गई है.

3 मई को आवेदक बहोरीबंद तहसीलदार से उक्त जानकारी के संदर्भ में बात करने पहुंचा तो वह आवेदक को देखते ही तिलमिला उठा और गुण्डागर्दी पर उतर आये. उन्होंने पत्रकार को हाथ पैर तुड़वाकर जेल भेजने की धमकी दी. बाद में बौखलाये तहसीलदार हेमकरण धुर्वे ने पत्रकार पर फर्जी केस दर्ज करवा दिया. तहसीलदार की धमकी से भयभीत पत्रकार ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों, थाना प्रभारी एवं शिवराज सिंह चौहान के यहां की. पत्रकार ने हलफनामा भेजकर आरोपी हेमकरण ध्रुर्वे तहसीलदार बहोरीबंद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. पत्रकार ने शपथ पत्र में कहा है कि ध्रुर्वे जानमाल पर हमला करवा सकता है.


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