पोल खोलने वाले पत्रकार की मिली लाश

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: 'एशिया टाइम्स ऑनलाइन' के पाकिस्तान ब्यूरो चीफ सैयद सलीम शहजाद तीन दिनों से लापता थे : पाकिस्तान में बीते रविवार से लापता पत्रकार सैयद सलीम शहजाद का शव मंगलवार को बरामद किया गया. उनका शव पंजाब प्रांत से बरामद किया गया. उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं.

'एशिया टाइम्स ऑनलाइन' के पाकिस्तान ब्यूरो चीफ शहजाद एक समाचार चैनल के दफ्तर के लिए रवाना हुए थे. लेकिन उसके बाद लापता हो गए. शहजाद ने अपने एक लेख में पाक नौसेना के कुछ अधिकारियों और आतंकी संगठन अलकायदा के बीच कथित संबंधों का उल्लेख किया था. शहजाद ने लिखा था कि आतंकियों से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार नौसेना कर्मियों की रिहाई से इनकार किए जाने के बाद ही अलकायदा ने कराची के मेहरान बेस पर हमला किया.

इस्लामाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद शफीक ने शहजाद के परिजनों के हवाले से उनकी मौत की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि सलीम को उनकी तस्वीरों और कपड़ों से पहचाना गया है. शहजाद की कार झेलम शहर के सराय आलमगीर इलाके में मिली. उनका शव कार के निकट मिला. यह स्थान इस्लामाबाद से लगभग 200 किमी दूर है. पुलिस का कहना है कि शहजाद के शरीर पर घाव हैं. इससे लगता है कि उन्हें यातनाएं दी गईं. कई अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संगठनों ने पाक सरकार से शहजाद का पता लगाने की अपील की थी. शहजाद की हत्या की जिम्मेदारी अब तक किसी संगठन ने नहीं ली है. उनके परिवार का कहना है कि उनकी किसी के साथ दुश्मनी भी नहीं थी. वह दो साल पहले ही कराची से इस्लामाबाद आए थे.

शहजाद के बारे में अटकल लगाई जा रही थी कि उन्हें खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस ने अगवा किया था. एक मानवाधिकार संगठन ने आरोप लगाया था कि शहजाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी, इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के कब्जे में हैं. शहजाद को अज्ञात लोगों ने रविवार शाम उस समय अगवा कर लिया, जब वह एफ-8 सेक्टर स्थित अपने आवास से निकले थे.  पत्रकार सलीम शहजाद ने "एशिया टाइम्स ऑनलाइन" के लिए इस्लामी संगठनों पर एक विस्तृत रपट लिखी थी. शहजाद एक टीवी टाक शो में हिस्सा लेने के लिए अपने घर से निकले ही थे कि लापता हो गए. शहजाद के करीबी लोगों ने समाचार पत्र "डेली टाइम्स" को बताया कि सुरक्षा बलों से उन्हें पाकिस्तान पर, खासतौर से आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर उनकी रपटों के लिए चेतावनियां मिली थीं.

शहजाद के करीबी मानते हैं कि 22 मई को कराची में नौसेना के एक प्रमुख हवाईअड्डे पर हुए आतंकी हमले पर उनकी रपटों के कारण ही शहजाद को शायद अगवा किया गया है. ज्ञात हो कि आतंककारियों ने पीएनएस मेहरान हवाईअड्डे पर धावा बोलकर दो चौकसी विमानों को नष्ट कर दिया था. हमलावरों और सुरक्षा बलों के बीच 16 घंटे तक चली मुठभेड़ में 10 सुरक्षा कर्मी और चार आतंकी मारे गए थे.


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