दैनिक जागरण, अलीगढ़ के सीनियर यूनिट मैनेजर प्रशान्त कुलश्रेष्ठ का निधन

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प्रशांत कुलश्रेष्ठदैनिक जागरण, अलीगढ़ के सीनियर यूनिट मैनेजर प्रशान्त कुलश्रेष्ठ नहीं रहे, 46 साल के प्रशान्त को तबीयत बिगड़ने पर अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहीं रविवार के दिन करीब साढ़े तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. प्रशान्त ढाई साल से बीमार चल रहे थे. सवा साल पहले उनके दोनों गुर्दे खराब हो गए थे.

तभी से वे डायलिसिस पर थे. उनका इलाज एम्स दिल्ली में चल रहा था. प्रशान्त के परिवार में मां सुमनलता कुलश्रेष्ठ, पत्नी आशा कुलश्रेष्ठ और दो बेटियां स्वाति और शिवानी हैं. चार भाइयों में वे सबसे बड़े थे. दूसरे नंबर के भाई प्रभात कुलश्रेष्ठ निजी कंपनी में एग्जिक्यूटिव ऑफीसर हैं. तीसरे नंबर के भाई समीर कुलश्रेष्ठ इंदौर में सिविल जज हैं. सबसे छोटे भाई संदीप कुलश्रेष्ठ दैनिक जागरण मेरठ में कार्यरत हैं. प्रशान्त का जन्म 15 मार्च, 1964 में गोकुलपुरा (आगरा) में हुआ था.

1986 में आगरा विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए करने के बाद नवंबर 1986 में दैनिक जागरण, आगरा से जुड़ गए. यहां उन्होंने अपने काम से अलग पहचान बनाई. 1995 में संपादकीय प्रभारी के रूप में दैनिक जागरण, अलीगढ़ आ गए. कुछ समय बाद उन्हें प्रबंधन की जिम्मेदारी भी मिल गई. प्रशान्त अलीगढ़ में दैनिक जागरण के पर्याय बन गए थे. उनके नाम का मतलब ही दैनिक जागरण था. उन्होंने ही दैनिक जागरण को अलीगढ़ में जमाया, बढ़ाया.

प्रशान्त कुलश्रेष्ठ का पार्थिव शरीर सोमवार को पंचतत्व में विलीन हो गया. सैकड़ों की संख्या में पत्रकारों, समाजसेवियों, राजनीतिज्ञों एवं शहर के गणमान्य लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी. रविवार को उनका निधन हो गया था. प्रशांत की शव यात्रा सोमवार को सुबह 9.15 बजे पुष्पांजलि स्थित उनके निवास शिवालिक गंगा अपार्टमेंट से शुरू होकर चंदनिया स्थित श्मशानगृह पर पहुंची. शवयात्रा में दैनिक जागरण के निदेशक देवेश गुप्ता, स्थानीय संपादक सरोज अवस्थी, जागरण मेरठ के महाप्रबंधक अखिल भटनागर, चार्टर्ड एकाउंटेंट विकास चुघ समेत जागरण परिवार के तमाम लोगों के साथ राजनीतिक, सामाजिक संगठनों से जुड़े सैकड़ों गणमान्य लोग शामिल हुए. मुखाग्नि उनके छोटे भाई प्रभात कुलश्रेष्ठ ने दी. बाद में निदेशक देवेश गुप्ता ने प्रशान्त जी के घर जाकर शोक संतृप्त परिजनों को धैर्य बंधाया एवं दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.


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