राज एक्‍सप्रेस ग्रुप की कंपनियों से चार सौ कर्मचारी कंपलसरी लीव पर भेजे गए

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: छंटनी की गाज पत्रकारों पर भी गिरी : शिवराज सकरार के कहर से राज ग्रुप के बुरे दिन शुरू हो गए हैं. सरकार की कार्रवाई से एक अनुमान के तहत इस ग्रुप को लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.  राज ग्रुप की सभी कंपनियों राज इंडस्‍ट्रीज, राज होम्‍स, राज एक्‍सप्रेस की आर्थिक हालात खराब हो गए हैं. खबर है कि इस ग्रुप की विभिन्‍न कंपनियों से लगभग चार सौ लोगों को तीन माह की कंपलसरी लीव दे दी गई है.

एमपी सरकार द्वारा इस ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई के बाद  इसकी अर्थव्‍यवस्‍था चरमरा गई है. राज एक्‍सप्रेस से भी कई दर्जन कर्मचारियों की छंटनी की गई है. अखबार से जुड़े वरिष्‍ठ पत्रकार राजेश पांडेय भी कंपलसरी लीव पर भेजे जाने से नाराज होकर इस्‍तीफा दे दिया. बताया जा रहा है कि राज एक्‍सप्रेस के चारों यूनिटों से पत्रकार एवं अन्‍य कर्मचारियों को तीन महीने की कंपलसरी लीव दी गई है यानी दूसरे शब्‍दों में बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया है.

ग्रुप के बुरे आर्थिक स्थिति को देखते हुए एमडी और भी गई कठोर कदम उठाने को मजबूर है. खबर है कि अखबार का रेट बढ़ाने की भी तैयारी चल रही है ताकि आर्थिक स्थिति को थोड़ा बहुत भी पटरी पर लाया जा सके.  प्रबंधन अपनी प्रापर्टी के लिए भी खरीददार ढूंढ रहा है लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए कोई भी राज ग्रुप से बिजनेस डील करने को तैयार नहीं दिख रहा है.

सरकार और राज ग्रुप की लड़ाई में सबसे ज्यादा दुख की बात यह है कि 400 परिवारों को एक ही झटके में इन परिस्थितियों का शिकार होना पडा है.  शिवराज सरकार ने इस ग्रुप को इतना तगड़ा झटका दिया है कि अब इससे उबर पाना इस ग्रुप के लिए खासा मुश्किल नजर आ रहा है.  इतने के बाद भी सरकार अभी रुकी नहीं है. मिनाल के 107 मकानों को नोटिस देने की खबरें तमाम अखबारों की सुर्खियां बनी हुई हैं. ऐसा लग रहा है सरकार इस ग्रुप और इसके सीएमडी को निपटा कर ही रुकेगी.


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