पत्रकार जेडे की हत्या सुपारी देकर तेल माफिया ने कराई!

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: जेडे का अंतिम संस्कार : सोनिया ने दुख व्यक्त किया : पत्रकार हत्याकांड की निंदा का दौर जारी : मुंबई। वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या की जांच कर रही पुलिस ने रविवार को कहा कि इसके पीछे तेल माफिया का हाथ हो सकता है और यह भी हो सकता है हत्या के लिए मुम्बई के बाहर के बदमाशों को सुपारी दी गई हो। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम इस मामले की हर पहलू की जांच कर रहे हैं।

लेकिन हमारी जांच इसमें तेल माफिया से संबंधित लोगों के जु़ड़े होने की संभावना पर मुख्य रूप आधारित होगी। पत्रकार ने विस्तृत रूप से तेल माफिया पर कई समाचार रिपोर्ट लिखी थीं। हो सकता है इन खबरों ने ही उन्हें उनकी हत्या करने के लिए उकसाया हो। डे ने गत दो दशक के दौरान अपराध और अंडरवर्ल्ड की विस्तृत रिपोर्टिंग की। अधिकारी ने कहा कि इस मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच के लिए अपराध शाखा की चार टीमें गठित की हैं। हमारे पास यह मानने के लिए आधार हैं कि हत्या के लिए मुम्बई के बाहर के हत्यारों को सुपारी दी गई या हो सकता है कि हत्यारे महाराष्ट्र के बाहर के हों। अधिकारी ने कहा कि जिस तरीके से हत्या की गई उससे स्पष्ट है कि कि हत्यारों ने पत्रकार की हत्या के लिए अचूक योजना बनाई थी। इस बीच सरकारी जेजे अस्पताल की ओर से तैयार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि पत्रकार पर पांच गोलियां चलायी गई। चार गोलियां उसकी शरीर को भेदकर निकल गईं जबकि एक उनके दाहिने छाती में अटक गई। अधिकारी ने कहा, तीन गोलियां उनके बाएं हाथ पर और एक बाईं छाती पर लगी। एक गोली उनके दाहिनी छाती में फंस गई।

जेडे का रविवार को मुंबई में घाटकोपर के राजाव़ाडी शमशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले उनका पार्थिव शरीर घाटकोपर में उनके पारिवारिक आवास पर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री छगन भुजबल और बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी इकट्ठा हुए थे। डे के परिवार में पत्नी शुभा शर्मा और मां हैं। भुजबल ने डे के परिजन को आश्वासन दिया कि अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। भुजबल ने संवाददाताओं से कहा कि यह काफी दुखद घटना है। हत्या की जांच अपराध शाखा की विशेष टीम कर रही है। वे तेल माफिया और अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं। उधर, महाराष्ट्र के मीडियाकर्मियों ने और कड़े कानून की मांग करते हुए कहा है कि पत्रकारों पर हमले को गैर जमानती अपराध बनाया जाए।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुंबई में वरिष्ठ पत्रकार ज्योर्तिमय डे की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र में पार्टी की सरकार से कहा है कि वह आरोपियों को पकड़ने में कोई कसर न छोड़े। अपने संदेश में सोनिया ने डे की दिनदहाड़े हत्या पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि सभ्य समाज में ऐसे कायराना कृत्य सहन नहीं किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण के नेतत्व में प्रदेश सरकार तेजी से कार्रवाई करेगी और हत्या की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। राष्ट्रमंडल पत्रकार संघ ने जेडे की हत्या की निंदा की है। पत्रकार संघ ने पुलिस से मामले की जल्द और प्रभावी ढंग से जांच की मांग की है।

जेडे की हत्या की निंदा करते हुए एडिटर्स गिर्ल्ड ऑफ इंडिया ने आज महाराष्ट्र सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की कि हत्यारों को इंसाफ के कठघरे में लाया जा सके। गिल्ड के अध्यक्ष टी एन नैनन और महासचिव कूमी कपूर ने एक बयान में कहा, "एडिटर्स गिल्ड अपनी जान जोखिम में रखकर अपनी पेशेवर ड्यूटी में लगे पत्रकार की जिंदगी की रक्षा करने में कानूनी एजेंसियों की अक्षमता की निंदा करता है।" दोनों ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट से लगता है कि इस हत्या के पीछे अपराध माफिया का हाथ हो। उन्होंने डे को एक साहसी पत्रकार के रूप में याद किया जिन्होंने अंडवर्ल्ड को बेनकाब करने का जिम्मा हाथ में लिया था। मिड-डे अखबार में विशेष खोजी दल के संपादक के रूप में और उससे पहले इंडियन एक्सप्रेस अखबार में उन्होंने कई धमकियों के बावजूद मुम्बई के आपराधिक माफिया को बेनकाब किया। नैनन और कपूर ने कहा, "गिल्ड की मांग है कि राज्य प्रशासन डे के हत्यारों को जल्दी से इंसाफ के कठघरे में लाए।"

जर्नलिस्ट्स यूनियन फॉर सिविल सोसायटी (जेयूसीएस) ने मिड डे के संपादक जेडे की हत्या और पूर्व में बिजनेस स्टैंर्डड से जुड़े रहे पत्रकार कपिल शर्मा की दिल्ली पुलिस द्वारा निर्मम पिटाई की कड़ी निंदा की है। जे. डे की शनिवार को मुंबई में अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से छलनी कर दिया। जबकि उसी समय दिल्ली के तिमारपुर थाने में पत्रकार कपिल शर्मा को पुलिस ने बुरी तरह से प्रताड़ित किया। पुलिस कपिल को एक झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रेस पर बढ़ते इस हमले की निंदा करते हुए दोनों ही मामलों की स्वतंत्र एजेंसियां से जांच की मांग की गई। संगठन ने आरोप लगाया कि कपिल शर्मा के मामले में पुलिस का रवैया भी अपराधियों जैसा है। पत्रकारों पर बढ़ रहे ऐसे हमलों से प्रेस की स्वतंत्रता खतरे में पड़ती जा रही है। इस समय पत्रकारों को सरकार और गैर कानूनी काम करने वाले लोगों व संस्थाओं दोनों के ही हमलों का सामना करना पड़ रहा है। जेडे और कपिल शर्मा का मामला इसका ताजा तरीन उदाहरण है। पत्रकारों पर हो रहे इस तरह के हमलों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकार खतरे में पड़ गए हैं। संगठन ने मानवाधिकार आयोग और प्रेस परिषद से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने और पत्रकारों को न्याय दिलाने की मांग की है।


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