ब्लैकमेलिंग का इनका पुराना इतिहास है

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मेला ठेकेदार से निगेटिव खबरें रूकवाने के नाम पर दस हजार रुपये की मांग करने वाले परिवार टुडे श्‍योपुर के ब्यूरो प्रमुख बालकृष्ण शर्मा एवं उनके सहयोगी संतोष शर्मा घबराए हुए हैं। ग्वालियर में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अखबार बंद है। ऐसे में इस स्टिंग के सार्वजनिक होने के बाद अखबार के प्रधान संपादक राकेश नरवरिया ने ब्यूरो प्रमुख सहित स्टॉफ के सभी सदस्यों को हटा दिया हैं।

ब्यूरो प्रमुख बालकृष्ण शर्मा इससे पहले भी कुछ भू माफियाओं से पैसे की मांग कर चुके हैं। श्‍योपुर में पदस्थ एक रेंजर को तो इन्होंने सीधे ब्लैक मेल करना चाहा। यहां तक रेंजर को यह धमकी दी गई कि आपकी खिलाफ हमारे पास खबरों को पुलिंदा है। हमारी डिमांड पूरी करो नहीं तो नौकरी से हाथ धो बैठोगे। सीधे शब्दों में कहा जाए तो पत्रकारिता के नाम पर कलंक इस बालकृष्ण ने रेंजर से 1 लाख रुपये की मांग की। निगेटिव खबरें छापने के मामले में इनका एक बीजेपी के नेता से भी टकराव हो चुका है। नेताजी की धौंस धपट के बाद इन्होंने खबरें छापना बंद की।

पत्रकारिता के पेशे को बदनाम कर रहे बालकृष्ण शर्मा की औकात को मेला ठेकेदार अजय गौड़ ने अच्छी तरह नापा। मेला ठेकेदार की निगेटिव खबरें छापने के बाद बालकृष्ण ने अपने सहयोगी संतोष शर्मा से 10 हजार रुपये की मांग कर ली, जिसे मेला ठेकेदार गौड़ ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया। पेशे से ठेकेदार अजय गौड़ ग्वालियर के रहने वाले हैं, इसलिए इनकी वहां भी पत्रकारों में अच्छी-खासी पकड़ है। स्टिंग बनाने के बाद अजय गौड़ ग्वालियर गए और पूरा स्टिंग अखबार के मालिक राकेश नरवरिया को सुना दिया। यहां तक उन्होंने इस स्टिंग को पत्रकारों के बीच सार्वजनिक भी कर दिया, जिससे दोनों धंधेबाज पत्रकारों की पत्रकारिता जगत में खूब थू-थू हो रही है। आशंका जताई जा रही है इस स्टिंग के बाद परिवार टुडे दोनों लोगों पर कार्रवाई भी करा सकता है।

इनकी ब्‍लैकमेलिंग की रिकार्डिंग सुनने के लिए क्लिक करिए - मेला ठेकेदार को ब्लैकमेल करते दो पत्रकारों का स्टिंग


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