अरविंद उपाध्‍याय और सहयोगियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

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बनारस से खबर है अमर उजाला के क्राइम रिपोर्टर अरविंद उपाध्‍याय के दलित महिला को खड़ाकर फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में स्पेशल सीजीएम कोर्ट ने सख्त रूख अख्तियार किया है। मामले की जांच कर रहे एसआई गयासुद्दीन ने मंगलवार को कोर्ट में हलफनामा दिया कि अपराध संख्या 273/11 धारा 419, 420, 467, 468, 471 आईपीसी के तहत धोखाधड़ी के आरोपित अरविंद समेत छह आरोपियों ने कोर्ट में कोई जमानत अथवा समर्पण संबंधी कोई भी प्रार्थनापत्र किसी भी न्यायालय में लंबित नहीं है।

जांच अधिकारी ने कोर्ट से अनुरोध किया कि आरोपितों के खिलाफ एनबीडब्लू जारी किया जाए। एसआई का तो यहां तक कहना है कि धोखाधड़ी कूट रचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में आरोपितयों के घरों पर दबिश दी गयी, परन्‍तु सभी फरार हैं, ऐसी स्थिति में उनके खिलाफ आदेश एनबीडब्लू/82/83 की आवश्यकता है, त‍ाकि इस मामले में उन्‍हें गिरफ्तार किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में अरविंद उपाध्याय के साथ मिथिलेश सिंह, बुद्धू पटेल, कल्लू, अभिमन्यु सिंह और राजकुमार आरोपित हैं। इस ममले में नया मोड़ तब आया जब मुकदमा दर्ज कराने वाली दलित महिला रमदेई ने विवेचक के सामने प्रस्तुत होकर धोखाधड़ी संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किया। कोर्ट ने केस डायरी, और एसआई के शपथपत्र के अवलोकन के बाद सभी आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।

गौरतलब है कि मुकदमा दर्ज किए दस दिन से अधिक हो जाने के बावजूद पुलिस अरविंद उपाध्याय समेत किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। अलबत्ता अरविंद ने जमीन की वास्तविक मालकिन समदेई को एडीएम(ई) के यहां बयान के लिए प्रस्तुत कराकर अपना बचाव करने की कोशिश की। बावजूद इसके उपनिबंधक ने दो लाख 28 हजार स्टांप कम जमा करने के मामले में अरविंद के खिलाफ वसूली के लिए संस्तुति की है। अरविंद ने जमीन को कृषि उपयोगी बताकर कम स्टांप लगाया था,  लेकिन स्थलीय सत्यापन में पाया गया कि यह जमीन कृषि न होकर आवासीय है और इसका गलत ढंग से बैनामा कराया गया है।

अरविंद

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