पत्रकार को सबक सिखाने के लिए भतीजी से गैंग रेप

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नई दिल्ली। अपराधियों को बेनकाब करने वाले पत्रकार और उनके परिवार वाले इन दिनों दहशत के साये में हैं। मुंबई के टैब्लॉइड मिड-डे के क्राइम रिपोर्टर जे. डे की दिनदहाड़े हत्या के बाद एक पत्रकार को उत्तर प्रदेश के एक कुख्यात गैंगस्टर के खिलाफ लिखने और दोहरे हत्याकांड में गवाही देने की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। महबूब पांडे गैंग के गुर्गों ने दिल्ली में रहने वाली उनकी भतीजी को किडनैप कर तीन दिनों तक उसके साथ गैंग रेप किया।

बुलंदशहर, खुर्जा, गाजियाबाद और नोएडा में क्राइम करने वाला महबूब पांडे गैंग के गुर्गे कई मर्डर और दूसरे मामलों में आरोपी हैं। बताया जाता है कि इन लोगों ने युवती को रिपोर्टर की बेटी समझकर किडनैप किया था। रिपोर्टर एक न्यूज चैनल और हिंदी पत्रिका के लिए काम करता है। मर्डर केस में गवाही के बाद इस गैंग की ओर से मिली धमकी के बाद रिपोर्टर को पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी।

दिल्ली पुलिस में स्पेशल सेल के डीसीपी अरुण कंपानी ने बताया कि लड़की को अगवा कर तीन दिनों तक गैंग के कई सदस्यों ने बलात्कार किया। एसीपी एल.एन. राव ने बताया कि कोतवाली पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर में 5 लोगों को नामजद किया गया है। यासीन भटौला, आबिद भटौला और महबूब पांडे को बुलंदशहर में दबोचा जा चुका है, जबकि नवाब और जावेद अभी भी फरार हैं।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में यासीन ने कबूल किया है कि वह महबूब पांडे गैंग का शार्प शूटर है। पत्रकार सिंकदराबाद के इरशाद और इदरिश हत्याकांड में गवाह है, जिसमें महबूब पांडे प्रमुख अभियुक्त है। पांडे और उसके गुर्गों ने पत्रकार को कई बार धमकी भी दी थी कि अगर उसने अपना नाम वापस नहीं लिया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कंपानी ने बताया कि बार-बार की धमकी से भी जब पत्रकार पीछे नहीं हटे तो गैंग ने पत्रकार के भाई की बेटी को किडनैप कर लिया। हालांकि, गैंग के लोग उसे पत्रकार की बेटी समझ रहे थे। साभार : नवभारत टाइम्‍स


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