''शाह टाइम्स'' अखबार का मालिक है शाहनवाज राणा

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शाहनवाज राणा: हिस्ट्रीशीटर रह चुका है : दो ट्रक स्क्रेप चोरी का इल्जाम : चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन में जेल जा चुका : राणा ग्रुप की कुल 11 कंपनियां : शाहनवाज की पहचान बाहुबली के रूप में भी : दिल्ली की दो लड़कियां, जो अपने दो पुरुष दोस्तों के साथ उत्तराखंड से लौट रहीं थीं, का अपहरण, छेड़छाड़ व दुराचार के मामले में बसपा से सस्पेंड किए गए विधायक शाहनवाज राणा का वेस्ट यूपी में जबरदस्त दबदबा है.

उनका परिवार इस क्षेत्र की राजनीति और बिजनेस में जबरदस्त दखल रखता है. यह परिवार मीडिया में भी घुस चुका है. ये लोग शाह टाइम्स नाम से एक हिंदी दैनिक दिल्ली, लखनऊ, देहरादून और मुजफ्फरनगर से प्रकाशित करते हैं. दिल्ली-देहरादून राजमार्ग पर बसपा विधायक शाहनवाज राणा के करीबियों ने अपहरण और बलात्कार की कोशिश का जुर्म किया. पीड़ित दो महिलाओं की शिकायत पर पुलिस ने दो सिपाहियों सहित पांच को अरेस्ट किया. इस मामले में बसपा सांसद कादिर राणा के दो रिश्तेदारों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में शक के घेरे में बसपा से निलंबित विधायक शाहनवाज राणा भी हैं. जो लोग अभी तक गिरफ्तार किए गए हैं, उनके नाम हैं- शाजाब, सद्दाम, नरेंद्र कुमार, जरार अहमद, मशरूफ, रागिब और दिलशाद. कुल तीन लोग जुनैद, इरशाद और जावेद अभी फरार हैं. दो गिरफ्तार पुलिसकर्मियों के नाम नरेंद्र कुमार और जरार अहमद हैं.

शानवाज की गिनती राजनेता और उद्यमी के साथ-साथ एक बाहुबली नेता के तौर पर भी की जाती है. उन पर छह मुकदमे चल रहे हैं. शाहनवाज मुजफ्फरनगर जिले के हिस्ट्रीशीटर भी रह चुके हैं. पिछले दिनों हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन पर से हिस्ट्रीशीटर का दाग हटा है. वर्ष 1999 में उन पर दो ट्रक स्क्रेप चोरी करने का इल्जाम लगा. शाहनवाज़ राणा ने 2003 में राजनीति में कदम रखा और मुजफ्फरनगर की कैराना लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन किस्मत की देवी ने उनका साथ नहीं दिया और वह रालोद की अनुराधा चौधरी से चुनाव हार गए. इस चुनाव के दौरान वे हारे और चुनाव आचार संहिता उल्लंघन में जेल जाना पड़ा.

शाहनवाज जब बेहद छोटे थे तो उनके पिता का देहांत हो गया था जिसके बाद उनकी मां की शादी उनके चाचा कमरूद्दीन से कर दी गई थी. मुजफ्फरनगर के मौजूदा सांसद कादिर राणा भी उनके ही परिवार के हैं, लेकिन दोनों के बीच अक्सर टकराव की खबरें भी आती रहतीं हैं. राणा ग्रुप में 11 कंपनियां शामिल हैं.  उड़ीसा, कोटद्वार, रूड़की, हस्तिनापुर समेत देश के कई हिस्सों में राणा ग्रुप का कारोबार है. राणा स्पोंज लिमिटेड, राणा कास्टिंग्स लिमिटेड, उत्तरांचल आयरन एंड इस्पात लिमिटेड, यूपी बोन मिल्स प्राईवेट लिमिटेड, राणा बार लिमिटेड, राणा स्टील्स, राणा पेपर लिमिटेड, राणा ग्रिडर्स लिमिटेड, दोआबा रोलिंग मिल्स प्राईटेड, श्री पारसनाथ रेफरेक्टोरिक्स प्राईवेट लिमिटेड, राणा एग्रीकल्चर लिमिटेड, ये वो ग्यारह कंपनियां हैं जो राणा ग्रुप में शामिल हैं. ग्रुप का हेड ऑफिस मुजफ्फरनगर में ही है जबकि दिल्ली के कीर्ती नगर इलाके में भी एक ऑफिस है.


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